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Tag Archives: अनिल चमड़िया

जातिवादी होकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता

जातिवादी होकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता The fight of social justice can not be carried forward by being a racist सामाजिक न्याय आंदोलन तेज करो! भाजपा-आरआरएस शिकस्त दो!! भागलपुर एक दिवसीय जिलास्तरीय सामाजिक न्याय सम्मेलन Bhagalpur One day District level Social Justice Conference भागलपुर, 04 नवंबर। वरिष्ठ पत्रकार व बुद्धिजीवी अनिल चमड़िया ने कहा …

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आरक्षण विरोधी हैं निजीकरण के समर्थक – अनिल चमड़िया

आरक्षण विरोधी हैं निजीकरण के समर्थक – अनिल चमड़िया पटना, 07 अक्तूबर। नये दौर में नये सिरे से सामाजिक न्याय आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु 7 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में राज्य के दर्जनों जिले के सामाजिक न्याय के लिए संघर्षशील संगठनों के प्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों का राज्यस्तरीय सम्मेलन हुआ। सामाजिक न्याय के नाम पर चल रही समर्पणकारी …

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आप राज्यपाल हैं या फिर वजुभाई वाला ?

आप राज्यपाल हैं या फिर वजुभाई वाला ? अनिल चमड़िया मान लें यदि कर्नाटक के राज्यपाल ने विधायकों की संख्या के आधार पर बहुमत मानकर कांग्रेस और जेडीएस के संयुक्त विधायक दल के नेता कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया होता तो लोकतंत्र को क्या हासिल होता? हमारे अंदर लोकतंत्र का विचार प्रेमचंद की कहानी …

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जयपुर में होगा ‘‘जन-साहित्य पर्व’’

जयपुर। ‘‘जन-साहित्य पर्व’’ का दो दिवसीय आयोजन ‘‘साझा सांस्कृतिक मोर्चे’’ द्वारा देराश्री शिक्षा सदन, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में 24 व 25 जनवरी, 2018 को आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए ‘‘जन-साहित्य पर्व’’ के संयोजक – प्रेमकृष्ण शर्मा व संदीप मील ने कहा कि “हमारे देश में राष्ट्रीय जन-आंदोलनों के साथ जनसाहित्य और जन-संस्कृति की एक स्वतंत्र धारा …

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जिग्नेश मेवाणी का सभी प्रगतिशील ताकतों से साथ आने का आह्वान

जिग्नेश मेवाणी का सभी प्रगतिशील ताकतों से साथ आने का आह्वान मुकुल सरल बीती 20 अगस्त को प्रेस क्लब, दिल्ली में ऊना (गुजरात) आंदोलन के प्रमुख चेहरे जिग्नेश मेवाणी से मुलाकात हुई। उनसे मुलाकात और संवाद का यह कार्यक्रम मीडिया स्टडीज ग्रुप, दिल्ली ने आयोजित किया था। जिग्नेश ने जिस साफगोई से अपनी बात रखी और सभी सवालों का जिस …

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हिन्दुत्व के हमले को कभी बीजेपी ‘लीड’ करती है तो कभी कांग्रेस- चमड़िया

आरएसएस के खूनी अभियान को राज्यसत्ता का संरक्षण हासिल है और देश की पुलिस आरएसएस के सुरक्षा बल के बतौर काम कर रही है… लालू-नीतीश का सेकुलरिज़्म अत्यंत ही खोखले किस्म का है जो अल्पसंख्यकों का वोट बटोरने तक ही सीमित है… भारत में जातिवाद और हिंदूवाद दोनों से लड़ने की जरूरत है। जातिवाद को छूट देकर हिंदुवाद से नहीं …

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साहेब को बस एक धक्‍का ज़ोर से…। हमारी भी उम्र बढ़ जाएगी और आपकी भी।

अब अच्‍छा लग रिया है। थोक के भाव में लेखकों ने सरकार से लिए पुरस्‍कार वापस कर दिए। उदय प्रकाश से शुरू हुआ यह काम मंगलेश डबराल, राजेश जोशी, कृष्‍णा सोबती, अशोक वाजपेयी, सच्चिदानंदन, पंजाब, कश्‍मीर व कन्‍नड़ के लेखकों तक जा पहुंचा है। इससे भी सुखद यह है कि कल मंडी हाउस से निकली रैली में नीलाभजी, पंकज सिंह, …

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टेरर पॉलिटिक्स पर वार करती ’ऑपरेशन अक्षरधाम ’

यह पुस्तक अक्षरधाम मामले का अनुसंधानपरक और मुक्कमल पर्दाफाश है। वरुण शैलेश देश में कमजोर तबकों दलित, आदिवासी, पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को दोयम दर्जे की स्थिति में बनाए रखने की तमाम साजिशें रचने तथा उसे अंजाम देने की एक परिपाटी विकसित हुई है। इसमें अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिम आबादी को निशाना बनना सबसे ऊपर है। सांप्रदायिक हिंसा से लेकर …

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अखिलेशियन समाजवाद – यहाँ लेखक, कवि, पत्रकार, कलाकार सब दंगाई !

वरिष्‍ठ कवि अजय सिंह, प्रो. रमेश दीक्षित, पत्रकार कौशल किशोर, सत्‍यम वर्मा, रामकृष्‍ण समेत 16 लोगों पर दंगा भड़काने की कोशिश के आरोप में एफआइआर, भगवा दंगाइयों के खिलाफ शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं नई दिल्ली। कर्नाटक के धारवाड़ में कन्‍नड़ के साहित्‍य अकादेमी विजेता विद्वान प्रो. एम.एम. कलबुर्गी की दिनदहाड़े हत्‍या को एक हफ्ता भी नहीं बीता …

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ऊंची जातियां कपटी, छोटी जातियां बेजान

ऊंची जातियां कपटी, छोटी जातियां बेजान साम्‍प्रदायिक नहीं हैं पिछड़ी जातियां पिछड़ा वर्ग साहित्‍य आंदोलन खड़ा करेगा सबसे ज्‍यादा मतदाता हैं, लेकिन राष्‍ट्रीय मुद्दों में हस्‍तक्षेप न के बराबर है। सबसे ज्‍यादा आबादी है, लेकिन सबसे ज्‍यादा असंगठित समाज यही है। सबसे ज्‍यादा कामगार इसी वर्ग के हैं, लेकिन अधिकांश बेराजगार हैं। सबसे ज्‍यादा कारीगर भी इस समाज के हैं, …

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