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Tag Archives: अभिषेक श्रीवास्तव

लेखकों, कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों, बुद्धिजीवियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की अपील – मोदी को हराने के लिए वोट दें

Modi go back

लेखकों, कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों, बुद्धिजीवियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की अपील – मोदी को हराने के लिए वोट दें हम मतदाताओं से अपील करते हैं कि लोकसभा चुनाव -2019  में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए वोट दें। मतदाताओं से अपील है कि वे युद्धोन्माद फ़ैलाने वाली और झूठे राष्ट्रवाद के नाम पर देश को …

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मुझे शक़ है कि गांधी का कथित राष्‍ट्रवाद कहीं हिंदू राष्‍ट्रवाद का ही एक अंश तो नहीं?

मुझे शक़ है कि गांधी का कथित राष्‍ट्रवाद कहीं हिंदू राष्‍ट्रवाद का ही एक अंश तो नहीं? अभिषेक श्रीवास्तव (राष्‍ट्रवाद पर बहस: संदर्भ 'न्‍यूज़लॉन्‍ड्री' का आयोजन) लंबे समय से यह सवाल बना हुआ है कि आरएसएस के हिंदू राष्‍ट्रवाद के सामने कौन सा नैरेटिव मुकाबिल हो। पिछले तीन साल के दौरान इस पर कुछ गंभीर काम हुआ है। 1857 की …

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संदर्भ पांच गिरफ्तारियां, उनकी राजनीति, हमारे दिलासे : यह सरकार के लिए बैकफायर नहीं है, ऑक्‍सीजन है।

संदर्भ पांच गिरफ्तारियां, उनकी राजनीति, हमारे दिलासे : यह सरकार के लिए बैकफायर नहीं है, ऑक्‍सीजन है। अभिषेक श्रीवास्तव हाल में हुई पांच गिरफ्तारियों पर अदालत की ओर से अगले गुरुवार तक लगी अस्‍थायी रोक को लेकर दो दिनों से एक आम राय यह सुनने में आ रही है कि सरकार के लिए यह मामला बैकफायर कर गया है क्‍योंकि …

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मीडिया को सरकार की चिंता है लेकिन देश की जनता की नहीं

रिहाई मंच ने लखनऊ में किया ‘लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते हमले और नया प्रतिरोध’ पर सम्मेलन दलित समाज के ऊपर हो रही हर नाइंसाफ़ी के खिलाफ लड़ाई तेज़ करने की जरूरत – कमल सिंह वालिया मीडिया को सरकार की चिंता है लेकिन देश की जनता की नहीं – पंकज श्रीवास्तव पूरे देश को गुजरात माडल में तब्दील करने की कोशिश …

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संविधान की रक्षक न्यायपालिका खुद भारतीय संविधान की हत्या करने पर उतारू है

चंद्रशेखर को रिहा करो लोकतान्त्रिक संस्थाओं पर हमले बंद करो      सम्मेलन राजिंदर सच्चर को याद करते हुए सहारनपुर दलित हिंसा के एक साल मीडिया विजिल के दो साल पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते हमले और नया प्रतिरोध 6 मई 2018, रविवार, शाम 3:30 बजे से कैफ़ी आज़मी एकेडमी (गुरुद्वारा रोड), निशातगंज, लखनऊ वक्ता- कमल वालिया (भीम आर्मी)                          हिमांशु कुमार (गांधीवादी …

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लोकतान्त्रिक संस्थाओं पर बढ़ते हमले के खिलाफ रिहाई मंच 6 मई को करेगा लखनऊ में सम्मेलन

भीम आर्मी के मंजीत सिंह नौटियाल, गांधीवादी कार्यकर्ता हिमांशु कुमार, मीडिया विजिल के संस्थापक संपादक पंकज श्रीवास्तव, पूर्व आईजी एसआर दारापुरी, अल्पसंख्यक अधिकार मंच के शमशाद पठान और मीडिया विजिल के कार्यकारी संपादक अभिषेक श्रीवास्तव होंगे वक्ता लखनऊ 28 अप्रैल 2018. रिहाई मंच राजिंदर सच्चर की स्मृति में, शब्बीरपुर दलित विरोधी हिंसा एक साल और मीडिया विजिल के दो साल …

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क्या सही साबित हो गए प्रकाश करात ?

भाजपा देश को कांग्रेसमुक्‍त कर पाए या नहीं, लेकिन कांग्रेस ज़रूर डूबते-डूबते देश को वाममुक्‍त कर जाएगी अभिषेक श्रीवास्तव त्रिपुरा का चुनाव परिणाम संसदीय वामपंथी दलों, खासकर सीपीएम के लिए एक ज़रूरी संदेश है कि अब वाम राजनीति करना कांग्रेस के कंधे पर चढ़कर मुमकिन नहीं रह गया है। इस नतीजे ने सीपीएम के भीतर येचुरी-करात डिबेट में करात की …

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क्या देश के अंदर एक अवैध सेना का निर्माण किया जा चुका है ?

अभिषेक श्रीवास्तव मोहनजी भागवत के ताज़ा बयान से कुछ बातें साफ़ हैं जिन्हें अब तक कुछ लोग हलके में लेते आये थे. 1- RSS के पास भारत सरकार की आधिकारिक सेना के समानांतर एक हथियारबंद सेना मौजूद है. 2- भारतीय सेना के जैसा अनुशासन संघ की सेना में है, जैसा उन्होंने कहा. 3- भारत सरकार की सेना जंग की तैयारी …

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डरा हुआ इंसान प्रेम कैसे सहेगा? जो अब तक नहीं डरा, वह प्रेम कर लेता है, फिर अंकित मारा जाता है…

अभिषेक श्रावास्तव (अंकित के हत्‍यारे पकड़े गए, अगला सवाल?) अंकित सक्‍सेना की ख़बर शाम को मिली। घर लौटकर देखा तो मसला सोशल मीडिया पर गरमाया पड़ा था। हिंदूमना लोग इस लड़के को ऐसे क्‍लेम कर रहे हैं जैसे बिछड़े हुए भाई हों। इस मौत पर हो रही हिंदूवादी राजनीति से ख़फ़ा लोग मृतक से अतिरिक्‍त प्रेम दिखा रहे हैं, जैसे …

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ये सरकार 2019 में लौटी तो पत्रकारिता के ताबूत में आखिरी कील होगी

अभिषेक श्रीवास्तव पंद्रह साल पहले तक यह स्थिति थी कि डेस्‍क पर काम करने वाला पढ़े से पढ़ा आदमी हीनभावना से ग्रस्‍त रहता था। रिपोर्टिंग में जाने को मचलता रहता था। कोई प्रिविलेज जैसा उसे अहसास होता था फील्‍ड रिपोर्टर होने में। धीरे-धीरे हालात यों बने कि फील्‍ड का आदमी डेस्‍क पर लौटने की इच्‍छा ज़ाहिर करने लगा क्‍योंकि मैदान …

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यहां का मौजूदा राष्‍ट्रवाद ज़हरीला ही नहीं, बेशर्म भी है… जो पाकिस्‍तान ने नहीं किया, वो भाजपा ने कर दिखाया

तो पंजाब नेशनल बैंक का नाम भी वंदे मातरम बैंक कर दीजिए। अभिषेक श्रीवास्तव शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जब मरे, तो सिक्‍ख साम्राज्‍य का राजकाज गड़बड़ाने लगा। उनके खासमखास नंबर एक विश्‍वस्‍त जनरल लहना सिंह इस सब से बचने के लिए बनारस निकल लिए। बनारस में ही रहते हुए उन्‍हें पैदा हुए दयाल सिंह। दयाल सिंह बड़े आदमी रहे। ट्रिब्‍यून …

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बीएचयू : नुकसान उन्‍हीं लड़कियों का, जिन्‍होंने ईमानदारी से अपनी आवाज़ उठायी

  इससे किसी का वास्‍तव में भला नहीं हुआ है। हां, नुकसान बेशक होगा। उन्‍हीं लड़कियों का, जिन्‍होंने ईमानदारी से अपनी आवाज़ उठायी थी। अभिषेक श्रीवास्तव अब, जबकि बीएचयू प्रकरण में न्‍यायिक जांच के आदेश से एक अध्‍याय समाप्‍त हो चुका है, कुछ बातें कही जानी चाहिए जो अब तक नहीं कही गई हैं। सबसे पहली बात उन लड़कियों के …

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अबकी बार, शिखंडी सरकार! प्‍लेबॉय वाली यौन क्रांति से विश्‍वविद्यालय की हिंदू संस्‍कृति को प्रत्‍यक्षत: कोई खतरा नहीं

अभिषेक श्रीवास्तव जिन्‍होंने सन् 96 के क्रैकडाउन को देखा-झेला है, वे जानते हैं कि उसमें और इस बार में दो बुनियादी अंतर हैं। उस वक्‍त लड़ाई छात्रों और प्रशासन के बीच थी। छात्र हनुमान की पूंछ बने हुए थे तो प्रशासन रावण। इस बार लड़ाई छात्राओं की है- विशुद्ध छात्राओं की मांगों पर, बिना किसी राजनीतिक दखल के और अनिवार्यत: …

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सभ्यता का संकट : फर्जी तानाशाह बहुजन नायक नायिकाओं का सृजन और विसर्जन मनुस्मृति राजनीति की सोशल इंजीनियरिंग है

  रवींद्र का दलित विमर्श-15 पलाश विश्वास बंगाल के नबाव के दरबारी दो पूर्वज गोमांस की गंध सूंघने का आरोप में मुसलमान बना दिये गये थे तो रवींद्र के पूर्वज अछूत पीराली ब्राह्मण बन गये थे। नोबेल पुरस्कार मिलने से पहले सामाजिक बहिष्कार की वजह से अपने बचपन की अस्पृश्यता यंत्रणा पर उन्होंने कोई दलित आत्मकथा नहीं लिखी लेकिन उनकी …

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शरदजी को जेपी मूवमेंट के नास्टैल्जिया से बाहर आकर राहुल के नैरेटिव को अपनाना होगा

  अभिषेक श्रीवास्तव शरद यादव के साझी विरासत बचाओ सम्मेलन पर आज बहुत सी प्रतिक्रियाएं सुनने को मिली हैं। मौके पर भी और पीठ पीछे भी। मेरी समझदारी ये कहती है कि आज के आयोजन को एक लंबी प्रक्रिया का आग़ाज़ माना जाना चाहिए। बेशक़, यह लंबी प्रक्रिया साल भर से लंबी नहीं खिंचनी चाहिए क्योंकि मोदीजी 2018 के अंत …

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