डॉ. लोहिया की पुण्य तिथि पर एकजुट हुए समाजवादी व वांमपंथी

Socialist and Leftist united on the death anniversary of DR. Lohia

सिंगरौली। बैढन स्थित किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच के कार्यालय पर डॉ. लोहिया की 47 वीं पुण्य तिथि पर रविवार शाम को 4 बजे से एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में डॉ. लोहिया के विचारों और कार्यशैली को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता प्रखर समाजवादी व पुरानी कार्यकर्ता श्रीमती चंपा देवी द्वारा किया गया।

उन्होंने बताया कि लोहिया एक संघर्षशील नेता व समाजवाद के सच्चे सिपाही थे। सफलता के लालच में बिना पड़े उन्होने 57 वर्ष की छोटी सी जिन्दगी समाजवादी विचार को गढ़ने और व्यवहार में लाने में खर्च कर दिया।

इस विषय पर बोलते हुए श्री लक्ष्मीचन्द दुबे ने कहा कि आज देश को डॉ. लोहिया जैसे नेताओं की जरूरत है जो देश में जारी कार्पोरेट लूट और अन्याय के खिलाफ विद्रोह के हालात पैदा कर सके।

इस अवसर पर बोलते हुए ऑॅल इण्डिया यूथ फेडरेशन के मध्य प्रदेश राज्य सचिव और एटक नेता श्री संजय नामदेव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों से देश को उबारने के लिए समाजवादियों और वांमपंथियों को साथ में आना होगा और यह सामन्जस्य पैदा करना डॉ. लोहिया के सपने को साकार करने की दिशा में अहम साबित होगा।

किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच की सदस्या एकता ने कहा कि डॉ. लोहिया के सप्त क्रान्ति के नारे को पुनः बुलन्द करते हुए नये दौर के उभरते हुए सवालों पर मजबूत आन्दोलन खड़ा करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर श्री अम्बिका नामदेव द्वारा यह प्रस्ताव किया गया कि राज्य के पाठ्यक्रमों में डॉ. लोहिया, जय प्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं की जीवनी और वैचारिकी शामिल करने तथा सिंगरौली जिले में डॉ. लोहिया की एक मूर्ति राज्य शासन द्वारा स्थापित कराने के लिए एक मजबूत आन्दोलन किया जाए। इन प्रस्तावों को उपस्थित सभी सदस्यों ने स्वीकार किया।

कार्यक्रम का संचालन रवि शेखर ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पन्नेलाल, मंजु सिंह, वेद प्रकाश, राजकुमार, रंजन, सुनिल, हरिशचन्द्र कुशकाहा, सुदामा कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।

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