Home » Tag Archives: जनता का साहित्य

Tag Archives: जनता का साहित्य

संकीर्णता ने हिंदी साहित्य को बंजर और साम्यवाद को मध्यमवर्गीय बना दिया

Jan Sahitya parv

संकीर्णता ने हिंदी साहित्य को बंजर और साम्यवाद को मध्यमवर्गीय बना दिया जयपुर, 16 नवंबर 2019. जनवादी लेखक संघ और जनसंस्कृति मंच द्वारा देराश्री शिक्षक सदन, राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित किये जा रहे जन साहित्य पर्व के दूसरे दिन आज ‘सिनेमा के रास्ते’,’साहित्य के रास्ते’ और ‘सियासत के रास्ते’ पर सत्र हुए. पहला सत्र – सिनेमा के रास्ते पहले सत्र …

Read More »

एक इंकलाबी शख्सियत थे गजेंद्र सिंह

Gajendra Singh was a revolutionary figure

भाजपा सरकार में लोकतंत्र व इंसानियत सिसक रही है Democracy and humanity are sobering in BJP government बाराबंकी, 22 अक्तूबर 2019. आज देश में प्रेस की आजादी, अभिव्यक्ति की आजादी, लिखने की आजादी (Freedom of press, freedom of expression, freedom of writing,) सब पर अंकुश लगाया जा रहा है, वर्तमान सरकार में लोकतंत्र व इंसानियत सिसक रही है। खौफ के …

Read More »

विचार के बिना अधूरी होती है रचना

Literature news साहित्य

प्रलेसं के एक दिवसीय रचना शिविर में कविता, कहानी, लेखन पर हुआ विमर्श वरिष्ठ रचनाकारों से रू-ब-रू हुए युवा लेखक तेजी से बदलते समाज में रचनाकारों की दृष्टि और भूमिका पर हुई चर्चा भोपाल। बेहतर कविता लेखन के लिए कवि के पास “कवि हृदय” के साथ साथ “कवि मस्तिष्क” होना भी अपेक्षित है। विचार के बिना रचना अधूरी है। बदलते …

Read More »

गीता, आरएसएस और नेहरू : क्या संघ परिवार आज किसी संकट से गुजर रहा है ?

Geeta RSS and Nehru Is the Sangh Parivar going through a crisis today

भाजपा-आरएसएस के सत्ता में आने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) को लेकर देश में अचानक बहस हो रही है और इस बहस को पैदा करने में संघ समर्थित संतों-महंतों और-मीडिया की बड़ी भूमिका है। इवेंट बनेगा तो मीडिया हो-हल्ला होगा! इवेंट बनाना मासकल्चर का अंग है जबकि गीता संस्कृति का अंग है। गीता जयन्ती (Geeta Jayanti) के मौके पर …

Read More »

क्या जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गांधी के नाम पर होना चाहिए?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

कल (1 अक्टूबर 2019) ‘हिंद स्वराज : नवसभ्यता विमर्श‘ के लेखक वीरेंद्र कुमार बरनवाल के साथ कार में कुछ देर सफ़र करने का अवसर मिला. हम दोनों को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर (South Campus of Delhi University) जाना था, जहां उन्हें ‘गांधी और साहित्य‘ (Gandhi and literature) विषय पर बोलना था. कई तरह की बातों के बीच चर्चा जेवर …

Read More »

प्रकाश भी थे और प्रकाश स्तंभ भी महात्मा गांधी

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

महात्मा गांधी – विराट व्यक्तित्व को समझने की अधूरी कोशिश… The great personality of Mahatma Gandhi महात्मा गांधी के विराट व्यक्तित्व की थाह पाना असंभव है। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर उनके सहचर मित्र थे तो उपन्यास सम्राट प्रेमचंद उनके अनुयायी। ”युद्ध और शांति” के कालजयी लेखक लेव टॉल्सटाय से उन्होंने प्रेरणा ली तो ”ज्यां क्रिस्तोफ” जैसी महान कृति के उपन्यासकार रोम्यां …

Read More »

नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह

नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह | Nandkishore Nautiyal: Bhishma Pitamah of Hindi Journalism

नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह | Nandkishore Nautiyal: Bhishma Pitamah of Hindi Journalism पत्रकारिता को व्यवसाय नहीं, मिशन समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार, हिंदी ब्लिट्ज व नूतन सवेरा के सम्पादक नंदकिशोर नौटियाल (Nandkishore Nautiyal) अब हमारे बीच नहीं है, सुनकर विश्वास नहीं होता, एक गहरी रिक्तता का अहसास हो रहा है। उनके निधन से राष्ट्र की हिंदी पत्रकारिता …

Read More »

भगत सिंह ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता क्यों माना? सुभाषचंद्र बोस ने महात्मा गांधी को ”राष्ट्रपिता” का संबोधन क्यों दिया?

happy Independence Day

स्वाधीनता और जनतंत्र का रिश्ता | Relation of freedom and democracy आज हम आज़ादी के बहत्तर साल पूरे कर स्वाधीन मुल्क के तिहत्तरवें वर्ष में पहला कदम रख रहे हैं। इस मुबारक मौके पर एक पल रुककर हमें खुद से पूछना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता हासिल करना हमारा अंतिम लक्ष्य था या किसी वृहत्तर लक्ष्य की पूर्ति के लिए …

Read More »

स्वतंत्रता दिवस : आजादी की लड़ाई से प्रेरणा लेने की जरूरत सिर्फ बहुजनों को ही क्यों!

H L Dusadh -एच.एल.दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय आध्यक्ष हैं.)

Independence Day: Why only Bahujans need to take inspiration from freedom fight! 1947 में आज ही के दिन अर्द्धरात्रि में कांग्रेसी पंडित जवाहर लाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) ने अंग्रेजों से भारत की आजादी (India’s independence from the British) की घोषणा की थी। तबसे हम आज के दिन इस समय आजादी के जश्न में खो जाते हैं। अंग्रेजों से आजादी …

Read More »

स्वतंत्रता दिवस के कर्तव्य : आत्मालोचन का दिन

happy Independence Day

स्वदेशी का राग अलापने वाला आरएसएस पूंजीवाद का सबसे बड़ा बीमार है (डॉ. प्रेम सिंह का यह लेख (Dr. Prem Singh’s article on Independence Day in Hindi) साल 2013 के स्वतंत्रता दिवस पर छपा था। आपके पढ़ने के लिए इसे साल 2019 के स्वतंत्रता दिवस (2019 independence day) पर फिर जारी किया गया है।) पिछले स्वतंत्रता दिवस के ‘समय संवाद’ …

Read More »

अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा में गौतम बुद्ध

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Gautam Buddha in the Hindu imperialist agenda after Ambedkar : india will be powerful in asia using buddha diplomacy कल हमने लिखा था, अंबेडकर (Ambedkar) के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजेंडा (Hindu imperial agenda) में गौतम बुद्ध (Gautam buddha) को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर (Today’s Economic Times news) हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी‘ से एशिया में …

Read More »

पं. नेहरू अंग्रेजों के अपराधी थे, भारत की जनता के नहीं

How much of Nehru troubled Modi

आजादी की लड़ाई के लिये 10 बरस अंग्रेजों की जेलों में काटने वाले पं. नेहरू का अपमान बर्दाश्त के बाहर… पं. नेहरू पर सत्ता के घमंड में किये जा रहे भाजपाइयों के थोथे झूठे हमलों का विरोध रायपुर/12 अगस्त 2019। कश्मीर मामले में भाजपा नेताओं द्वारा लगातार स्तरहीन गैर जिम्मेदाराना एवं अवसरवादी बयानबाजी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की …

Read More »

370 : मोदी सरकार के समर्थन में आगे आए अवार्ड वापसी गैंग के मुखिया

Modi go back

नई दिल्ली, 05 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज खुश तो बहुत होंगे, क्योंकि अनुच्छेद 370 के मसले पर उन्हें अवार्ड वापसी गैंग के अगुआ साहित्यकार का खुला समर्थन मिल गया है। लेखकों की हत्या पर साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाकर इसे मुहिम बनाने वाले साहित्यकार उदय प्रकाश खुलकर मोदी सरकार के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने अपनी एफबी टाइमलाइन पर …

Read More »

रवीश को विश्व के क्रूरतम हत्यारे के नाम का करोड़पति सम्मान मिल गया तो आप खुश होइए, मैं नहीं होता !

Ravish Kumar

मैं मीडिया के चमचमाते करोड़पति चेहरे रवीश को नहीं पसंद करता हूँ। इसकी जगह जल जंगल जमीन माफियाराज के खिलाफ़ लड़ाई में फर्जी मुकदमों के कारण जेल में बन्द, बेघर, बरबाद पत्रकारों को पसंद करता हूँ तो आपकी दिक्कत क्या है। हिन्दुस्तान में इंसान कम पाए जाते हैं। चाहे हत्यारे हों या हत्यारों के विरोधी सबके अपने अपने भगवान होते …

Read More »

‘वर्ण-संघर्ष’ के सिवा कुछ नहीं था बुद्ध और ब्राह्मण का संघर्ष

Kabir कबीर

नोट – प्रसिद्ध दलित चिंतक  कॅंवल भारती का यह आलेख “कबीर का ब्राह्मण से संवाद” September 4, 2012 को हस्तक्षेप पर प्रकाशित हुआ था ब्राह्मण गुरु जगत का, साधु का गुरु नाहिं। उरझि-पुरझि करि मरि रह्या, चारिउ वेदा माँहि।। (क.ग्र. पृष्ठ 28) कहु पाँडे कैसी सुचि कीजै। सुचि कीजै तौ जनम न लीजै।। (वही, पृष्ठ 129) ब्राह्मण के साथ कबीर …

Read More »