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Tag Archives: नागरिकता विवाद

मोदी का हिंदुत्व सिर्फ फरेब है?

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

 क्या बाहैसियत पूरबिया, पूर्वोत्तरी गैरनस्ली बंगाली हम हिंदू नहीं है या मोदी का हिंदुत्व सिर्फ फरेब है? ध्वनि ही मेरे अस्तित्व की गूंज अनुगूंज बनाती है। वह गूंज अनुगूंज इस कायनात में हमनस्ल-हमशक्ल इंसानों के दिलो-दिमाग में रच बसकर इंसानियत और कायनात की बेहतरी और खासतौर पर दुनियाभर मजहब नस्ल कौम वतन के दायरे तोड़कर इंसानियत और कायनात के हक …

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हिंदुत्व के फरेब का असली चेहरा बेपर्दा हो रहा

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

बंगविजय का एजेंडा मोदी की, संघ परिवार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और बंगाली हिंदुओं को शरणार्थी बताकर अहिंदुओं को देश निकालने के अल्टीमेटम बजरिये बंगाल में धर्मोन्मादी ध्रुवीकरण केसरिया कारपोरेट राजनीति है । जबकि हकीकत यह है कि गैरनस्ली बंगालियों को ही नहीं, पूरब के बिहार ओड़ीशा, दंडकारण्य, सारे पूर्वोत्तर के लोगों और देवभूमि हिमालय के वाशिंदों के साथ रंगभेदी …

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पूर्वी बंगाल के हिंदू शरणार्थियों से बांग्लादेश की आजादी की कीमत वसूल रहा संघ परिवार

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पाकिस्तान के हिस्से में जो बांग्लाभाषी भूगोल काटकर फेंक दिया गया दिल्ली में सत्ता हस्तांतरण के बाद पंजाब के विभाजन (Partition of punjab) के साथ-साथ, सबसे मिलिटेंट दो कौमों की सत्ता हासिल करने की संभावना को सिरे से काटकर, वह हिस्सा पाकिस्तान में बहुत दिनों तक नहीं रहा। गौरतलब है कि भारत के हिस्से में आये टुकड़ा-टुकड़ा बंगाली भूगोल ने …

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