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Tag Archives: होक कलरव

यूपी में नोटों की वर्षा नोटबंदी नसबंदी के मध्य? क्यों? हम नहीं जानते हैं। आप?

नोटबंदी के पचास दिन पूरे होते न होते जेएनयू के बारह बहुजन छात्रों पर कुठाराघात पलाश विश्वास 30 दिसंबर तक की मोहलत खत्म होने से पहले जेएनयू पर हमला नोटबंदी के सर्जिकल स्ट्राइक से, कैशलैस डिजिटल इंडिया से, दिवालिया बैंकिंग, लाटरी अर्थव्यवस्था से ध्यान हटाने का मास्टर स्ट्रोक तो नहीं है? रोहित वेमुला को भूलने की तरह फिर छात्र युवा …

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महालया से अब दुर्गोत्सव, राजपथ पर राजकीय परेड और घर-घर स्त्री उत्पीड़न

महालया से अब दुर्गोत्सव, राजपथ पर राजकीय परेड और घर-घर स्त्री उत्पीड़न स्त्री की चीखें किसी को सुनायी नहीं पड़ती वैदिकी मंत्रोच्चार और सत्ता पक्ष के वीभत्स ढाक ढोल नगाड़ों के शोर शराबे में। सबिता बिश्वास बंगाल में सत्ता और आस्था बाकी देश की तरह अब एकाकार है और पवित्र प्रतिमाओं पर सत्ता का बेशर्म चेहरा चस्पा है। अब पंचम …

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अंबेडकर  की बात करने वाले रोहित वेमुला की तरह मार दिये जायेंगे!!!

जाति उन्मूलन के बिना कोई क्रांति नहीं, तो क्रांति के बिना जाति उन्मूलन भी असंभव बाबासाहेब के मिशन को लेकर छात्रों युवाओं ने रचा जाति उन्मूलन पब्लिक कंवेंशन! भद्रलोक कोलकाता के दिल में सामाजिक क्रांति की दस्तक   पलाश विश्वास कोलकाता। बाबासाहेब अंबेडकर के जाति तोड़ो मिशन का समर्थन वर्चस्ववादी ब्राह्मणवादी नहीं कर सकते तो इससे भी बड़ा सच यह …

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क्या #भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले #पाकिस्तानी हैं, #राष्ट्रद्रोही हैं जो #पाकिस्तान खुश होगा, गुजरात नरसंहार के इतिहास से पूछें जवाब!

क्या भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले पाकिस्तानी हैं,  राष्ट्रद्रोही हैं जो पाकिस्तान खुश होगा, गुजरात नरसंहार के इतिहास से पूछें जवाब! हीराभाभी को सलाम कि उनने कारपोरेट लिटरेचर फेस्टिवल के दिये गिरदा को मरणोपरांत लाइव टाइम एचिवमेंट ठुकरा दिया। कहा, जिसने लिया, वे रख लें। गिरदा के सरोकारों से इसका मतलब नहीं। सिंगुर के किसानों को एक इंच जमीन …

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इस देश को न हिंदुत्व का महागठबंधन तोड़ सकता है और न फासिज्म का मुक्तबाजारी नफरत और नरसंहार का एजेंडा।

भारतीय सिनेमा अब प्रतिरोध में है वैज्ञानिक साथ हैं, युवाशक्ति भी साथ पलाश विश्वास HOKOLOROB as we stand Divided, Let us unite to save Humanity and Nature! केसरिया सत्ता अब छात्रों को भी नहीं बख्शेगी! जाग मेरे मन मछंदर jaag mere man machhandar हमने अस्कार विजेता फिल्मकार गुलजार के बयान की नफरत की इस आंधी के खिलाफ विरोध का रास्ता …

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मीडिया सत्ता के हक में लामबंद, मीडिया जनता के हक हकूक के खिलाफ

मीडिया सत्ता के हक में लामबंद, मीडिया जनता के हक हकूक के खिलाफ मीडिया बेदखली का पैरोकार मीडिया में मुक्त बाजार की जय जयकार हैरत भी नहीं कि मी़डिया बेदखल कैंपस में होक कलरव के खिलाफ लामबंद মুখ্যমন্ত্রীর উপস্থিতিতে প্রেসিডেন্সি বিশ্ববিদ্যালয়ে ছাত্রছাত্রীদের ওপর বর্বরোচিত পুলিশী হামলার প্রতিবাদে শনিবার এস এফ আই-এর মিছিল…… Students LATHICHARGED in presence of the CM. Procession …

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जान बचाने को तस्लीमा नसरीन ने भारत छोड़ा

मोदी-ममता-जमात के नए समीकरण सॆ बढ़ा खतरा “संघ जमात भाई भाई/दुइयेर एक दड़िते फांसी चाई” (जमात संघी भाई-भाई, एक ही रस्सी पर दोनों की फांसी चाहिए) नई दिल्ली। विवादास्पद उपन्यास लज्जा की लेखिका तस्लीमा नसरीन को अपनी जान बचाने के लिए भारत छोड़ना पड़ा है। इस बार उन्होंने अपनी मंजिल के तौर पर अमेरिका को चुना है। बांग्लादेशी मूल की …

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बहुजन जिस दिन जाति की जंजीरें तोड़ देंगे न जाति रहेगी और न हिंदू साम्राज्यवाद का नामोनिशान

बहुजन ही जाति उन्मूलन के सबसे ज्यादा खिलाफ हैं शत प्रतिशत हिंदुत्व का ताजा फार्मूला घर वापसी के जरिये हिंदुत्व और अपनी जाति में लौटे बिना गैरहिंदुओं को आरक्षण नहीं मिलें, इसका चाकचौबंद इंतजाम हो रहा है। सबसे पहले साफ यह कर दूं कि कि कोई होगा ईश्वर किन्हीं समुदाय केलिए, कोई रब भी होगा, कोई खुदा होगा तो कोई …

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अब पिंजड़े में कैद तोता है भारतीय रिजर्व बैंक भी

अब पिंजड़े में कैद तोता है भारतीय रिजर्व बैंक भी, जनपक्षधर लोग किस पिंजडे में कैद हैं, समझना मुश्किल है जोगीरा सारारा…ना गरीब की ना अमीर की…केवल गुलाल और अबीर की…होली तो बस होली है…जोगीरा होली निवेशकों,पूंजी की होली है..सारारा.. निर्भया हत्याकांड में बलात्कारी हत्यारे मुकेश के इंटरव्यू ने भारतीय समाज में पुरुष वर्चस्व का देहमन बेनकाब कर दिया है। कंडोम …

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बजट- पेश होना है जनसंहार की नीतियों का कारपोरेट दस्तावेज

बजट – विकास गाथा मेकिंग इन में हमारा पक्ष क्या और हमारा प्रतिरोध क्या आज के अखबारों को पढ़ने और राजनेताओं के बयानात पर गौर करने क बाद बेहद अफसोस के साथ लिखना पड़ रहा है कि अर्थव्यवस्था या तो लोग समझ ही नहीं रहे हैं या फिर अपने अपने हितों के मुताबिक जनता को असलियत न बताकर गुमराह कर …

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