नक्सलवाद

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6000 आदिवासी जेल में, आरोप- उनके पास माओवादी साहित्य पाया गया

6000 आदिवासी जेल में, आरोप- उनके पास माओवादी साहित्य पाया गया अमीर और अमीर हुआ, गरीब को मिली जेल  | झारखंड के विचाराधीन कैदियों पर अध्ययन – कथित “लाल गलियारा”, “खनिज गलियारा” भी है रांची।…


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रमन सिंह का नारा : जवानों को चिता – बेईमानों की चिंता

लगातार बढ़ते नक्सली हमले भाजपा सरकार की विफलता का जीता-जागता सबूत नक्सलवाद के ख़िलाफ़ रमन सिंह सरकार की लड़ाई खोखली व कमज़ोर रमन सिंह की प्राथमिकता छत्तीसगढ़ की सुरक्षा नहीं सिर्फ अपने वोट’ की रक्षा,…


Lalit Surjan ललित सुरजन। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार व साहित्यकार हैं। देशबन्धु के प्रधान संपादक

प्रचंड और बाबूराम भट्टराई जनतान्त्रिक राजनीति में आ सकते हैं तो भारत के माओवादियों क्यों नहीं

नक्सली हिंसा : नजरिया अपना-अपना Prachanda and Baburam Bhattarai can enter democratic politics, so why not the Maoists of India ? भारत, जैसा कि नाम से ही अभिव्यंजित होता है, बुद्धिमानों का देश है। इसीलिये इस…