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जेएनयू के मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई, सरकार से अनुमति बगैर दाखिल कर दी चार्जशीट

नई दिल्ली, 19 जनवरी। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Delhi's Jawaharlal Nehru University) (जेएनयू) में कथित देश विरोधी नारों anti-nation slogans से जुड़े मामलों में दायर चार्जशीट chargesheets को लेकर अब दिल्ली पुलिस मुश्किल में पड़ गई है। आज दिल्ली की एक अदालत (court) ने दिल्ली पुलिस Delhi Police को चार्जशीट दाखिल करने में प्रक्रिया का पालन न करने पर लताड़ लगाई है।

आपको बता दें कि देशद्रोह के मामले में दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार से अनुमति लेनी होती है। यह अनुमति दिल्ली सरकार का विधि विभाग (Law Department) देता है। यदि दिल्ली सरकार अनुमति नहीं देती है तो आरोपियों पर लगे आरोप खारिज हो जाएंगे। अब दिल्ली  पुलिस का 10 दिनों के भीतर मंजूरी लेनी होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार से मंज़ूरी के बग़ैर ये चार्टशीट क्यों दाख़िल की गई। अदालत ने चार्टशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया। दरअसल देशद्रोह के मामले में सीआरसीपीसी की सेक्शन 196 के तहत बिना सरकार की मंज़ूरी के अदालत चार्टशीट पर संज्ञान नहीं ले सकती।

चर्चित एंकर बुशरा खानम फहाद  (Bushra Khanum) ने सवाल किया कि दिल्ली पुलिस ने बिना सरकार की मंज़ूरी के किसके कहने पर ये चार्टशीट दाखिल की ?

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In the case of JNU, the court rebuked the Delhi Police

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