Home » समाचार » देश » शिव वर्मा : कालापानी सहित 17 साल की सजा हुई, लेकिन न माफी मांगी न 60 रुपये मासिक वजीफा लिया और न ही वीर कहलाये
शिव वर्मा : कालापानी सहित 17 साल की सजा हुई, लेकिन न माफी मांगी न 60 रुपये मासिक वजीफा लिया और न ही वीर कहलाये
शिव वर्मा : कालापानी सहित 17 साल की सजा हुई, लेकिन न माफी मांगी न 60 रुपये मासिक वजीफा लिया और न ही वीर कहलाये

शिव वर्मा : कालापानी सहित 17 साल की सजा हुई, लेकिन न माफी मांगी न 60 रुपये मासिक वजीफा लिया और न ही वीर कहलाये

शिव वर्मा को लाहौर षड्यंत्र केस में कालापानी सहित 17 साल की सजा हुई थीं (Shiv Verma was sentenced to 17 years in the Lahore conspiracy case, including Kalapani.)। अंडमान में उनकी आंखें खराब हो गयी। देश की आज़ादी के बाद जेल से छूटे। उनकी पुस्तक संस्मृतियाँ को क्रांतिकारियों की एकमात्र प्रामाणिक पुस्तक कहा जाता है। इसमें महावीर सिंह सहित कई क्रांतिकारियों की सत्य गाथा है कि किस तरह अंडमान के अत्याचार में वे मिट गए, लेकिन न माफी मांगी न 60 रुपये मासिक वजीफा लिया और न ही वीर कहलाये और न ही उनको भारत रत्न देने का चुनावी वायदा हुआ।

काश हर घर में यह किताब पढ़ी जाए। मेरे जीवन की श्रेष्ठ पुस्तक। पुस्तक को नेशनल बुक ट्रस्ट ने छापा है। अपील है कि इस बार दीवाली पर केवल यह पुस्तक उपहार नें दें। कीमत डेढ़ सौ से कम ही होगी।

पंकज चतुर्वेदी

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One comment

  1. पंकज चतुर्वेदी और हस्तक्षेप को कामरेड शिव वर्मा पर लेख के लिए शुक्रिया।

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