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Tag Archives: Bhagat Singh

भगत सिंह ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता क्यों माना? सुभाषचंद्र बोस ने महात्मा गांधी को ”राष्ट्रपिता” का संबोधन क्यों दिया?

happy Independence Day

स्वाधीनता और जनतंत्र का रिश्ता | Relation of freedom and democracy आज हम आज़ादी के बहत्तर साल पूरे कर स्वाधीन मुल्क के तिहत्तरवें वर्ष में पहला कदम रख रहे हैं। इस मुबारक मौके पर एक पल रुककर हमें खुद से पूछना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता हासिल करना हमारा अंतिम लक्ष्य था या किसी वृहत्तर लक्ष्य की पूर्ति के लिए …

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और अंत में लोहिया! विडम्बना या पाखंड की पराकाष्ठा? 

Narendra Modi new look

23 मार्च को डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्मदिन (Dr. Ram Manohar Lohia’s Birthday) होता है. हालांकि कहा जाता है वे अपना जन्मदिन मनाते नहीं थे. क्योंकि उसी दिन क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव (Revolutionary Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev) को ब्रिटिश हुकूमत (British rule) ने फांसी पर चढ़ाया था. लिहाज़ा, भारत के ज्यादातर समाजवादी (Most Socialists of India) लोहिया …

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मोदीजी ! सावरकर ने तो सुभाषचंद्र बोस के खिलाफ ब्रिटिश शासकों का साथ दिया था

Savarkar apologized to the British rulers six times

मोदीजी ! सावरकर ने तो सुभाषचंद्र बोस के खिलाफ ब्रिटिश शासकों का साथ दिया था शम्सुल इस्लाम हमारे देश के प्रधान मंत्री मोदी, जो खुद को हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाना पसंद करते हैं, ने अक्टूबर 21, 2018 को दिल्ली के लाल क़िले पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा 75  साल पहले सिंगापुर में आरज़ी यानी अस्थाई आज़ाद भारत सरकार की घोषणा …

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नेहरू जेल में भगत सिंह से मिले थे या नहीं, इससे आपको क्या लेना-देना मि. मोदी ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

हाल में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Elections) के प्रचार के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई ऐसे वक्तव्य दिए, जो न केवल असत्य थे, बल्कि जिनका एकमात्र उद्देश्य उनके विरोधियों के विरुद्ध जनभावनाएं भड़काना था। कर्नाटक के बीदर में एक आमसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने एक सफ़ेद झूठ बोला। उन्होंने कहा, “जब शहीद भगत सिंह, …

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यही कुंठा सावरकर के आगे वीर लगाकर भगत सिंह के समकक्ष खड़ा करने की कोशिश करती है

Veer Savarkar

यही कुंठा किसी मुगलसराय को बदल कर दीनदयाल कर देती है और किसी सावरकर के आगे वीर लगाकर भगत सिंह के समकक्ष खड़ा करने की कोशिश करती है. राजीव यादव हैं दोनों चश्मे की दुकानें और दोनों आस-पास पर एक मियां बाजार और दूसरी माया बाजार में. ये चश्मे के नंबर का दोष नहीं बल्कि राजनीतिक दोष है. इसलिए चश्मे …

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भगत सिंह बनाम सावरकर – दोनों अलग ध्रुवों पर खड़े नज़र आते हैं…

Martyrs Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev and the shameless Hindutva Gang.jpg

भगत सिंह बनाम सावरकर Bhagat Singh vs Savarkar. हम लोग कई बार देशभक्तों के मूल्यांकन में उन्हें सरसरी तौर पर देशभक्त या देश का शत्रु अपनी विचारधारा के अनुकूल या प्रतिकूल होने के कारण मान कर उनके वास्तविक महत्व या कमज़ोरी को रेखांकित करने में चूक जाते हैं। मसलन कुछ लोग हिन्दुत्व के प्रचारक सावरकर को देशभक्त मानने से एकदम इन्कार …

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