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कश्मीर की आजादी’ : झूठ और भ्रम के राजनैतिक प्रयोग में निष्णात हैं मोदी

शपथग्रहण से लेकर लगातार पाक के भ्रष्ट पीएम नवाज शरीफ की गलबहियां करने वाले मोदी कांग्रेस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगा रहे हैं।

मधुवन दत्त चतुर्वेदी

कमाल है !

पाकिस्तान के साथ पूर्णयुद्ध जीतकर उसके एक लाख सैनिकों का आत्मसमर्पण कराने वाली कांग्रेस को, उसका विभाजन तक करदेने वाली कांग्रेस सरकार को, मोदीजी सर्जिकल स्ट्राइक का झुनझुना बजा कर अपने शौर्य का बखान कर रहे हैं। शपथग्रहण से लेकर लगातार पाक के भ्रष्ट पीएम नवाज शरीफ की गलबहियां करने वाले मोदी कांग्रेस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगा रहे हैं। और कांग्रेस चुप है !

'कश्मीर की आजादी'

को लेकर मोदी ने चिदंबरम और कांग्रेस पर निशाना साधा है। मोदी झूठ और भ्रम के राजनैतिक प्रयोग में निष्णात हैं। थकी हुई पैलेट गनों की सलामी लेने के लिए, 'किसी से भी बातचीत' के लिए मोदी ने पूर्व आईबी चीफ शर्मा को भेजा हुआ है, खुद अलगाववादियों और उनकी समर्थक पीडीपी के साथ सरकार चला रहे हैं, लेकिन शेष भारत में अपने मिथ्या शौर्य का भ्रम फैलाने के लिए चिदंबरम के बयान के बहाने कांग्रेस को आजादी के सवाल पर घेर रहे हैं। आजादी शब्द से डरने वाली बीजेपी और मोदी कश्मीर तथा कश्मीरियों की आजादी की बात पर बौखलायेंगे यह स्वाभाविक है। आजादी तो उन्हें भारत के किसी नागरिक की, किसी राजकीय संस्था और संस्थान की मंजूर ही नहीं है। समझौते और संविधान के दायरे में कश्मीर और कश्मीरी पूरी आजादी के हक़दार क्यों नहीं हैं ?

धैर्य और शौर्य

का गजब घालमेल कर रहे हैं मोदी जी। ढोकलाम विवाद पर उन्होंने चीन की शक्ति को स्वीकार करते हुए भारत के धैर्य के लिए अपनी पीठ थपथपाई है। वे धैर्य को शौर्य के रूप में सामने रख रहे हैं वह भी तब जबकि पुरे भारत का मीडिया और वे खुद इस बात के लिए बदनाम हो चुके हैं कि सच को छुपाकर मोदी का महिमागान करते रहें। चीनी घुसपैठ और आक्रामकता से निबटने में उनकी सरकार वस्तुतः असफल रही है, उनके कार्यकाल में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं और चीनी मीडिया सहित अन्य देशों की मीडिया ने भारत में सरकार के अंदरूनी प्रचार की पुष्टि नहीं की है। चीनी अभी भी वहीँ हैं और अपनी कारगुजारियों में लगे हैं जबकि ढोकलाम पर हम पहले पीछे हटने को सहमत हुए थे, ऐसी भी रिपोर्टिंग्स हैं।

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