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पाक में और गहराया राजनीतिक संकट

Political crisis deepens in Pakistan

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2014. पाकिस्तान में राजनीतिक संकट (Political crisis in Pakistan) और गहराता जा रहा है। पाकिस्‍तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान के आजादी मार्च और पाकिस्तान आवामी तहरीक (Pakistan Awami Tehreek) के मुखिया ताहिरूल कादरी के इंकलाब मार्च (Tahirul Qadri’s Inquilab March) ने पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलात में इजाफा कर दिया है।

“When injustice becomes law, resistance becomes duty.” Yesterday we took a giant step 4 Naya Pakistan & democracy..

— Imran Khan (@ImranKhanPTI) August 20, 2014

खबर है कि सरकार की चेतावनी को धता बताते हुए इमरान खान के समर्थक मंगलवार देर रात को इस्लामाबाद के रोड जोन (निषिद्ध क्षेत्र) में घुस गए। देर रात 3 बजे इमरान खान का काफिला इस्लामाद के डी चौक पहुँचा। इमरान ने साफ कर दिया है कि वह शरीफ के इस्तीफे के बाद ही पीछे हटेंगे। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘नवाज शरीफ यह आखिरी ओवर है, अब आप मैच नहीं जीत सकते। पाकिस्तान में नया सवेरा होने वाला है।’ ताजा जानकारी के मुताबिक आजादी और इंकलाब मार्च के समर्थक पाकिस्तानी संसद (नेशनल असेंबली) तक पहुंच गए हैं और संसद के सामने ही उनका विरोध प्रदर्शन जारी है।

पीटीआई प्रमुख इमरान ने शरीफ को इस्तीफे के लिए बुधवार रात तक की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि अगर नवाज इस्तीफा नहीं देते हैं उनके पास नया प्लान भी है।

ताहिरूल कादरी के समर्थक भी मंगलवार देर रात को पाकिस्तानी संसद के पास पहुँचे। कादरी ने ऐलान किया है कि बुधवार को पीएटी संसद भवन के सामने आवामी संसद के सत्र का आयोजन करेगी। उनकी मांग है कि शरीफ सत्ता छोड़ें। कादरी ने आरोप लगाया है कि नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने पीएटी कार्यकर्ताओं के खिलाफ फायरिंग के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा सरकार असंवैधानिक है। संवैधानिक सुधार के मद्देनजर हम केंद्र में नई सरकार का गठन करना चाहते हैं। नई सरकार के गठन तक हमें पीछे नहीं हटना है।’

इमरान खान का दावा है कि 2013 के चुनावों में कम से कम 35 सीटों पर खुलेआम वोटों में गड़बड़ी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साजिश में कई वरिष्ठ जज, अधिकारी और चुनाव अधिकारी शामिल थे। उन्होंने इन सीटों पर पुनर्मतगणना की माँग की थी। हालाँकि, ऐेसा सिर्फ 10 सीटों पर करवाया गया।

पीएम नवाज शरीफ ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए आरोप की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठन करने की पेशकश की, जिसे इमरान खान ने खारिज कर दिया।

Our Azadi March is constitutional & democratic.

— Imran Khan (@ImranKhanPTI) August 19, 2014

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