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Tag Archives: दीनदयाल उपाध्याय

आजादी के आंदोलन का धुर विरोधी रहा है आरएसएस, केंद्र सरकार का 370 पर कदम आतंकवाद को बढ़ायेगा ही : अखिलेंद्र

Akhilendra Pratap Singh अखिलेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य स्वराज अभियान

जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन और उसके विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त किए जाने के संदर्भ में दो बातें :Two things in the context of the reorganization of the state of Jammu and Kashmir and the abolition of its special state status राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल (J&K Reorganization Bill passed by Parliament) और उसे मिले …

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गांधी को मूर्ति में दफन करने का खेल : हिंदू राष्ट्र के सेनानियों को गांधी ही अपने लक्ष्य के रास्ते की सबसे बड़ी जन-बाधा लगते थे      

गांधी को मूर्ति में दफन करने का खेल 0 राजेंद्र शर्मा गांधी हमारे शासकों को इन दिनों कुछ ज्यादा ही याद आ रहे हैं। अगले जन्म दिन पर गांधी डेढ़ सौ साल के हो जाएंगे। बेशक, डेढ़ सौ साल लोगों के बीच जिंदा रहना कोई मामूली बात नहीं है। फिर गांधी के नाम का तो कमाल यह है कि जिन्होंने …

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अटल बिहारी वाजपेयी और आरएसएस की मुखौटे की खोज

अटल बिहारी वाजपेयी और आरएसएस की मुखौटे की खोज बुनियादी तौर पर आरएसएस का स्वयंसेवक ही थे अटलबिहारी वाजपेयी 0 राजेंद्र शर्मा भाजपा और उसके माध्यम से उसके संचालक, आरएसएस को धर्मनिरपेक्ष संविधान के अंतर्गत देश की सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने के बाद प्रधानमंत्री को पद पर बैठे अटलबिहारी वाजपेयी को, भाजपा के तत्कालीन महासचिव गोविंदाचार्य ने ब्रिटिश कूटनीतिज्ञों …

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अहिंसा की नहीं बल्कि मूर्खता की पराकाष्ठा बनता जा रहा है यह उपवास

उपवास की मर्यादा का मखौल शास्त्री कोसलेंद्रदास देश उपवासों के दौर से गुजर रहा है। ये उपवास घोषित तौर पर राजनेता कर रहे हैं, जो न तो धर्माचार्य हैं और न ही योग या आयुर्वेद के शिक्षक। इन उपवासों का जरा भी संबंध न तो किसी खास तिथि से है और न ही किसी पर्व या जयंती पर होने वाली …

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अयोध्या विवाद : खामख्वाह क्यों टहल रहे हैं श्री श्री रवि शंकर

शेष नारायण सिंह आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की कोशिश को शुरू से ही ग्रहण लग गया है। वे शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी से बातचीत कर रहे हैं। लेकिन इस मुकदमे के जो असली मुद्दई और मुद्दालेह हैं उन्होंने वसीम रिजवी और श्री श्री रविशंकर की मुलाकात को बकवास करार दिया है। शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष …

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21 वीं सदी के लिए समाजवाद की भविष्यदृष्टि : अक्तूबर क्रांति के 100 वर्ष के अवसर पर सेमिनार

अक्तूबर क्रांति के 100 वर्ष के अवसर पर सेमिनार   ‘‘21 वीं सदी के लिए समाजवाद की भविष्यदृष्टि’’   समय: 10.30 बजे से, रविवार 12 नवम्बर 2017   स्थान: जवाहरलाल नेहरू नेशनल यूथ सेन्टर, 219 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली 110002 सहभागी: प्रो.प्रभात पटनायक, रवि सिन्हा , गौतम मोदी, अमित, सुधा वासन, मयूर चेतिया   आयोजक : न्यू सोशलिस्ट इनिशिएटिव …

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दीनदयाल उपाध्याय : गोलवरकर के क्रॉस ब्रीडिंग सिद्धा्ंत के प्रमुख प्रचारक

नायक कैसे गढ़े जाते हैं ? दीनदयाल उपाध्याय: भाजपा के ‘गांधी’ 5 सुभाष गाताडे जाति याने स्वधर्म – दीनदयाल  उपनिवेशवाद विरोधी संघर्षो के उभार के अलावा – जबकि तीसरी दुनिया के तमाम मुल्कों में ऐसे संघर्ष तेज हो रहे थे – उस कालखण्ड की क्या विशिष्टता कही जा सकती है जब एक साधारण प्रचारक के तौर पर दीनदयाल उपाध्याय ने …

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दीनदयाल उपाध्याय : गोलवलकरी सांचे में ढला व्यक्तित्व !

सुभाष गाताडे वर्ष 1916 में जनमे दीनदयाल / मृत्यु फरवरी 1968/ ने स्नातक की अपनी शिक्षा सनातन धर्म कालेज, कानपुर से की और इलाहाबाद से एल टी किया। कालेज के दिनों में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बद्ध सुंदर सिंह भंडारी के करीबी दोस्त बने। उन्होंने 1937 में संघ के साथ जुड़ने का निर्णय लिया और 1942 में प्रचारक …

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क्या दीनदयाल उपाध्याय वाकई इतनी बड़ी शख्सियत थे – जैसा कि उनके अनुयायी समझते हैं

नायक कैसे गढ़े जाते हैं ? दीनदयाल उपाध्याय: भाजपा के ‘गांधी’ 3 कथा दीनदयाला ! सुभाष गाताडे ‘‘भाजपा के दीनदयाल उपाध्याय की वही अहमियत है जो कांग्रेस के लिए मोहनदास करमचंद गांधी की है। ’’ यह राय थी आर बालाशंकर की जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्रा कहे जानेवाले आर्गनायजर के पूर्व सम्पादक हैं और इन दिनों भाजपा की केन्द्रीय …

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एक अदद नायक की तलाश में भाजपा

एक अदद नायक की तलाश में भाजपा दीनदयाल उपाध्याय: भाजपा के ‘गांधी’ 1 एक पेड़विहीन देश में एक एरंड भी बड़ा पेड़ कहलाता है – एक संस्कृत सुभाषित का रूपांतरण In a treeless country even castor counts for a big tree संदर्भ: ‘ए आकेजन फॉर आर एस एस, जीपीडी, http://www.epw.in/journal/2006/12 राष्ट्रपति कोविन्द ने इस बात को स्वीकारा कि ‘‘भारत की …

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जिन जेलों में जाने के डर से संघियों जंगे-आज़ादी में हिस्सा नहीं लिया था, उन्हीं जेलों में जवाहरलाल नेहरू का लंबा समय गुजरा

नेहरू के नाम के बिना कैसा सन् बयालीस -शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी की अगुवाई में देश ने 1942 में 'अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नारा दिया था। उसके पहले क्रिप्स मिशन भारत आया था जो भारत को ब्रितानी साम्राज्य के अधीन किसी तरह का डामिनियन स्टेट्स देने की पैरवी कर रहा था। देश की अगुवाई की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस …

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ट्राम्बे पुलिस स्टेशन में हिंसा, पुलिस इस घटना में सीधे शामिल थी : तथ्यान्वेषण रपट

–मीता तरानी सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसायटी एंड सेक्युलरिज़्म (सीएसएसएस) ने मुंबई के गोवंडी इलाके के चीता कैम्प क्षेत्र में 18 मार्च, 2017 को हुई हिंसा की एक घटना की जांच की। इस घटना में एक भीड़ ने ट्राम्बे पुलिस थाने पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की थी। सेंटर की जांच टीम में छह पूर्व व वर्तमान इंटर्न शामिल थे। …

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जुमलेबाजी के तीन साल : जश्न के शोर में कहीं सच फिर से दब न जाए?

बशिष्ठ नारायण सिंह केंद्र सरकार अपने कार्यकाल का तीन साल पूरा करने जा रही हैं। भारतीय जनता ने जिस उम्मीद और आकांक्षा के साथ भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपी थी,आज जरूरत है कि इस संदर्भ में सरकार के क्रिया-कलाप,कार्य-शैली और उपलब्धियों का मूल्यांकन हो। 'लोकतन्त्र' का दायित्व केवल सत्ता में जन भागीदारी मात्र तक नहीं है,वरन सत्ता की नाकामियों …

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आंकड़ें बताते हैं, देश में मोदी लहर नहीं, 2019 में योगी मोदी की लाचारी हैं

  2019 में योगी के कंधों पर मोदी लहर अनुराग मोदी  पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद चारों तरफ मोदी लहर का डंका बजा रहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमित शाह ने चुनाव नतीजों के बाद भाजपा की जीत को ना सिर्फ ऐतिहासिक बताया (जो उ. प्र. में कुछ मायनों में है भी), बल्कि मोदी को आज़ादी के बाद …

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गाँधी, संघ और भारतीय समाज

गाँधी, संघ और भारतीय समाज ‘गाँधी हत्या के लिए संघ ज़िम्मेदार है या नहीं ‘, इस विवाद में उलझे बगैर गाँधी और संघ के बीच के पेचीदा रिश्ते के ताने बाने सुलझाने की कोशिश रविन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ मोहनदास करमचंद गाँधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन का रिश्ता यह एक अजीबोगरीब पहेली है, जिस के बारे में न जाने कितने सारे …

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अफसरों को जरखरीद गुलाम समझती है भाजपा सरकारें

अफसरों को जरखरीद गुलाम समझती है भाजपा सरकारें विचारों की अभिव्यक्ति पर रोक मनोज कुमार झा मोदी सरकार इस वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर जनसंघ के नेता रहे दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। इसे लेकर तरह-तरह के आयोजन किए जाने हैं। भारतीय जनता पार्टी दीन दयाल उपाध्याय को अपना पितृ पुरुष मानती है। कहा जाता है …

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उलटबांसी करने में माहिर भाजपा और संघ परिवार

जिस तेज़ी से आरएसएस, भाजपा और संघ परिवार ने अपने स्वदेशी आंदोलन से पल्ला झाड़ा है, वह सचमुच चकित कर देने वाला है। संघ परिवार: बदलाव और निरंतरता -इरफान इंजीनियर हमारे प्रधानमंत्री पूरी दुनिया में घूम-घूमकर ‘‘मेक इन इंडिया’’ के लिए वैश्विक पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसी घोषणाएं भी कर रहे हैं जिनसे बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत …

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ईद की छुट्टी रद्द कर पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती पर रक्तदान शिविर आयोजित करना असंवैधानिक-सवाई सिंह

नई दिल्ली। “ईदुल अज़हा के दिन राजपत्रित अवकाश को रद्द कर राजस्थान के समस्त कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित करना पूर्णतः असंवैधानिक और नागरिक अधिकारों का हनन है।“ राजस्थान सरकार द्वारा पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती मनाने की आड़ में ईद की छुट्टी रद्द किये जाने को सरकार का संविधान विरोधी क़दम बताते हुए फोरम फोर डेमोक्रेसी एण्ड कम्यूनल …

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‘ललितगेट’ भुलाने को ‘भकुए’ को डिजिटल ज्ञान का भौकाल!

शनिवार को हिंदी दैनिक देशबंधु में वरिष्ठ पत्रकार पुष्परंजन का एक विचारोत्तेजक आलेख प्रकाशित हुआ है। हस्तक्षेप के पाठकों के लिए देशबंधु से साभार ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक परियोजना की शुरुआत के लिए पूरे हफ्ते शोर बरपा हो। ‘डिजिटल इंडिया वीक’ में पूरे हफ्ते लोगों को बोल-बोल कर इतना पका दीजिए कि वे भूल जाएं कि ‘ललितगेट’ का …

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आपातकाल की आहट?

आपातकाल की आहट? साथियो, इतिहास खुद को दोहराता नहीं, सिर्फ उसकी प्रतिध्वनि सुनाई देती है। और 40 साल पहले लगाए गए आपातकाल की मौजूदा प्रतिध्वनि वाकई भयावह है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से पैदा उथलपुथल और अपनी सरकार की विश्वसनीयता धूल में मिल जाने से बौखलाई इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 को देश में आपातकाल लगा दिया था। इसके तहत …

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‘ समाजवाद लोहिया और धर्मनिरपेक्षता ’ का लोकार्पण

अरुण कुमार त्रिपाठी की पुस्तक ‘समाजवाद लोहिया और धर्मनिरपेक्षता’ (अनामिका प्रकाशन) का लोकार्पण मुख्य अतिथि: जस्टिस राजेंद्र सच्चर, कुलदीप नैयर अध्यक्षता: अनिल नौरिया मुख्य वक्ता: राजकिशोर कमर वहीद नकवी विनोद अग्निहोत्री प्रेम सिंह संचालन: अश्वनी कुमार स्थान: गांधी शांति प्रतिष्ठान सभागार, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली नई दिल्ली: 110002 तारीख: 11 फरवरी 2015 (बृहस्पतिवार) समय: शाम 4.30 बजे निवेदक: अनामिका …

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अभिव्यक्ति का धर्म और जाति

यूरोप ने पहले विचारधारा से धर्म को नष्ट करने की कोशिश की और बाद में धर्म से विचारधारा को नष्ट कर दिया अभिव्यक्ति की आजादी के आगे धर्म की बंदूकें और जाति की तलवारें तन गई हैं। ऐसे में एक तरफ उदारता भयभीत है तो दूसरी तरफ अभिव्यक्ति, धर्म और जाति की कट्टरताएं अपनी अपनी दलीलों की तलवार और ताकत …

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‘भ्रष्टाचार विरोध: विभ्रम और यथार्थ’

डाॅ. प्रेम सिंह की पुस्तक ‘भ्रष्टाचार विरोध: विभ्रम और यथार्थ’ (वाणी प्रकाशन) का लोकार्पण और परिचर्चा मुख्य अतिथि: डाॅ. संदीप पांडे अध्यक्षता: कुलदीप नैयर मुख्य वक्ता: जस्टिस राजेंद्र सच्चर डाॅ. विश्वनाथ त्रिपाठी उर्मिलेश विनोद अग्निहोत्री अपूर्वानंद संचालन: सुरेंद्र कुमार स्थान: गांधी शांति प्रतिष्ठान सभागार, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली: 110002 तारीख: 29 जनवरी 2015 (बृहस्पतिवार) समय: शाम 4.00 बजे निवेदक: …

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देशभक्तिपूर्ण नहीं है पटेल बनाम पं. नेहरू का तुलनात्मक विमर्श

श्रीराम तिवारी  नदियों-झरनों का कल-कल संगीत, पंछिओं -पखेरुओं का कलरव गान, प्राकृतिक सौंदर्य बोध का रसास्वादन करने के लिए न केवल ज्ञानेन्द्रियों की बल्कि ह्दय की सुग्राह्यता भी अत्यंत आवश्यक है। शास्त्रीय संगीत का आनन्द उन्हीं को प्राप्त हो सकता है जो सरगम की समझ के साथ-साथ ह्दय की विशालता को धारण किया करते हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू के अवदान …

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गंगा को प्रतीक नहीं, परिणाम का इंतजार

ऐसे तो वाकई 200 साल में साफ नहीं होगी गंगा नीतिगत निर्णय का जज्बा कब दिखाओगे, गंगापुत्र ? अरुण तिवारी मैं आया नहीं हूं; मुझे गंगा मां ने बुलाया है, नमामि गंगे व नीली क्रांति जैसे शब्द तथा स्व. श्री दीनदयाल उपाध्याय की जन्म तिथि पर जलसंरक्षण की नई योजना का शुभारंभ की घोषणा से लेकर पूर्व में गंगा को …

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इस चूहातंत्र पर हँस लीजिए, बस!

 — क़मर वहीद नक़वी चूहे! कहने को चूहे, मगर दस हज़ार के! नहीं, नहीं, मेरे मग़ज़ का कोई पेच नहीं ढीला हो गया है। बिलकुल सच बात है। आरटीआइ से निकली है। बेंगलुरु में महानगर पालिका के दफ़्तर में चूहे मारने पर यह ख़र्च आया है! तीन-तीन महीने के ठेके के लिए दो बार टेंडर जारी हुए। निन्यानबे-निन्यानबे हज़ार के …

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जाति मोदी की और हिन्दुत्ववादी रणनीति

अल्पसंख्यकों के विरूद्ध हिंसा करने से धार्मिक पहचान मजबूत होती है…  राम पुनियानी नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी की घोषणा के कुछ ही समय पहले, एक दूसरे मोदी-सुशील मोदी-ने पहली बार नमो के ओबीसी होने की चर्चा सार्वजनिक रूप से की। हाल (जनवरी 2014) में दिल्ली में एक सार्वजनिक सभा में नरेन्द्र मोदी ने अपनी जाति का जिक्र …

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ऐसे ही नहीं जाता दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर

देश में लोकप्रिय सरकार बनाने के लिये उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हैसियत बनाना जरूरी है शेष नारायण सिंह उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत एक अर्से से बहुत खराब है, लेकिन राजनीतिक रूप से राज्य की ताकत कभी कम नहीं हुयी। आजादी के लिये पहली बार जब इस देश की जनता उठ खड़ी हुयी थी तो मई 1857 की …

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कौन है दोषी उत्तराखण्ड आपदा का

निमंत्रण-पत्र प्रिय साथी जैसा कि आप जानते हैं कि उत्तराखण्ड की जनता इस समय बड़ी विपदा की स्थिति में है। 16-17 जून को उत्तराखण्ड में आई तबाही जो अब तक की सबसे बड़ी तबाही है, में हजारों की संख्या में लोग मारे गये और इतनी ही संख्या में लोग हताहत हुए हैं। जो लोग बच गये उनके लिए जीवन बचाने …

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उफ्फ ये पीएम के दावेदार – राजनीति अक्सर तर्क से नहीं चलती

ललित सुरजन देश की राजनीति में इस समय अजब सी आपाधापी मची है। लोकसभा के चुनाव 2014 में होना हैं और अभी से प्रधानमन्त्री पद के लिये कोई डेढ़ दर्जन दावेदार खड़े हो गये हैं। भाजपा में लालकृष्ण अडवानी, नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडक़री और शिवराज सिंह सात उम्मीदवारों के नाम तो चल ही रहे …

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अटल जी की नज़र में नरेन्द्र मोदी

सुन्दर लोहिया  भाजपा पैराशूट पर गुजरात के मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी की उड़ान में पार्टी के दो संस्थापक नेताओं के समृति चिन्ह के तौर पर पोस्टर से फोटो तो गायब ही थे लेकिन भाषणों में भी विस्मृत करने से एक सवाल पैदा होता है कि क्या यह पार्टी अटल जी समर्थित राजधर्म के स्थान पर मोदी द्वारा प्रचारित राजधर्म स्वीकार कर …

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अपनी गर्दन बचाने के लिये भाजपा की गर्दन फँसा दी मोदी ने

वास्तविकता यह है कि यह मोदी के पतन की शुरूआत है और अपने चेले से पहले राउण्ड में हारने के बावजूद आडवाणी ने बहुत सलीके से मोदी के पतन की पटकथा लिख दी है। अमलेन्दु उपाध्याय  भारतीय जनता पार्टी में बहुत खुशी का माहौल है। बस ऐसा कि मानो नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी अभी-अभी पहली और आखिरी बार स्वतन्त्रता दिवस …

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डेढ़ अरब रु. सालाना बजट की कत्लगाह यानी तिहाड़

संजीव चौहान   डेढ़ अरब का वार्षिक बजट। पाँच-पाँच सुरक्षा एजेंसियाँ। आसमान छूती चार दीवारी। हर इलाके पर 24 घण्टे क्लोज सर्किट कैमरों की नज़र। जगह-जगह मेटल डिटेक्टर। हर कोने पर निगरानी टॉवर। हर जेल में तीन-तीन भीमकाय दरवाजे। मोबाइल फोन के सिग्नल जाम करने के लिये अनगिनत जैमर। देखने-सुनने में कहीं कोई कोर-कसर बाकी नज़र नहीं आती है। इसके …

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दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण के आदरणीय बरमेश्वर मुखिया जी उर्फ Hindustan times के “300 हत्याओं का कथित मास्टरमाइंड”

दिलीप मंडल बरमेश्वर सिंह मुखिया कुख्यात रणवीर सेना का सरगना है। उनके कारनामे तो कई है लेकिन एक का ब्यौरा बीबीसी ने इस तरह लिखा-   भोजपुर के बथानी तोला गाँव पर 1996 में प्रतिबंधित संगठन रणवीर सेना के 60 से अधिक सदस्यों ने हमला किया था. मारे गए लोगों में अनेक महिलाएँ और बच्चे थे. पुलिस के अनुसार इस …

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दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण के आदरणीय बरमेश्वर मुखिया जी उर्फ Hindustan times के "300 हत्याओं का कथित मास्टरमाइंड"

दिलीप मंडल बरमेश्वर सिंह मुखिया कुख्यात रणवीर सेना का सरगना है। उनके कारनामे तो कई है लेकिन एक का ब्यौरा बीबीसी ने इस तरह लिखा-   भोजपुर के बथानी तोला गाँव पर 1996 में प्रतिबंधित संगठन रणवीर सेना के 60 से अधिक सदस्यों ने हमला किया था. मारे गए लोगों में अनेक महिलाएँ और बच्चे थे. पुलिस के अनुसार इस …

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अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन 1942 और हिंदुत्व टोली : एक गद्दारी – भरी दास्तान

syama prasad mukherjee in hindi

अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन 1942 और हिंदुत्व टोली: एक गद्दारी – भरी दास्तान शम्सुल इस्लाम इस 9 अगस्त 2018 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अहम मील के पत्थर, ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को 76 साल पूरे हो जायेंगे। 7 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने बम्बई में अपनी बैठक में एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पारित किया जिसमें अंग्रेज …

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मुगलसराय पर लाद दिये गये ये दीनदयाल उपाध्याय आखिर हैं कौन ?

deen dayal upadhyay in hindi

मुगलसराय पर लाद दिये गये ये दीनदयाल उपाध्याय आखिर हैं कौन ? -अरुण माहेश्वरी कल मुगलसराय जंक्शन (Mughalsarai Junction) पर भाजपा के अमित शाह ने जाकर मुगल सराय के नाम को पोंछ कर उसकी जगह ब्राह्मणत्व के सभी तत्वों को समेटे हुए एक दीर्घसूत्री नाम ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय’ (Pandit Deendayal Upadhyaya) लिख दिया। यह कुछ वैसा ही था जैसा दक्षिण के …

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दीनदयाल उपाध्याय ने स्वतंत्रता आंदोलन की निंदा क्यों की थी मोदीजी !

deen dayal upadhyay in hindi

दीनदयाल उपाध्याय ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन की कड़े शब्दों में इस लिए निंदा की क्यों कि इस के दौरान 'लगातार यह कोशिश की गयी कि हिन्दू, मुस्लमान और ईसाई सब 'देशवासी' हैं और इन सब को मिलाकर अंग्रेजों के ख़िलाफ़ एक सांझी ताक़त बनाने का प्रयास किया गया।'

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मधोक ने दीनदयाल हत्याकांड में अटल बिहारी और नाना जी देशमुख की भूमिका पर उठाए थे सवाल!

Rihai Manch, रिहाई मंच,

बलराज मधोक ने दीनदयाल उपाध्याय हत्याकांड में अटल बिहारी और नाना जी देशमुख की भूमिका पर उठाए थे सवाल! दीनदयाल की हत्या की जांच कराने के बजाए उनकी जन्मशती मनाकर किस रहस्य को छुपा रही है मोदी सरकार-रिहाई मंच Balraj Madhok raised questions on the role of Atal Bihari and Nana Ji Deshmukh in the Deendayal Upadhyaya murder case! लखनऊ …

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दलित युवतियों के गैंग रेप के विरोध में सम्मेलन

Breaking news

देश भर में हो रहे दलितों पर अत्याचारों और हरियाणा के गाँव भगाना के दबंग जाति के युवकों द्वारा गावं की दलित युवतियों के गैंग रेप के विरोध में सम्मेलन . दिनांक : 24.5.2014 दिन : शनिवार समय : प्रात: 10.00 से सायं 5.00 बजे तक . स्थान ; गाँधी शान्ति प्रतिष्ठान ,दीनदयाल उपाध्याय मार्ग ( नजदीक आई .टी.ओ .)नई …

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दलित युवती के साथ गैंग रेप के बाद हत्या के विरोध में विचार गोष्ठी

National News

दलित युवती के साथ गैंग रेप के बाद हत्या और बिहार के जिला रोहतास के गाँव बाड़ी में एक दलित की हत्या के विरोध में विचार– गोष्ठी

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अडवाणी हों या मोदी : क्या फर्क पड़ता है?

Modi in UNGA

राजनीति के अध्येता जानते हैं कि श्री अडवाणी एक महत्वाकाँक्षी नेता हैं तथा पिछले पच्चीस वर्षों से वे प्रधानमन्त्री बनने की फिराक में लगे हुये हैं। 1990 में उनकी रथयात्रा का मकसद आखिरकार क्या था?

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