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Tag Archives: नंदीग्राम

बंगाल में पापुलिज्म की भिड़न्त : पांच सांसदों वाले वाम की पांच ऐतिहासिक भूलें

Jagadishwar Chaturvedi

वामदलों को सन् 2019 के लोकसभा चुनाव (Parliamentary elections of 2019) में अब तक की सबसे बुरी पराजय का सामना करना पड़ा है। सन् 2014 में वामदलों के 10 सांसद चुनकर आए थे, लेकिन 2019 में मात्र पांच सांसद चुनाव जीतकर आए हैं। उल्लेखनीय है कि सन् 2004 में वामदलों के 59 सांसद चुने गए थे। सन् 2009 में 24 …

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जेएनयू : लिबरल विश्वविद्यालय का अंत

जेएनयू : लिबरल विश्वविद्यालय का अंत JNU: End of Liberal University ideology सत्ता के वर्चस्व व प्रतिरोध का विद्यालयी वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव जगदीश्वर चतुर्वेदी मोदी सरकार आने के बाद की सबसे बुरी घटना है लिबरल विश्वविद्यालय के आदर्श प्रतीक जेएनयू का अंत। यह एक तरह से लिबरल विश्वविद्यालय के अंत की सूचना भी है। यह सच है वहां …

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भाजपा के दिन पूरे होने जा रहे, सिर्फ चुनावों का इंतज़ार, हिल उठा है अब मोदी का आत्मविश्वास भी

भाजपा के दिन पूरे होने जा रहे, सिर्फ चुनावों का इंतज़ार, हिल उठा है अब मोदी का आत्मविश्वास भी मनोज कुमार झा जैसे-जैसे राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में हड़कंप की स्थिति बनती जा रही है। भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की हालत भी …

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वामपंथ को अपनी ताकत को पहचानना होगा

-अरुण माहेश्वरी सब जानते हैं यह समय भारतीय राजनीति में वामपंथ के लिये अस्तित्वीय संकट का समय है। जिस काल में भारतीय राष्ट्र के सारे अर्जित प्रगतिशील मूल्य दाव पर लगे हुए दिखाई देते हैं, चारो ओर एक प्रकार की आदिम विवेकहीनता का बोलबाला है, एक केंद्रीय सरकार संगठित रूप में प्राकृतिक विज्ञान के क्षेत्र पर भी अंध-विश्वासों और कुसंस्कारों …

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जीएन साईंबाबा के मसले पर आपकी चुप्पी को देखता हूँ तो आपकी ईमानदारी पर शक होता है कॉ. येचुरी

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) महासचिव सीताराम येचुरी को खुला पत्र। कामरेड सीताराम येचुरी महासचिव सी.पी.एम. मैं ऐसी आशा करता हूँ कि आप शरीर से स्वस्थ और एक दम फिट होंगे। क्योंकि आप बहुत व्यस्त रहते हो, आपको जो जिम्मेदारी मिली हुई हैं वो बहुत बड़ी और व्यवस्ता वाली हैं। सुबह से लेकर देर रात तक आपको बहुत से काम …

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राष्ट्र मेहनतकश अवर्ण बहुजन बहुसंख्य जनगण की निगरानी, उनके दमन, उत्पीड़न सफाये और मानवाधिकार हनन का सैन्य तंत्र है

  रक्तकरबी(Red Oleanders)- राष्ट्रवाद वहीं है जो कुलीन सवर्ण सत्ता वर्ग का हित है। रवींद्र दलित विमर्श : 14 पलाश विश्वास मुझे नेट पर हिंदी में रक्तकरबी से संबंधित कोई सामग्री नहीं मिली है। अगर किसी के पास संबंधित सामग्री की जानकारी है तो कृपया शेयर करें। टीवी पर नोटबंदी पर बहस को लेकर हंसी आ रही थी क्योंकि मीडिया …

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लम्पट विकास के दौर में खेती और किसानी – दशा और दिशा

रवींद्र गोयल गत कई सालों से किसानों की आत्महत्या की ख़बरें राष्ट्रीय अख़बारों में छप रही हैं, अभी कुछ दिन पहले तमिलनाडु के किसान महीना भर से ऊपर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठ कर मात्र तमिलनाडु  के मुख्यमंत्री के इस आश्वासन पर कि उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा, अपने घरों को लौटने को बाध्य हुए। हाल तक महाराष्ट्र केमुख्य …

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भांगर – सिंगुर और नंदीग्राम से भी बदतर रूप में दमन

– सौरा यादव पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली मौजूदा तृणमूल कांग्रेस की सरकार 34 साल लंबे वाममोर्चा सरकार के खिलाफ सिंगुर और नंदीग्राम में किसानों का विस्थापन का मुद्दा उठाकर सत्ता में आई हैं। तब सिंगुर में टाटा और नंदीग्राम में सलेम ग्रुप को जमीन देने के लिए किसानों का बड़े पैमाने पर विस्थापन किया जा रहा …

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सत्ता, बाजार, सियासत और बिजनेस से इस मौत के मंजर को बदलने में कोई मदद मिलने वाली नहीं

  पलाश विश्वास मौत सिरहाने इंतजार कर रही हो और मौत का यह मंजर सार्वजनिक हो, तो जिंदगी दर्द का सबब बन जाता है, जिससे रिहाई मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। पूरे रामराज्य में सरकारी गैरसरकारी में यह मौत का मंजर बागों में बहार है और ख्वाबों के रंग बिरंगे सुनहले दिन हैं। ममता बनर्जी का निजी अस्पतालों और नर्सिंग …

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शंकर गुहा नियोगी : नई आर्थिक नीति के पहले शहीद

  पुण्यव्रत गुण अनुवाद: पलाश विश्वास दल्ली राजहरा जनस्वास्थ्य आंदोलन और शहीद अस्पताल अपने परिवार में कई पीढ़ियों के छह छह कमाऊ डॉक्टरों को देखकर डॉक्टर बनने का ख्वाब देखना शुरू किया था…। मेडिकल कालेज में दाखिले के बाद मेडिकलकालेज स्टुडेंट्स एसोसिएशन ने नये सिरे से सपना देखना सिखाने लगा — डॉ. नर्मन बेथून,  डॉ. द्वारका नाथ कोटनीस जैसे डॉक्टर …

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