जीएसटी

Arun Jaitley,

प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार के संकटमोचक थे अरुण जेटली

नहीं रहे अरुण जेटली (Arun Jaitley is no more)। आखिरकार लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। भाजपा और देश को अपूरणीय क्षति है ये। देश को जीएसटी दे गये। और भी बहुत कुछ…


Amit Shah

नोटबंदी और जीएसटी तथा कॉरपोरेटी आर्थिक नीतियों के दुष्परिणामों से ध्यान हटाने के लिए धारा 370 का राग

जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय (Jammu and Kashmir merged with India) 15 अगस्त 1947 को नहीं हुआ था, औपनिवेशिक शासनों ने सत्ता के हस्तांतरण में देशी रजवाड़ों को छूट दी थी कि वे…


Modi go back

हारे हुए राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी

हारे हुए राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी जी। मोदी-शाह गिरोह जिस राष्ट्रवाद को इस चुनाव के केंद्रीय विमर्श में लाने के लिए यहाँ वहां फिफियाये घूम रहा है उसका चरित्र ‘राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद‘…


opinion, debate

सामने आने लगे नोटबंदी और जीएसटी के बुरे प्रभाव… झूठ बोलने में तो मोदी को शर्म नहीं आती

Bad effects of GST and Demonetization दो साल में सरकारी खज़ाना खाली, आरबीआई के इमरजेंसी फंड पर नज़र आर्थिक रूप से कंगाल हो चुका है देश, लफ्फाजी से कब तक काम चलेगा उबैद उल्लाह नासिर…


Modi go back

अबकी बार जुमलेबाज़ सरकार, एक देश, एक टैक्स भी आखिरकार जुमला ही साबित हुआ

अबकी बार जुमलेबाज़ सरकार, एक देश, एक टैक्स भी आखिरकार जुमला ही साबित हुआ देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रेकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई हैं। रविवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 76.57…


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“अच्छे दिन” तो नहीं आए पर जीडीपी के आंकड़े बताते हैं “कठिन दिन” आने वाले हैं

“अच्छे दिन” तो नहीं आए पर जीडीपी के आंकड़े (GDP figures) बताते हैं “कठिन दिन” आने वाले हैं #HamariRai | #GDP | GDP के आंकड़े बताते हैं कि कठिन दिन आने वाले हैं राजीव रंजन…


GST Council

जीएसटी के नकारात्मक प्रभाव को समाज के कमजोर वर्गों को झेलना ही होगा

This negative impact of GST has to be faced by the weaker sections of the society. अनिश्चित दिशा गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स -Goods and Service Tax (जीएसटी) की गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स जुलाई से लागू…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

केंद्र सरकार तो संसद की परवाह करती ही नहीं, किसी मंत्री को भी नहीं करनी

भारत में संसदीय प्रणाली (Parliamentary system in India) का मजा यह है कि राजकाज में और नीतिगत फैसलों में संसद की कोई भूमिका नहीं है। खास खबर फिर वही है कि संसद का मॉनसून सत्र…