आपातकाल

national press day राष्ट्रीय प्रेस दिवस

आज की तारीख में काला दिवस के रूप में मने प्रेस दिवस

Today, Press Day is celebrated as Black Day. आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस है (Today is national press day)। मेरे कई साथी जो मीडिया समूह में मालिकान और संपादकों की चाटुकारिता करते हुए मीडिया की जिम्मेदारियों…


Mahatma Gandhi murder

गांधी के हत्यारों का स्वांग : गांधी को शैतान की औलाद बताने वाले और गांधी के हत्यारे एक सुर में गीत गा रहे हैं

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या के बाद अब उनके हत्यारे विचारों की हत्या कर उनका मजाक बना रहे हैं। जनता कुपोषण और भुखमरी का शिकार हो रही है दूसरी तरफ शौचालय निर्माण युद्ध स्तर…


आपातकाल से बुरे हालात : अयोध्या जाते वक्त संदीप पांडेय, प्रो. राम पुनियानी और साथियों को रोका गया

आपातकाल से बुरे हालात : अयोध्या जाते वक्त संदीप पांडेय, प्रो. राम पुनियानी और साथियों समेत गिरफ्तार

लखनऊ, 17 अगस्त 2019. कल 16 अगस्त 2019 को कश्मीर के लोगों के समर्थन में पूर्व घोषित एक घंटे के मोमबत्ती प्रदर्शन को रोकने के लिए रिहाई मंच अध्यक्ष एडवोकेट मुहम्मद शुऐब, मैगसेसे पुरस्कार से…


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यह अघोषित इमर्जेंसी है, जो इंदिरा गांधी की घोषित इमर्जेंसी से ज्यादा खतरनाक है

इमर्जेंसी की 44वीं सालगिरह पर लोकसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi’s address in the Lok Sabha on the 44th anniversary of the Emergency) अगर इमर्जेंसी को याद नहीं करते,…


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आपातकाल के भुक्तभोगी की जुबानी, कैसे रिश्वतखोरों और जमाखोरों को ठीक करने का अनुशासन पर्व ही थी इमरजेंसी

श्रीमती इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया (Mrs. Indira Gandhi imposed Emergency on 25th June, 1975 in the country)। इससे संविधान और लोकतंत्र का बाल भी बांका नहीं हुआ।  बल्कि…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मरे हुए लोकतंत्र की लाश ढोते हुए हम राम नाम सत्य हैं जहां-जहां जगेंद्र बोलेंगे जिंदा जला दिये जायेंगे

पलाश विश्वास– वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका…


Faiz Ahmad Faiz

बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ

बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ गुलामी से मुक्ति का महाकवि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की पुण्यतिथि पर विशेष | Special on Faiz Ahmed Faiz’s death anniversary जगदीश्वर…


opinion, debate

आपातकाल को कोसने वाले लोकनायक के संगठन पीयूसीएल से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नक्सली बता रहे

भारत के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा जरूरी पुष्कर राज भारत में आज बेहद व्यथित करने वाली राजनीतिक सच्चाई यह है कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को शिकार बनाया जाता है, फंसाया जाता है और उन्हें राजनीतिक बंदी…


Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

क्या वाकई आपातकाल हिटलर के राज की तरह था जेटली जी ?

Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi :Was Emergency akin to Hitler’s Regime क्या वाकई आपातकाल हिटलर के राज की तरह था जेटली जी ? –राम पुनियानी सन् 1975 में आपातकाल लागू होने के 43 वर्ष…


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आपातकाल : शुरू के 15 दिन में ही संघियों के माफीनामे से भर गए थे दो कनस्तर, देवरस और अटल ने भी मांगी थी माफी !

आपातकाल : शुरू के 15 दिन में ही संघियों के माफीनामे से भर गए थे दो कनस्तर, देवरस और अटल ने भी मांगी थी माफी ! पंकज चतुर्वेदी खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व प्रमुख टीवी…