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Tag Archives: कश्मीरी पंडित

कश्मीरी पंडित जस्टिस काटजू ने चेताया, कश्मीर भारत का वियतनाम युद्ध बन जाएगा, केंद्र की नीतियों ने बड़े पैमाने पर छापामार युद्ध के लिए बीज बोया है

Justice Markandey Katju

नई दिल्ली, 30 सितंबर 2019. एक कश्मीरी पंडित और सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश व प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने चिताया है कि कश्मीर जल्द ही भारत का वियतनाम युद्ध बन जाएगा, क्योंकि केंद्र सरकार की नीतियों ने बड़े पैमाने पर छापामार युद्ध के लिए बीज बोया है। जस्टिस काटजू ने द वीक …

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फारूक अब्दुल्ला की गिरफ्तारी के मामले में ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट, एक लिटमस टेस्ट होगा शीर्ष अदालत का व्यवहार – जस्टिस काटजू

Justice Markandey Katju

नई दिल्ली, 28 सितंबर 2019. एक कश्मीरी पंडित सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश व प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने कहा है कि ड्रैकुअन जेएंडके पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत फारूक अब्दुल्ला की गिरफ्तारी और हिरासत के मामले में मुकदमे में कोर्ट का व्यवहार एक लिटमस टेस्ट होगा। जस्टिस काटजू ने अंग्रेजी वेब साइट इंडिका …

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हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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कश्मीरी पंडितों के गुनहगार : महाराजा हरि सिंह, भाजपा, जगमोहन और मुफ्ती

Dr. Ram Puniyani's article in Hindi on the plight of Kashmiri Pandits

राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह घटनाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता है और एक ही घटना की किस तरह परस्पर …

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कश्मीरी पंडितों की बदहाली का राजनीतिकरण

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह घटनाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता है और एक ही घटना की किस तरह परस्पर …

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कश्मीरी पंडितों को घाटी से बाहर भेजने में थी जगमोहन की भूमिका, जानिए क्यों

Those who are silent on the issue of Kashmir are anti-national - Kannan Gopinathan

कश्मीरी पंडितों को घाटी से बाहर भेजने में जगमोहन की भूमिका, जानिए क्यों यहां हर हफ्ते हजारों लोग मांगते हैं आजादी, वह भी सुरक्षा बलों के सामने अंबरीश कुमार अप्रैल के अंतिम दिन श्रीनगर के मैसूमा इलाके से गुजर रहे थे तभी ड्राइवर इमरान ने बताया कि यह डाउन टाउन यानी श्रीनगर के पुराने इलाके का सबसे अशांत मोहल्ला है। …

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कश्मीर पर कश्मीरी पंडितों का वर्चस्व बहाल करना नेपाल में हिंदू राष्ट्र के संघी खेल से कहीं ज्यादा खतरनाक

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कश्मीर में फिजां बदलने की उम्मीद कश्मीर में चुनाव नतीजे (Election results in Kashmir) चाहे कुछ हों, वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी (Return of democratic process) का स्वागत किया ही जाना चाहिए। इधर जिस अकेले शख्स के कारण पत्रकारिता से नत्थी हो जाने के हादसे ने हमारी जिंदगी को बदल दिया और वह अब हिंदी का सबसे बड़ा स्टार पत्रकार …

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आखिर कब लौटेंगे गुलमर्ग की वादियों में अपने घर कश्मीरी पंडित (20 साल वनवास के )

opinion

आज सम्पूर्ण भारत में कश्मीर की समस्याओं को लेकर बहस जारी है। लेकिन कश्मीरी पंडितों के समस्याओ को लेकर न तो प्रशासन ही गंभीर है और न ही देश का बुद्धिजीवी वर्ग। वैसे कश्मीर व कश्मीर की समस्याओं के लिए हमारे देश का कथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग निरंतर प्रयास करता रहता हैं जिसका जीवंत उदाहरण अरुंधती राय जी का विचार व कश्मीर को अधिक स्वायत्तता देने की मांग करता हुआ जस्टिस सगीर अहमद की रिपोर्ट हैं। मगर इस प्रकार के बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा कश्मीरी पंडितों के घर वापसी (Homecoming of …

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