कश्मीर

opinion

फिलिस्तीन दिखता है कश्मीर नहीं

समर अनार्या 19 जनवरी 1990. हमले तो अरसे से जारी थे पर ठीक पहले की रात क़यामत थी. सारी रात कश्मीरी पंडितों को धमकियाँ दी जाती रहीं थीं कि या घाटी छोड़ो, या मजहब बदलो,…


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कश्मीर घाटी में अघोषित आपातकाल, मीडिया पर सेंसर !!!

नई दिल्ली, 17 जुलाई। कश्मीर घाटी में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद भड़की हिंसा एक सप्ताह बाद रविवार को भी जारी है और तनावपूर्ण माहौल के बीच…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

देश और समाज निरंतर कबीलाई और हमारा आचरण मध्ययुगीन होता जा रहा है

बेशर्म इतना है सत्ता से नत्थी जनमजात मेधा वर्चस्व कि भाषा और संस्कृति में सिर्फ पितृसत्ता की गूंज और फिर वहीं धर्मोन्मादी राष्ट्रवाद दृष्टिहीन! ऐसा नहीं है कि असहिष्णुता सिर्फ सवर्णों की होती है। बाबासाहेब…


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राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हिंदू साम्राज्यवादी झंडा कश्मीर और बंगाल में फहराने की तमन्ना

राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा- संघ परिवार के स्वजन मुख्यमंत्री लोकतंत्र विरोधी, राष्ट्रविरोधी ताकतों की शुक्रिया अदा कर रहे हैं राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा- राष्ट्रवाद का यह चेहरा क्यों राष्ट्रद्रोही होने लगा…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कश्मीर पर कश्मीरी पंडितों का वर्चस्व बहाल करना नेपाल में हिंदू राष्ट्र के संघी खेल से कहीं ज्यादा खतरनाक

कश्मीर में फिजां बदलने की उम्मीद कश्मीर में चुनाव नतीजे (Election results in Kashmir) चाहे कुछ हों, वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी (Return of democratic process) का स्वागत किया ही जाना चाहिए। इधर जिस अकेले…


shahnawaz alam

कश्मीर को अलगाव में डालने की संघी साजिश

मध्य प्रदेश में भाजपा जो कर रही है उसका मुकाबला विचारधारात्मक स्तर पर ही करना होगा। लेकिन संसदीय राजनीति में ‘विचारधाराओं के अंत’ के इस दौर में ऐसा करने के लिए कौन तैयार होगा?