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Tag Archives: राष्ट्रवाद

हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद : संकटग्रस्त लोकतंत्र नहीं है, यह आमलोगों एवं शिक्षितों की चेतना का संकट है

Jagadishwar Chaturvedi

वर्चुअल हिन्दू राष्ट्रवाद (Virtual Hindu nationalism) फुसलाता कम है लेकिन अनुकरण करने पर ज्यादा जोर देता है। इसकी मूल विशेषता (Basic feature of virtual Hindu nationalism) है बहलाना-फुसलाना-बरगलाना। वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद की एक चौकी फेसबुक और सोशल मीडिया भी है। यहां पर आपको आसानी से इनके राष्ट्रवादी अंधभक्त मिल जाएंगे। हम सब लोकतंत्र में मगन हैं और इस भ्रम में …

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मोदीजी की बेहाल अर्थनीति और जनता सांप्रदायिक विद्वेष और ‘राष्ट्रवाद’ का धतूरा पी कर धुत्त !

Narendra Modi new look

आर्थिक तबाही को सुनिश्चित करने वाला जन-मनोविज्ञान ! Public psychology that ensures economic destruction चुनाव में मोदी की भारी जीत लेकिन जनता में उतनी ही ज्यादा ख़ामोशी ! मोदी जीत गये, भले जनता के ही मत से, लेकिन विडंबना देखिये कि वही जनता उनकी जीत पर स्तब्ध है ! 2019 में मोदी की जीत सांप्रदायिक और राष्ट्रवादी उन्माद में होश …

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पाठ्यपुस्तकों में आरएसएस : संघ का राष्ट्र निर्माण से कभी कोई लेनादेना रहा ही नहीं

RSS Half Pants

राष्ट्रवाद (Nationalism) एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केन्द्र में है. पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा कि किस तरह सरकार के आलोचकों को राष्ट्रद्रोही घोषित कर दिया गया. हमने यह भी देखा कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को राष्ट्रविरोधी तत्वों का पोषक बताकर निशाना बनाया गया. इसके साथ ही, हिन्दू राष्ट्रवादी स्वयं को खालिस राष्ट्रवादी बता रहे हैं. …

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स्वामी विवेकानंद का भारत और राष्ट्रवाद, दूसरों के प्रति घृणा नहीं फैलाता, उनका राष्ट्रवाद भारतीयों को बेहतर मनुष्य बनाता है

swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद का भारत और स्वामी विवेकानंद का राष्ट्रवाद, दूसरों के प्रति घृणा नहीं फैलाता, उनका राष्ट्रवाद भारतीयों को बेहतर मनुष्य बनाता है

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एक स्वयंसेवक ने खोला राज, वामपंथी कैसे भाजपा की मदद करते हैं !

Shri Ram Tiwari श्रीराम तिवारी

वे संघी हैं, हमारे पड़ोसी हैं। भले ही बंद दिमाग वाले हैं, किंतु बिना स्वार्थ के, पहले जनसंघ का फिर जनता पार्टी का और अब भाजपा का झंडा उठाये घूमते रहते हैं! उनसे मैंने जब इस बंपर जीत का कारण पूछा तो बोले- ”हम कांग्रेस को या जो भी हमारे उम्मीदवार के सामने हो, उसे कमजोर कभी नहीं समझते! हम …

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देश नशे में है .. अफीम की खेती ही फूलेगी फलेगी…तमाशा ख़त्म हुआ ..चलो बजाओ…ताली…

kavita Arora डॉ. कविता अरोरा

महीनों से चल रहा मेला उखड़ने लगा.. खर्चे-वर्चे, हिसाब-विसाब, नफ़े-नुक़सान के कुछ क़िस्से कौन सा घाट किसके हिस्से… अब बस यही फ़ैसला होगा… बंदर बाट होगी काट छाँट होगी… बस कुछ दिन और चलेगा… पान की दुकानों पर बातें… लोगों की आपस में चंद मुलाक़ातें… उसके बाद सब सब कुछ भूल जायेंगे.. गली-गली के मुहाने लगे.. चुनावी चेहरों के पोस्टर …

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संघ परिवार ने स्वीकार कर लिया है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का कमल मोदी के नेतृत्व में भ्रष्ट और अश्लील पूंजीवाद के कीचड़ में खिलता है

Narendra Modi new look

नरेंद्र मोदी : पात्रता की पड़ताल नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पात्रता के पक्ष में विभिन्न कोनों/स्रोतों से लगातार स्वीकृति और समर्थन हासिल किया है. हालांकि पांच साल प्रधानमंत्री रह चुकने के बाद काफी लोग मोदी-मोह से बाहर आ चुके हैं. फिर भी यह हवा बनाई जा रही है कि अगले प्रधानमंत्री मोदी ही होंगे. …

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हारे हुए राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी

Modi go back

हारे हुए राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी जी। मोदी-शाह गिरोह जिस राष्ट्रवाद को इस चुनाव के केंद्रीय विमर्श में लाने के लिए यहाँ वहां फिफियाये घूम रहा है उसका चरित्र ‘राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद‘ का उभर कर सामने आ रहा है। बीते पांच साल से सत्ता के शीर्ष पर बैठे नरेंद्र मोदी के भाषणों में जिन विषयों को वरीयता …

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झूठ का तूफान और मोदी सरकार : आरएसएस की नयी मैकार्थियन रणनीति, राष्ट्रवाद के नाम पर भय पैदा करो

Jagadishwar Chaturvedi

पुलवामा की आतंकी घटना (Pulwama terror incident) के साथ ही भाजपा अपने मैकार्थियन एजेण्डे को आगे बढ़ाते हुए नई कड़ी के तौर पर ”गद्दार बनाम देशभक्त” की थीम पर प्रचार अभियान आरंभ कर चुकी है, इस थीम पर पहले वे आधिकारिक तौर पर 18फरवरी 2016 से तीन दिन तक यह अभियान पूरे देश में चला चुके हैं। इसे ”जन स्वाभिमान …

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झूठ का तूफान और मोदी सरकार : आरएसएस की नयी मैकार्थियन रणनीति, राष्ट्रवाद के नाम पर भय पैदा करो

debate opinion

Storm of lies and Modi government: RSS’s new McCarthian strategy, create fear in the name of nationalism पुलवामा की आतंकी घटना (Pulwama terror incident) के साथ ही भाजपा अपने मैकार्थियन एजेण्डे को आगे बढ़ाते हुए नई कड़ी के तौर पर ”गद्दार बनाम देशभक्त” की थीम (Theme of “Traitor Vs Patriot”) पर प्रचार अभियान आरंभ कर चुकी है, इस थीम पर …

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कौन सच्चा, गोलवरकर या भागवत : आरएसएस का ‘ग्लासनोस्त’ क्षण !

mohan bhagwat

कौन सच्चा, गोलवरकर या भागवत : आरएसएस का ‘ग्लासनोस्त’ क्षण ! -अरुण माहेश्वरी नई दिल्ली में भविष्य का भारत विषय पर आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के तीन भाषणों की श्रृंखला में उन्होंने भारतीय राष्ट्र के स्वरूप के बारे में जो तमाम बातें कही, आरएसएस के सर्वोच्च नेतृत्व की जुबान से ऐसी बातें सचमुच बेहद चौकाने वाली थी। ‘विविधता  में …

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कारपोरेट लूट की ढाल बन चुका है राष्ट्रवाद मोदी इसकी ढाल से अपने यार सरमायेदारों द्वारा देश की लूट को संरक्षण दे रहे

opinion, debate

मधुवन दत्त चतुर्वेदी राष्ट्रवाद कारपोरेट लूट की ढाल बन चुका है। यह न्याय, शांति, विवेक और लोकाधिकारों के विचार को दीमक की तरह चाट रहा है। जनद्रोही है राष्ट्रवाद। नरेन्द्र मोदी इसी राष्ट्रवाद की ढाल से अपने यार सरमायेदारों द्वारा देश की लूट को संरक्षण दे रहे हैं। औपनिवेशिक दासता से मुक्ति के उद्योग में राष्ट्रवाद की अपनी भूमिका सकारात्मक …

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राष्ट्रवाद की धारणा लोकतन्त्र के आस्तित्व के लिये घातक है : प्रो0 जगदीश्वर

Jagadishwar Chaturvedi

लोकतन्त्र बचाना है तो व्यक्ति के चरित्र को गिरने से बचाना होगा – प्रो0 जगदीश्वर भूपिन्दर पाल सिंह बाराबंकी, 04 नवंबर। देश के प्रखर साहित्यकार व स्तम्भकार प्रो0 जगदीश्वर चतुर्वेदी ने कहा है कि लोकतन्त्र की मजबूती व उसकी सुरक्षा जनता के अधिकारों की सुरक्षा पर निर्भर है। लोकतन्त्र बचाना है तो व्यक्ति के चरित्र को गिरने से बचाना होगा। …

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संविधान पर पुनर्विचार आरएसएस का ‘हिडेन एजेंडा’ है’!

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कॉपीराइट मुक्त रवीद्रनाथ टैगौर (Copyright Free Rabindranath Tagore) अब मुक्त बाजार के आइकन (Free market icons) में तब्दील हैं। उनके वाणिज्यिक विपणन से उसी नस्ली वर्ण वर्ग वर्चस्व के राष्ट्रवाद को मजबूत किया जा रहा है जिसका रवींद्रनाथ आजीवन विरोध करते रहे हैं। रवींद्र का दलित विमर्श-23 पलाश विश्वास चर्यापद के बाद आठवीं सदी से लेकर ग्यारवीं सदी के इतिहास …

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