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उप्र में सरकार की वरदह्स्ती से संघ के अनुषांगिक संगठन फैला रहे है सांप्रदायिक और जातीय हिंसा

कांग्रेस और सपा दोनो कम्युनल फोर्सेज को हराने में 'नॉन सीरियस' – डॉ. रमेश दीक्षित

लखनऊ 19 फरवरी 2018। प्रदेश के बढ़ते हुए अपराध तथा भगवा गमछे वाले गुंडों से आम जनजीवन बुरी तरह पीड़ित है। यही नही भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से की जाने वाली मारपीट तथा अभद्रता की घटनाएं आम हो गयी हैं। भाजपा के सहयोगी संगठनो को मुख्यमंत्री द्वारा दी गयी छूट के कारण प्रदेश के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सभी लोकतान्त्रिक पार्टियों को व्यापक एकता बनाते हुए इस फासीवादी साम्प्रदायिक निजाम को उखाड़ फेंकना होगा तभी जनता तथा अधिकारी सुरक्षित रह पायेंगें। 

उक्त बातें आज नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टीं के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमेश दीक्षित ने दारूलशफा स्थित बी ब्लाक कामनहाल में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलों, महानगरो के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहीं।

श्री दीक्षित ने कहा लोकसभा के उपचुनाव में राकांपा चुनाव नहीं लडेगी। परन्तु उन्होंने ये भी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस उपचुनाव में साझा प्रत्याशी उतारना चाहिए था ताकि सांप्रदायिक ताकतों को हराया जा सके। दोनों ही दल फिलहाल सांप्रदायिक ताकतों को हराने में “नॉन सीरियस” दिख रहे है।

डॉ. दीक्षित ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए सभी लोकतान्त्रिक दलों के बीच एक व्यापक एकता बननी आज के वक़्त की दरकार है।

उन्होंने कहा कि सदस्यता फार्म की सूची 15 मार्च तक तथा जिला व महानगर अध्यक्ष, जिला कार्यकारणी की सूची, फ्रण्टल तथा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष 10 मार्च तक प्रदेश कार्यकारिणी की सूची उपलब्ध करा दे। प्रदेश कार्यकारिणी की अध्यक्षता डॉ. रमेश दीक्षित तथा संचालन शर्मापूरन ने किया।

राकापा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिलाध्यक्ष स्थानीय समस्याओ के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय पर 8 मार्च से 20 मार्च तक धरना प्रदर्शन करें। खेती-किसानी की दशा बिगड़ रही है। खाद, बीज, बिजली, नहरो का पानी नही मिल रहा है, फसल के लाभकारी मूल्य छलावा साबित हो रहा है और किसान भुखमरी व ख़ुदकुशी के कगार पर पहुँच रहा है।

श्री दीक्षित ने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नही है, अपराधियों को  संरक्षण मिल रहा है निर्दोष लोगो को बदमाश बताकर हत्या की जा रही है। प्रदेश में सरकार को संघ के फ्रंटल संगठन चला रहे हैं। बजट में भी किसान व मजदूर की उपेक्षा की है तथा झूठा आश्वासन देकर गुमराह किया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आलू किसान आत्महत्या कर रहा है। सरकार को चाहिए कि अन्य वस्तुओं की भाँति आलू खरीद की व्यवस्था करें तथा आलू से बनने वाले खाद्य पदार्थाे का उत्पादन किया जाए, बन्द चीनी मिलों को चालू कराया जाए तथा मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।

श्री दीक्षित ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के विरोध में मार्च के अन्तिम सप्ताह में विधानसभा पर प्रदर्शन किया जायेगा। प्रो0 दीक्षित ने कहा जब तक विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी से रिकवरी नहीं हो जाती किसानों से कोई कर्ज वसूली नहीं की जाए।

बैठक के अन्त में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टीं के संस्थापक श्री पी.ए. संगमा व प्रदेश के उपाध्यक्ष जमाल खाँ की माँ तथा प्रदेश महासचिव श्री सतीश चतुर्वेदी के पिता जी के निधन पर श्रद्धाजलि अर्पित की गयी। बैठक को सर्वश्री रामसनेही मिश्रा, के.डी. मिश्रा, मेहदी अब्बास रिजवी, डा0 आर. बी. लाल, हरिश्चन्द्र सिंह, पदम् श्रीवास्तव, अरूण यादव, सतीश चतुर्वेदी, श्री एम.टी. अंसारी, शशांक शेखर सिंह, महराजदीन चैधरी, आनन्द कुमार, दयानन्द भास्कर, संजय दीप कुशवाहा, डा0 रमेश यादव, चौधरी अख्तर अली, फसाहत अली, फहमीदा बेगम, मो0 इस्माइल प्रेमशंकर मिश्रा, आदि ने सम्बोधित किया।

बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा लगभग 40 जिलाध्यक्षों ने भाग लिया।

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