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Tag Archives: डॉ लोहिया

भाजपा-संघ के उभार में सोशलिस्टों व छद्म अम्बेडकरवादियों का बड़ा हाथ

Lucknow: Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav greets Bahujan Samaj Party (BSP) chief Mayawati on her 63rd birthday in Lucknow, on Jan 15, 2019. (Photo: IANS)

स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव का “काँग्रेस मस्ट डाई” बयान (Yogendra Yadav’s “Congress Must Die” statement) गैर राजनीतिक व मिडिल क्लास रिएक्शन से ज्यादा कुछ नहीं लोकसभा के 2019 के सामान्य चुनावों के परिणाम (Results of general elections of the Lok Sabha in 2019) कल 23 मई को सामने आए, लेकिन 19 मई को मतदान के आखिरी चरण के बाद …

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डॉ. लोहिया की पुण्य तिथि पर एकजुट हुए समाजवादी व वांमपंथी

Socialist and Leftist united on the death anniversary of DR. Lohia सिंगरौली। बैढन स्थित किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच के कार्यालय पर डॉ. लोहिया की 47 वीं पुण्य तिथि पर रविवार शाम को 4 बजे से एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में डॉ. लोहिया के विचारों और कार्यशैली को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का …

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क्या सचमुच पूँजीवाद के विरोधी थे लोहिया?

opinion debate

लोहिया, आंबेडकर और गाँधी (भाग-2) | Lohia, Ambedkar and Gandhi लोहिया न जाति से ऊपर उठे थे और न धर्म से (यह आलेख रोशन प्रेमयोगी के उपन्यास ‘आजादी: टूटी फूटी’ की समीक्षा नहीं हैं, पर उसके बहाने लोहिया के समाजवाद की आलोचना है।) लोहिया के विचारों को लेकर कुछ सवाल उभरते हैं। मसलन, यह सच है कि सिर्फ संसद में …

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थैंक यू मोदीजी, इस बार तो बच गए डॉ. लोहिया!

debate, thought, analysis,

हर साल 26 जनवरी January 26 आती है. हर बार पद्म पुरस्कार Padma awards व भारत रत्न Bharat Ratna को लेकर तरह-तरह की चर्चा होती है. लोग शिकायत करते पाए जाते हैं कि इस शख्स को क्यों दिया गया, उस शख्स को क्यों नहीं दिया गया? गड़े मुर्दे भी खूब उखाड़े जाते हैं. बार-बार की शिकायत दोहराई जाती है कि …

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आज लोहिया होते तो गैर भाजपावाद का आह्वान करते

debate, thought, analysis,

अगर आज लोहिया होते तो… ‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं.’ गैर-कांग्रेसवाद के जनक और समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया का यह कथन आज की सरकारों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 1960 के दशक में जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकारों के लिए था. लोहिया युग पुरुष थे और ऐसे लोगों का चिंतन …

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पं. नेहरू के शिष्य थे डॉ. लोहिया

गरीब आदमी की पक्षधरता की राजनीति की बुनियाद डाली थी नेहरू और लोहिया ने Nehru and Lohia had laid the foundation for the politics of favoritism of the poor. आजकल देश के दो सबसे बड़े राज्यों में डॉ. राम मनोहर लोहिया के अनुयायियों की सरकार है। उत्तर प्रदेश और बिहार के समाजवादी मुख्यमंत्रियों की सरकारें दावा करती पायी जाती हैं …

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