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स्वच्छता अभियान : गिनीज़ बुक में नाम लिखाने की डीएम की जिद ने ली बबिता की जान

अनपरा, सोनभद्र, 4 फरवरी, 2018, जैसे गुलामी से पहले अंग्रेजों से राय बहादुर की पदवी पाकर देश में कुछ लोग खुश रहते थे और अंग्रेजों की चाकरी करते थे। उसी तरह इस समय गिनीज़ बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम लिखाने होड़ चल रही है। इसके लिए डीएम की जिद गुलामी और सामंती मानसिकता का प्रतीक है और पूरे जनपद के सरकारी संसाधनों को जिला प्रशासन ने झोंक दिया। हालत यह है कि ग्रामस्तर के प्रतिनिधियों व सरकारी विभिन्न संस्थानों से इसके लिए दबाब बनाकर संसाधन जुटाएं गए। जिलाधिकारी के द्वारा किए इस मनमानें और असंवैधानिक फैसले के कारण ही बबिता की दुखदः मृत्यु हुई है इसलिए सीधे तौर पर इस मौत की जबाबदेही उनकी ही बनती है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की संवेदनहीनता की स्थिति यह है कि अभी भी अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगनें और बबिता के परिजनों को मुआवजा देने की जगह वह तानाशाही बरत रहा है। इसलिए अब प्रदेश सरकार को डीएम के खिलाफ कार्यवाही की घोषणा करनी चाहिए अन्यथा उसे जनपद में बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।

यह बातें आज यू0 पी0 वर्कर्स फ्रंट और ठेका मजदूर यूनियन की बैठक में स्वराज अभियान के राज्य समिति के सदस्य और वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहीं।

बैठक में बबिता की अकाल मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट करते हुए प्रस्ताव लिया गया और दो मिनट का मौन रखा गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से इस जनपद की जनता जानना चाहती है कि इस मानव श्रृखंला को बनाने में किस मद का पैसा खर्च किया गया, इसलिए इसमें खर्च हुए धन की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।

उन्होंने कहा अपना नाम चमकाने की जगह यदि जिला प्रशासन वास्तव में स्वच्छता के लिए हर ग्रामीण और शहरी परिवार को शौचालय देने का काम करता और सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी नियुक्त करता तो जनपद चमक जाता। आज भी जनपद की सफाई व्यवस्था की हालत यह है कि दूर की बात छोड़ दे जनपद मुख्यालय के विकास भवन में डीपीआरओ के आफिस के पास बना शौचालय तक गदंगी से पटा हुआ है। गांव की बात तो छोड़ दे जनपद में रेनुकूट, पिपरी, अनपरा, आबरा जैसे औद्योगिक केन्द्रों तक में लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है।

उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान जनपद के सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर डीएम के इस तुगलकी फैसले के खिलाफ आंदोलन करेगा। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष सुरेन्द्र पाल और संचालन मंत्री राजेश सचान ने किया। बैठक में तेजधारी गुप्ता, महेन्द्र प्रताप सिंह, राजेन्द्र प्रसाद गोड़, मोहम्मद सलीम, मुश्ताक अहमद, संजय लहरी, जगत जायसवाल, कन्हैया सिंह, चंद्रशेखर पाठक आदि ने अपनी बात रखी।

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