न्यू इंडिया

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न्यू इंडिया : बेगैरत बादशाह की गुलाम जनता

कहने को तो देश में लोकतंत्र है (There is democracy in the country), पर जो व्यक्ति सत्ता पर काबिज है वह अपने आप को राजतंत्र के किसी बादशाह से कम नहीं समझा रहा है। जनता…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मर्डर इन द कैथेड्रल और न्यू इंडिया : नाटक जो लिखा इलियट ने वह काल्पनिक नहीं इतिहास है 

Brief by outline the historical background of murder in the cathedral. मर्डर इन द कैथेड्रल (Review of Murder in the Cathedral in Hindi) गीति नाट्य विधा (opera) में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल…


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‘‘न्यू इंडिया’’- 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था : ये सुहाने जुमले हैं, जुमलों का क्या!

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में बहस (motion of thanks on the President’s address, in Rajya Sabha) में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने झारखंड में तबरेज अंसारी की धर्म पूछकर भीड़-हत्या…


opinion, debate

प्रिय प्रधानमंत्री जी, ऐसा होगा क्या न्यू इंडिया?

रवि रनवीरा आपका भाषण सदैव ही आकर्षित करता रहा है. यह कोई नई बात नहीं है. लेकिन लाल किला पर जब न्यू इंडिया का बात किये तो कुछ नया सा लगा. जीएसटी, भ्रष्टाचार, पिछली सरकार…