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Tag Archives: इक आग का दरिया है

यूपी में कांग्रेस में नयी जान फूंकने की कवायद : इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

Ajay Kumar Lallu with Priyanka Gandhi

प्रियंका ने संभाली कमान, एक संघर्ष शील युवा को पार्टी अध्यक्ष बना कर दिया संघर्ष का इशारा… लेकिन बहुत कठिन है डगर पनघट की उबैद उल्लाह नासिर लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद कांग्रेस एक प्रकार से कोमा में चली गयी लगती है। पार्टी अध्यक्ष के पद से राहुल गाँधी के इस्तीफे ने पार्टी के सामने एक विकट …

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अपने युग की जन-विरोधी सामाजिक विसंगतियों पर जोरदार प्रहार किया कबीर ने

Kabir कबीर

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, समाज में अपने जीवन का अस्तित्व बनाए रखने के लिए उसे संघर्ष करना पड़ता है। यह संघर्ष उसे मानव से भी करना पड़ता है और प्रकृति से भी। फल-स्वरूप उसे नाना प्रकार के अनुभव होते हैं। हम जिस समाज में रहते हैं, सांस लेते हैं, जिस परिवेश को जीते हैं, उससे अनभिज्ञ कैसे रह सकते …

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वक्त की ज़रूरत है कश्मीर को क्रूर सियासत से बचाना

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

वक्त की ज़रूरत है कश्मीर को क्रूर सियासत से बचाना उबैद उल्लाह नासिर एक ऐसे समय में जब खून के दरिया में गोते लगा रहे कश्मीर में शांति स्थापित करने के राजनैतिक प्रक्रिया शुरू करने की सबसे ज्यादा ज़रूरत थी भाजपा और मोदी सरकार ने वहां अपनी हिमायत और साझे में चल रही महबूबा मुफ़्ती की सरकार को गिरा कर …

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एक अनसुनी कहानी : जब कश्मीर में भी था हिंदुओं का ‘राज’!

कश्मीर के आतंकी बुरहान के एनकाउंटर पर घाटी सुलग रही है. 30 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और पंद्रह सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. इधर दिल्ली में सरकार हरकत में आई और विदेश यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक दो घंटे तक चली. बैठक में पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश दिया …

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कन्हैया प्रकरण : न्यायपालिका अब भी संभावना है – ओम थानवी

नई दिल्ली। राजद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत पर वरिष्ठ पत्रकार और जनसत्ता के पूर्व संपादक ओम थानवी ने कहा है कि न्यायपालिका अब भी संभावना है। श्री ओम थानवी की पूरी टिप्पणी निम्नवत् है – दिल्ली उच्च न्यायालय की माननीय न्यायाधीश ने कन्हैया कुमार को जमानत दी, स्वातंत्र्यचेता लोगों …

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हर तानाशाह मुंह की खाता है, खौफजदा तानाशाह बेहद घबराये हैं

बाकी, कातिलों का काम तमाम है अगर हम कत्ल में शामिल न हों! KADAM KADAM BADHAYE JA… पलाश विश्वास गुलामों, फिर बोल कि लब आजाद हैं! कदम कदम बढ़ाये जा, सर कटे तो कटाये जा थाम ले हर तलवार जो कातिल है फिक्र भी न कर, कारंवा चल पड़ा है! उनेक फंदे में फंस मत न उनके धंधे को मजबूत …

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इतिहास बदल रहा है। संविधान बदल रहा है। 2020 तक हिंदू राष्ट्र तय है। बुलेट गति तरक्की है।

फिर कैद कर लो औरतों को जैसे मनुस्मृति में प्रावधान है! पलाश विश्वास छत्तीसगढ़ में हमारे लापता पुरातन मित्र आलोक पुतुल लगता हैं कि अभी जीवित हैं और उन्हें अचानक हमारी याद भी आ गयी है। यह खुशखबरी हमारे युवा तुर्क अमलेंदु के लिए खास है क्योंकि एक-एक करके जनसरोकार से जुड़े तमाम बंदे हस्तक्षेप से जुड़ते जा रहे हैं। …

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बहुत खतरनाक है कि कश्मीर फिर जल रहा है। पूरा देश मुकम्मल गुजरात है।

उससे भी खतरनाक है कि हिंदू राष्ट्र का मिशन जलवा शबाब है और इंसानियत शिक कबाब है। अब पूरा देश मुकम्मल गुजरात है। अनंत मीडिया मधुचक्र को आखिर उत्सवों और कार्निवाल से ऐतराज क्यों हो? बेहद खतरनाक दौर है कि विदेशी पूंजी और विदेशी हितों की सुनहरी कोख से निकलकर मीडिया अब सत्तावर्ग में शामिल है। कश्मीर में गोवध निषेध …

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श्रीलंका में कत्लेआम तमिलों का जो हुआ, वह आधार का करिश्मा है, नरसंहार का सबसे नफीस अंदाज है आधार…

श्रीलंका में कत्लेआम तमिलों का जो हुआ, वह आधार का करिश्मा है, नरसंहार का सबसे नफीस अंदाज है आधार… सरहदों पर फिजां जब कयामत हो, दिशाओं में नफरत की आग हो समुंदर जब शरणार्थी सैलाब हो और सारे पहाड़ नंगे हो सिरे से मुल्कों पर दहशतगर्दों का जब राज हो सरहदों के आर पार यूं समझ लेना हालात बेहद मुश्किल …

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जो नपुंसक है, वह मजनूं कैसे हुआ करै हैं, कोई महाजिन्न से पूछकर बतावै!

कोई नपुंसक ही यह हिमाकत कर सकै है कि कहै कि नपुंसक हैं, इसीलिए खुदकशी कर रहे हैं किसान। जिन्हें किसानों की खुदकशी से मुनाफावसूली का बिजनेस राजकाज चलाना हो, वे क्या किसानों की परवाह करें। औरत की देह जिनके लिए मांस का दरिया हो वे क्या किसी की अस्मत के आगे सर नवाये क्योंकि उनका मजहब भी झूठा, ईमान …

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