Home » Tag Archives: लोहिया ने कहा था

Tag Archives: लोहिया ने कहा था

डॉ. लोहिया की पुण्य तिथि पर एकजुट हुए समाजवादी व वांमपंथी

Socialist and Leftist united on the death anniversary of DR. Lohia सिंगरौली। बैढन स्थित किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच के कार्यालय पर डॉ. लोहिया की 47 वीं पुण्य तिथि पर रविवार शाम को 4 बजे से एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में डॉ. लोहिया के विचारों और कार्यशैली को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का …

Read More »

क्या सचमुच पूँजीवाद के विरोधी थे लोहिया?

opinion debate

लोहिया, आंबेडकर और गाँधी (भाग-2) | Lohia, Ambedkar and Gandhi लोहिया न जाति से ऊपर उठे थे और न धर्म से (यह आलेख रोशन प्रेमयोगी के उपन्यास ‘आजादी: टूटी फूटी’ की समीक्षा नहीं हैं, पर उसके बहाने लोहिया के समाजवाद की आलोचना है।) लोहिया के विचारों को लेकर कुछ सवाल उभरते हैं। मसलन, यह सच है कि सिर्फ संसद में …

Read More »

आज लोहिया होते तो गैर भाजपावाद का आह्वान करते

debate, thought, analysis,

अगर आज लोहिया होते तो… ‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं.’ गैर-कांग्रेसवाद के जनक और समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया का यह कथन आज की सरकारों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 1960 के दशक में जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकारों के लिए था. लोहिया युग पुरुष थे और ऐसे लोगों का चिंतन …

Read More »

पं. नेहरू के शिष्य थे डॉ. लोहिया

गरीब आदमी की पक्षधरता की राजनीति की बुनियाद डाली थी नेहरू और लोहिया ने Nehru and Lohia had laid the foundation for the politics of favoritism of the poor. आजकल देश के दो सबसे बड़े राज्यों में डॉ. राम मनोहर लोहिया के अनुयायियों की सरकार है। उत्तर प्रदेश और बिहार के समाजवादी मुख्यमंत्रियों की सरकारें दावा करती पायी जाती हैं …

Read More »

समाजवादी आन्दोलन व चिंतन की पाठशाला है छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र

Janeshwar Mishra

know more about Jnaneshwar Mishra | Politics Blog | जानिए छोटे लोहिया की कहानी जनेश्वर मिश्र (Janeshwar Mishra) समाजवादी आन्दोलन के एक योद्धा व विचारक के रूप में सदैव याद किये जायेंगे। ५ अगस्त,१९३३ को श्रीमती बासमती एवं श्री रंजीत मिश्र के पुत्र रूप में बलिया जनपद के शुभ नाथहि गाँव में जन्मे जनेश्वर मिश्र पर तत्कालीन ब्रितानिया हुकूमत के …

Read More »