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अपने यहां भी कायदे से एक थियानमेन चौक मांगता है जगदीश सर! #JNUTank

लेकिन अहिंसा से तो देशभक्ति नहीं आएगी बॉस।

अभिषेक श्रीवास्तव

एक से एक दिलचस्‍प प्राणी हैं इस जगत में। अर्नब गोस्‍वामी ने आज प्राइम टाइम शो किया #RepublicForJNUTank के नाम से। इसी हैशटैग से एक सज्‍जन ने ट्वीट किया, ''व्‍यावहारिक बनो, एक जगह टैंक रखवाओगे तो बाकी संस्‍थान भी टैंक की मांग करेंगे।'' सलाह में दम है।

वाकई, अगर उच्‍च शिक्षा के सारे संस्‍थान अपने यहां एक टैंक की मांग सरकार से करने लगे तो ब्‍लंडर हो जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक देश में उच्‍च शिक्षा के कुल 37,881 संस्‍थान हैं। ग्‍लोबल फायर पावर के आंकड़े के मुताबिक भारतीय फौज के पास कुल 4,426 टैंक हैं। मान लिया कि एक टैंक प्रति संस्‍थान भी तैनात कर दिया गया तो बाकी 33,455 संस्‍थानों का क्‍या होगा?

चलिए, वायुसेना के कुल 2102 विमानों और 6704 बख्‍तरबंद वाहनों को भी जोड़ लें तो संख्‍या होती है 8806, यानी अब भी एक वाहन एक संस्‍थान में तैनात करने पर 24,649 संस्‍थान देशभक्ति से महरूम रह जाएंगे। समस्‍या गंभीर है। आइए, अब शिक्षण संस्‍थानों में सीधे फौजियों को उतार कर देखते हैं। फौज में कुल 4,207,250 सिपाही हैं (अफसरों समेत) जिनमें दो-तिहाई रिजर्व ताकत है और एक-तिहाई सक्रिय। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक सभी उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में पंजीकृत छात्रों की कुल संख्‍या 2,85,60,000 है। इसका मतलब कुल 37,881 संस्‍थानों में औसतन 750 छात्र प्रति संस्‍थान पंजीकृत हैं। हमारे सारे टैंक और बख्‍तरबंद वाहन खपने के बाद जो 24,649 संस्‍थान बच रहे हैं, उनकी कुल छात्र संख्‍या 750 के हिसाब से 1,84,86,750 के आसपास बैठेगी।

यानी एक करोड़ 84 लाख 86 हज़ार 759 छात्रों पर केवल 42 लाख सात हज़ार 250 फौजी? मने एक फौजी के जिम्‍मे औसतन चार छात्र से ज्‍यादा? सब खप जाएगा- आदमी, टैंकर, ट्रक, वाहन, लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्‍टर … लेकिन अहिंसा से तो देशभक्ति नहीं आएगी बॉस। अपने यहां भी कायदे से एक थियानमेन चौक मांगता है जगदीश सर!

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