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फिर किया संघ ने देश को शर्मिंदा, मंच पर केवल प्रणबदा भारतीय वेशभूषा में… राष्ट्र ध्वज न फहराने और राष्ट्रगान न गाने पर उठे सवाल

नई दिल्ली,07 जून। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के तृतीय वर्ष के समारोह में पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन के अवसर पर एक बार फिर संघ ने शर्मिंदा किया। सोशल मीडिया पर संघ की निन्दा हो रही है।

कार्यक्रम के जो फुटेज सामने आए हैं उनमें साफ देखा जा सकता है कि मंच परजितने भी लोग हैं उनमें भारतीय वेशभूषा कुर्ताधोती में केवल पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ही हैं।

ट्विटर पर शास्त्री कोसलेन्द्र दास ने चुटकी ली यह सबसे जोरदार बात है कि संघ के मंच पर भारतीय वेशभूषा यानी #धोती में सिर्फ @CitiznMukherjee जी हैं।

उधर इस कार्यक्रम में न तो राष्ट्रध्वज फहराए जाने की तस्वीरें दिखाई दीं और न राष्ट्रगान गाए जाने की।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा –

“हमने तिरंगे को ऊपर नहीं देखा या आरएसएस मुख्यालय में राष्ट्रीय गान नहीं गाया। प्रणव मुखर्जी की स्पष्टता और दृढ़ विश्वास की क्षमता में कोई संदेह नहीं था, लेकिन संवाद के लिए दूसरी तरफ सुनना और बदलना चाहिए, उम्मीद है कि आरएसएस ऐसा करेगा।“

वरिष्ठ पत्रकार सलीम अख्तर सिद्दीकी ने फेसबुक पर लिखा –

“संघ के आज कार्यक्रम में राष्ट्रगान नहीं हुआ ना? और वो तिरंगे का क्या रहा?

भगवा लहरा था क्या?”

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सी मंडल ने फेसबुक पर लिखा –

“जिस आदमी ने सेना के तीनों अंगों को कमांड किया था, उनके सम्मान में तो तिरंगा फहरा देते संघी चूहों। आज भी उन्होंने भगवा लंगोट ही फहराया। नहीं सुघरेंगे।

– संघियों के लिए चूहा शब्द बाबा साहेब की किताब “एनिहिलेशन ऑफ कास्ट” से।”







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