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Tag Archives: मुगल साम्राज्य

रिलीज से पहले जानिए कैसी है पानीपत

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रिलीज से पहले जानिए कैसी है पानीपत हिन्दुस्तान की धरती बहुत से महायुद्धों की गवाह रही है। वर्तमान समय में भले ही यह हमें हमारी मातृभूमि को बचाने के लिए अपने पड़ोसी मुल्कों से सीमा की सुरक्षा करनी पड़ती है, लेकिन एक समय वो भी था जब विदेशी आक्रमणकारी भारत की सीमा में घुस कर हमला बोल देते थे। होता …

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1984 सिख क़त्ले-आम को जायज़ ठहराने वाले आरएसएस विचारक अब ‘भारत रत्न’ हैं!

Nana ji Deshmukh article on 1984 Sikh mascare

नाना देशमुख द्वारा प्रसारित मूल दस्तावेज़ यहाँ प्रस्तुत है। यह दस्तावेज़ जॉर्ज फर्नांडेस को मिला था और उन्हों ने इसे अपनी हिंदी पत्रिका 'प्रतिपक्ष' में तभी 'इंका-आरएसएस गठजोड़' शीर्षक से छापा था।

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अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा में गौतम बुद्ध

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Gautam Buddha in the Hindu imperialist agenda after Ambedkar : india will be powerful in asia using buddha diplomacy कल हमने लिखा था, अंबेडकर (Ambedkar) के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजेंडा (Hindu imperial agenda) में गौतम बुद्ध (Gautam buddha) को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर (Today’s Economic Times news) हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी‘ से एशिया में …

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टीपू सुल्तान : नायक या खलनायक?

Tipu Sultan

हाल में कर्नाटक में दलबदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त (Change of party and purchase of MLAs in Karnataka) का खुला खेल हुआ जिसके फलस्वरूप,  कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिर गई और भाजपा ने राज्य में सत्ता संभाली। सत्ता में आने के बाद, भाजपा सरकार ने जो सबसे पहला निर्णय लिया वह यह था कि राज्य में टीपू सुल्तान की जयंती (Tipu Sultan’s …

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मुसलमानों के हालात के लिए ज़िम्मेदार कौन? पीड़ित ही अपराधी?

कारवां-ए-मोहब्बत Caravan-e-Mohabbat  के साथ अपने हालिया साक्षात्कार interview में नसीरुद्दीन शाह Nasiruddin Shah ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या assassination of Police Inspector Subodh Kumar Singh पर अपना गहरा क्षोभ और गुस्सा व्यक्त किया. नसीरुद्दीन शाह के साक्षात्कार Interview of Nasiruddin Shah से भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों में व्याप्त असुरक्षा के भाव insecurity among religious minorities को अभिव्यक्ति …

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‘हिन्दू ही राष्ट्र है’ का झूठा नारा और राष्ट्र की आबादियों की संरचना और सेकुलरिज्म

‘हिन्दू ही राष्ट्र है’ का झूठा नारा और राष्ट्र की आबादियों की संरचना और सेकुलरिज्म राष्ट्र की आबादियों की संरचना और सेकुलरिज्म पर एक अति-संक्षिप्त नोट A very brief note on the structure of the nation's populations and secularism अरुण माहेश्वरी दुनिया का एक भी देश ऐसा नहीं है जिसकी आबादी की संरचना वहां के सिर्फ मूल निवासियों से बनी …

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राजा नारायण सिंह : ब्रिटिश राज के प्रथम विद्रोही

India news in Hindi

राजा नारायण सिंह : ब्रिटिश राज के प्रथम विद्रोही  आंचलिक पत्रकारिता (Regional journalism) के क्षेत्र में कृष्ण किसलय ने कई मीलस्तंभ कार्य किया है, जिनमें में से एक है ब्रिटिश राज का भारत में सबसे पहले विरोध करने वाले बिहार के विद्रोही राजा नारायण सिंह (Bihar’s rebel king Narayan Singh) के गुमनाम इतिहास को सामने लाना। राजा नारायण सिंह के …

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सबसे ज्यादा खतरनाक है आदिवासियों का व्यापक भगवाकरण

पलाश विश्वास आदिवासी दुनियाभर में सबसे ज्यादा सामाजिक है। इस लिहाज से अगर सामाजिक होना मनुष्यता है तो असल में आदिवासी ही मनुष्य हैं, जिन्हें सत्ता वर्ग की पवित्र पुस्तकों में राक्षस,  दानव,  दैत्य,  असुर, दस्यु, वानर, किन्नर न जाने क्या क्या लिखा कहा गया है। हमारा सारा मिथकीय इतिहास, साहित्य और धर्मग्रंथ आदिवासियों के विरुद्ध उऩके कत्लेआम के पक्ष …

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‘राजमाता’ पद्मावती के वंशधरों का अभी गौरव गान हो रहा है या निंदा गान !

'राजमाता' पद्मावती के वंशधरों का अभी गौरव गान हो रहा है या निंदा गान ! —अरुण माहेश्वरी 'पद्मावती' प्रकरण पर भाजपा और उसकी करणी सेना जो कर रही है, इन लोगों से इसके अतिरिक्त किसी और बात की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है। ये सब इतिहास के कब्रगाह से नाना प्रेतकथाएं तैयार करके राजनीति में उनके खौफ को …

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‘‘काल के कपोल पर रूकी हुई अश्रु की एक बूंद’’ ताजमहल और विघटनकारी राजनीति के खेल

राम पुनियानी भारत, प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर तो है ही, यहां मानव-निर्मित चमत्कारों की संख्या भी कम नहीं है। ये न केवल भारत वरन पूरी दुनिया से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। अचम्भित कर देने वाली ऐसी ही इमारतों में शामिल है ताजमहल, जिसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज़ महल की याद में …

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