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Tag Archives: Binayak Sen

आज सुबह की बड़ी खबरें : रामराज्य (!) में इकबाल का गीत गाने पर प्रधानाध्यापक निलंबित

Top 10 morning headlines

Live News : संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच हो सकता है। अयोध्या विवाद मामले में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित (Ayodhya verdict) चालीस दिन की सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजनीतिक रूप से अति-महत्वपूर्ण 70 वर्ष पुराने मामले में अपना फैसला सुरक्षित …

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सावरकर अपनी हिंसा और छल-कपट की नीति की होड़ दरअसल गांधी की अहिंसा और पारदर्शिता की नीति से करते थे

Veer Savarkar

दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) : क्या थमेगा मूर्ति विवाद! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् – Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) की 30 अगस्त 2019 की रैली में हुए भाषणों से यह स्पष्ट लगता है कि 12 सितम्बर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव (Delhi University Students Union (DUSU) Election) में हाल का मूर्ति-विवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा. चुनाव …

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आजादी के आंदोलन का धुर विरोधी रहा है आरएसएस, केंद्र सरकार का 370 पर कदम आतंकवाद को बढ़ायेगा ही : अखिलेंद्र

Akhilendra Pratap Singh अखिलेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य स्वराज अभियान

जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन और उसके विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त किए जाने के संदर्भ में दो बातें :Two things in the context of the reorganization of the state of Jammu and Kashmir and the abolition of its special state status राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल (J&K Reorganization Bill passed by Parliament) और उसे मिले …

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सावरकर का वो सच जो सरकार आपको नहीं बताएगी

Veer Savarkar

स्तंभकार डॉ. राम पुनियानी का आलेख “नेताजी बोस, नेहरू और उपनिवेश विरोधी संघर्ष” मूलतः 08 नवंबर 2018 को हस्तक्षेप पर प्रकाशित हुआ था। आज 28 मई को विनायक दामोदर सावरकर की जयंती (Veer Savarkar Jayanti: Facts, Quotes) पर हस्तक्षेप के पाठकों के लिए पुनर्प्रकाशन…. Netaji Bose, Nehru and anti-colonial conflict – यदि आधुनिक भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राष्ट्र है …

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हमें उन लोगों के साथ खड़े होने की जरूरत है, क्योंकि वे हमारे साथ खड़े रहते हैं

हमें उन लोगों के साथ खड़े होने की जरूरत है, क्योंकि वे हमारे साथ खड़े रहते हैं सत्येन्द्र पीएस अरुंधति राय का मैं बहुत पहले से समर्थक रहा हूं। उनका लिखा वाकिंग विद कॉमरेड्स पढ़ा था, तभी से। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस समय वाकिंग विद कॉमरेड्स स्थापित करने की मुहिम में लगी है। समाज …

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महिला समूहों ने लगाई योगी से गुहार, एंटी रोमिओ स्क्वॉड पर लगे लगाम

उत्तर प्रदेश में बढ़ता भगवा आतंक और सरकार की विफलता अब तक पुलिस व भगवा ब्रिगेड द्वारा की गयी ज्यादतियों पर तुरंत कानूनी कार्यवाही हो नई दिल्ली, 12 अप्रैल : देश के प्रसिद्ध महिला समूहों ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते भगवा आतंक और सरकार की विफलता पर चिंता जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगादित्यनाथ से तुरंत एंटी रोमिओ स्क्वॉड …

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सत्ता, बाजार, सियासत और बिजनेस से इस मौत के मंजर को बदलने में कोई मदद मिलने वाली नहीं

  पलाश विश्वास मौत सिरहाने इंतजार कर रही हो और मौत का यह मंजर सार्वजनिक हो, तो जिंदगी दर्द का सबब बन जाता है, जिससे रिहाई मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। पूरे रामराज्य में सरकारी गैरसरकारी में यह मौत का मंजर बागों में बहार है और ख्वाबों के रंग बिरंगे सुनहले दिन हैं। ममता बनर्जी का निजी अस्पतालों और नर्सिंग …

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शंकर गुहा नियोगी : नई आर्थिक नीति के पहले शहीद

  पुण्यव्रत गुण अनुवाद: पलाश विश्वास दल्ली राजहरा जनस्वास्थ्य आंदोलन और शहीद अस्पताल अपने परिवार में कई पीढ़ियों के छह छह कमाऊ डॉक्टरों को देखकर डॉक्टर बनने का ख्वाब देखना शुरू किया था…। मेडिकल कालेज में दाखिले के बाद मेडिकलकालेज स्टुडेंट्स एसोसिएशन ने नये सिरे से सपना देखना सिखाने लगा — डॉ. नर्मन बेथून,  डॉ. द्वारका नाथ कोटनीस जैसे डॉक्टर …

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हिटलर और मुसोलिनी के अनुयायी अपने फासिस्ट और आक्रामक रूप को दिखाने को बेचैन

मनुष्यों के जीवन की लड़ाई अगर जारी है तो वे भविष्य का कोई न कोई रास्ता तैयार करेंगे ही हिटलर और मुसोलिनी के आदर्शों पर तैयार हुए संगठन अपने मूल फासिस्ट और आक्रामक रूप को दिखाने के बेचैन हो रहे हैं अरुण माहेश्वरी मार्क्सवादी आलोचक, चिंतक और विचारक हैं। लंबे समय से वामपंथी आन्दोलन से जुड़े रहे और आज भी …

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छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर राजकीय दमन- चुप क्यों हैं महामहिम?

सुनील कुमार भारत अपने को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहता है और इसी वर्ष भारत ने अपना 67 वां गणतंत्र दिवस मनाया। लोकतंत्र-गणतंत्र पर नेता, मंत्री, अधिकारी बहुत बड़ी-बड़ी बातें करते हैं; जो सुनने में बहुत अच्छी लगती हैं और हमें गर्व महसूस होता है कि हम लोकतांत्रिक देश में जी रहे हैं। यह गर्व और खुशफहमी तभी तक …

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डॉ. विनायक सेन के बाद डॉ. शैवाल जाना आए रमन सरकार के निशाने पर

डॉ. शैवाल जाना गिरफ्तार नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में स्थित दल्ली राजहरा के शहीद अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक डॉ. शैवाल जाना को कल देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शहीद अस्पताल की शुरुआत स्व. शंकर गुहा नियोगी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा द्वारा किया गया था। अस्पताल आज भी उस इलाके के मज़दूरों द्वारा इकट्ठा किए …

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अम्बानियों के लिए तो इनके पास जादू की छड़ी हर समय तैयार है, पर आप के और मेरे लिए कुछ भी नहीं

मनु और दनु दोनों ही मिथक हैं. मनु की सन्तान होने के कारण मानव और दनु की सन्तान को दानव की अवधारणा भी कल्पना से अधिक कुछ नही है. हिन्दू समाज को नियमित करने के लिए रची गयी स्मृतियाँ तो बहुत बाद में बनीं. सम्भवत: गुप्त पुनर्जागरण के बाद. किसी शास्त्रकार ने अपने ग्रन्थ का नाम मनु से जोड़ा तो …

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देश में चल रहा है सत्ता का बुलडोजर- दीपांकर भट्टाचार्य (एआईपीएफ का स्थापना सम्मेलन)

जन जन की है ये आवाज, नहीं चलेगा कंपनी राज – एआईपीएफ का स्थापना सम्मेलन शुरू पंद्रह राज्यों से पहुंचे नौजवान कार्यकर्त्ता नई दिल्ली। दिल्ली में बदले हुए राजनैतिक माहौल में आज यहां झंडेवालान स्थित आंबेडकर भवन प्रांगण में शुरू हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम ( एआईपीएफ ) के स्थापना सम्मेलन ने कारपोरेट घरानों की लूट के खिलाफ देश भर …

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पानसरे की शहादत को जाया न जाने देंगे- दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा

पानसरे की शहादत – ज़िंदगी जिस धुन में जी, मौत से भी पानसरे ने वही काम लिया नई दिल्ली । महाराष्‍ट्र के कोल्‍हापुर में हाल में 16 फरवरी को अज्ञात हमलावरों की गोलियों का शिकार हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के वरिष्‍ठ नेता कॉमरेड गोविंद पानसरे की याद में दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। आईटीओ स्थित हिंदी भवन में …

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अगला “भारत रत्न” किसे दूँ

कल रात से सोच रहा हूँ कि अगला “भारत रत्न” किसे दूँ। एक चुनाव तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और विनायक दामोदर सावरकर के बीच करना था। इनमें से तो मैंने ‘वीर’ सावरकर को चुन लिया। फ्री इंडिया सोसाइटी की गतिविधियों में भाग लेने पर गिरफ़्तारी के बाद उन्होंने 1910 में मार्सेलेस में कैद से भागने …

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भारत में एनजीओ की सक्रियता और अमेरिका-पोषित नोबेल का नाता

अभिरंजन कुमार अमेरिका और अन्य प्रमुख पश्चिमी देशों को हम जितना गालियां दे लें, लेकिन उनके विज़न की दाद देनी पड़ेगी। वे बीस साल, पचास साल, सौ साल आगे की सोचकर काम करते हैं। हम लोग चार दिन आगे नहीं सोच पाते हैं। भारत जैसे मुल्क आज भी उनके हाथों के खिलौने भर हैं। हम सब रंगमंच की वो कठपुतलियां …

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समाजवादियों और वामपंथियों ने जन आंदोलनों के साथ मिलकर बनाया राष्ट्रीय मंच

साथ आए वामपंथी और समाजवादी नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को एक नई राजनैतिक पहल हुई है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे जन आंदोलनों के साथ समाजवादी और वामपंथी धारा के कार्यकर्त्ता शामिल हुए। दिल्ली के एनडी तिवारी भवन में दिन भर चली बैठक के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनैतिक मोर्चा बनाने का फैसला हुआ …

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संघ गिरोह की सरकार बनने से साम्प्रदायिक अपराधियों के हौसले बुलंद- रिहाई मंच

रोजेदार मुस्लिम कर्मचारी के मुंह में जबरन रोटी ठूंसने वाले शिवसेना सांसदों की संसद सदस्यता निरस्त हो- रिहाई मंच सामाजिक राजनीतिक संगठनों ने की बैठक लखनऊ, 23 जुलाई 2014। रिहाई मंच ने महाराष्ट्र सदन में आईआरसीटीसी के मुस्लिम कर्मचारी और रोजेदार अरशद को शिव सेना के सांसदों द्वारा जबरन मुंह में चपाती ठूंसने के प्रकरण की निंदा करते हुए लखनऊ …

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क्रांतिकारी भी हैं और अंग्रेज भक्त भी सावरकर

रणधीर सिंह सुमन भारत के क्रांतिकारियों में विनायक दामोदर सावरकर सबसे ज्यादा विवादस्पद व्यक्ति रहे हैं। इनके जीवन के दो पक्ष हैं, एक पक्ष यह है कि वह बहुत बड़े क्रांतिकारी थे दूसरा पक्ष यह है कि उनका माफीनामा ब्रिटिश साम्राज्यवाद द्वारा स्वीकार कर लेने के बाद अंडमान जेल से निकलने के बाद ब्रिटिश साम्राज्यवाद की सेवा में लग गए …

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ख्वाब देख रहे मोदी, 200 सीटें भी जुटा पाना हो जाएगा मुश्किल-स्वामी अग्निवेश

भाजपा और कांग्रेस के जो नेता खुल कर माओवादियों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें रमन सरकार बचा रही है-स्वामी अग्निवेश एकता और रवि शेखर बस्तर। सोनी सॉरी का प्रचार अभियान समय के साथ साथ सघन होता जा रहा है। उन्हें विभिन्न जनजातीय समाजों के समर्थन के साथ साथ राष्ट्रीय स्तर पर जाने पहचाने चेहरों का सहयोग भी मिल रहा …

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गढ़चिरोली क्या भारत का हिस्सा नहीं है ? ? यह देश दिनोंदिन तेजी से फासिज्म की ओर बढ़ रहा है

सवाल यह है कि क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र का दम भरने वाले इस देश में पुलिसिया आतंकराज ही चलेगा? गढ़चिरौली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र और संस्कृतिकर्मी हेम मिश्रा की गिरफ्तारी कर पुलिस रिमांड पर लेने का देश भर में तीव्र विरोध हो रहा है। संस्कृतिकर्मियों, साहित्यकारों एवं छात्र युवासंगठनों ने हेम मिश्रा की गिरफ्तारी को …

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कॉरपोरेट सेक्टर और फासिस्ट ताकतों द्वारा ‘उदार लोकतंत्र’ की सड़क को हाइवे बनाने के विचार का आरम्भिक तर्क

रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष और क्रांतिकारी कवि वरवर राव ने पिछले दिनों हंस द्वारा आयोजित उसके सालाना जलसे में जाने से इंकार कर दिया था और अपने इस कदम पर एक पत्र जारी कर अपना स्टैण्ड स्पष्ट कर दिया था। लोकतंत्र की माला जपकर हर रोज़ घोर अलोकतांत्रिक कार्य करने वाले और बिना सम्पूर्ण पत्रकार बने संपादक बन गये …

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सीमा आजाद कब होगी आजाद ?

कौशल किशोर निसार मैं तेरी गलियों के ऐ वतन केः जहाँ चली है रस्म केः कोई न सर उठाके चले जो कोई चाहने वाला तवाफ को निकले नजर चुरा के चले वो जिस्म-ओ-जाँ बचा के चले आज मुल्क की हालत कमोबेश ऐसी ही है, जैसा फैज अपनी इस नज्म में बयान कर रहे हैं। हमारे शासकों ने जिन नीतियों पर …

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सीमा आजाद का सवाल उठाएंगे विनायक सेन !

अंबरीश कुमार लखनऊ अप्रैल। मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल अब विनायक सेन की तरह ही माओवादी साहित्य रखने के साथ राजद्रोह के आरोप में इलाहाबाद जेल में बंद पत्रकार सीमा आजाद का सवाल उठाने जा रहा है । पीयूसीएल इस मामले में उत्तर प्रदेश में जन दबाव बनाने के लिए विनायक सेन को आमंत्रित करने जा रहा है । विनायक सेन इस …

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फासीवाद के बढ़ते कदम और न्याय की अवधारणा

राष्ट्रीय मानवाधिकार जनसम्मेलन स्थान- संजरपुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश तिथि- 27 फरवरी 2010, रविवार समय- सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक साथियों, पिछले दिनों एक के बाद एक आए न्यायालयों के फैसलों ने मानवाधिकार आंदोलन के सामने चुनौती खडी कर दी है कि जब लोकतंत्र में न्याय पाने के एक मात्र संस्थान न्यायालय भी सत्ता के दबाव में निर्णय …

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मनमोहन ”मुबारक“ हो!

अमलेन्दु उपाध्याय लगता है ट्यूनीशिया और मिस्र में चली तानाशाही विरोधी जनलहर ने एशिया के अन्य देशों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। टयूनीशिया तथा मिस्र जैसी आग अब यमन भी पहुंच गई है। मिस्त्र के जनांदोलन ने मध्य एशिया के देशों में नई आशा और विश्वास का संचार किया है और हो सकता है कि …

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कभी खुद पर , कभी हालात पर रोना आया

जुगनू शारदेय क्या जमाना हुआ करता था । तब आमने सामने खुले आम जम कर बात हो जाती थी । जमाना पुराना था , अंदाज भी पुराना बातचीत में कुछ  गालीगलौज भी हो जाती थी । अब तो ऐसा जमाना आया है कि बातचीत भी सरल मोबाइल संदेश हो गए हैं । हमारे बचपन में हमें दो अवादी शब्दों से …

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विदेशों में भी गूंजी विनायक सेन को रिहा करने की मांग

वॉशिंगटन, एजेंसी छत्तीसगढ़ की एक जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. विनायक सेन को रिहा करने की मांग विदेशों में भी सुनाई दी। मानवाधिकार समर्थकों ने सप्ताहांत में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दर्जनों शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर भारत सरकार से डॉ. विनायक सेन को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में 55 गैर-सरकारी …

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भाजपाई अश्वमेध का घोड़ा- कर्नाटक में क़ैद…

श्रीराम तिवारी माननीय राज्यपाल {कर्णाटक}हंसराज भारद्वाज देश के उन बचे-खुचे कांग्रेसियों में से हैं जो न केवल विधि विशेषग्य अपितु केंद्र राज्य संबंधों के प्रखर अध्येता भी रहे हैं ; उन्होंने जब कर्णाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री येदुरप्पा के खिलाफ आपराधिक मुकद्दमें की अनुमति दी तो कर्णाटक में गुंडों ने आसमान सर पर उठा लिया. उम्मीद की जा सकती थी …

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कैमूर की वादियों में गूंजी विनायक सेन को रिहा करने की मांग

शिवदास छत्तीसगढ़ में रायपुर की एक अदालत द्वारा पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर विनायक सेन को दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ पूरे देश में उठ रही आवाज की गूंज बीते दिनों कैमूर की वादियों में भी सुनाई दी। सत्ता द्वारा सूबे के सबसे नक्सल प्रभावित जिले के रूप में नवाजे गए आदिवासी बहुल सोनभद्र में पीयूसीएल के …

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सत्ता का लोकतंत्र

पुण्य प्रसून बाजपेयी विनायक सेन का राजद्रोह न्यायपालिका के आईने में देखा जाये या राजनीति के आईने में। जो कानून छत्तीसगढ़ में लाया गया उसकी धारायें ही जब गुलाम भारत की याद दिलाती हैं। और न्यायपालिका को तो उन्हीं धाराओं के तहत पहल करनी है, तो क्या सिर्फ न्यायपालिका के भरोसे विनायक सेन का सवाल उठाना उचित है। काले कानून …

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देश को विनायक सेन जैसे देशद्रोहियों की जरूरत है.

< ![CDATA[डॉ। बिनायक सेन की रिहाई को लेकर हिन्दी विश्वविद्यालय के छात्रों अध्यापकों व शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज उनके 61 वें जन्म दिन पर एक बड़ा जुलूस निकाला. यह जुलूस हिन्दी विश्वविद्यालय से प्रारम्भ हो मगनवाड़ी तक गया और यहाँ पर एक सभा का आयोजन भी किया गया. जिसमे प्रतिष्ठित किसान नेता विजय जावंधिया, मनोज कुमार, विभा गुप्ता, …

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हम जीतें या न जीतें पर लड़ेंगे

“जनतंत्र में बहुत गलतियाँ होती हैं। सालों बाद पता लगता है कि किसी के साथ नाइंसाफी हुई है। अगर हमारे साथ ऐसा हुआ तो ये मान लेना कि इसमें जनता का हित जुड़ा है।‘’ ये शब्द बिनायक सेन ने जेल जाने से पहले अपनी पत्नी एलीना को कहे थे। एलीना बिनायक के साथ, अराजकतावादी राज्य और साम्राज्यवादी अदालतों के निर्णयों …

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डॉ0 विनायक सेन की सजा के खिलाफ लखनऊ में जुटे लेखक और संस्कृतिकर्मी

कौशल किशोर छत्तीसगढ़ की निचली अदालत द्वारा विख्यात मानवाधिकारवादी व जनचिकित्सक डॉ0 विनायक सेन को दिये उम्रकैद की सजा के खिलाफ तथा उनकी रिहाई की माँग को लेकर जन संस्कृति मंच “जसम” की ओर से 2 जनवरी 2011 को लखनऊ के शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन व सभा का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से लखनऊ के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों, नागरिक …

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छत्तीसगढ़ सरकार से भयभीत विनायक सेन की पत्नी ले सकती हैं विदेश में पनाह

शेष नारायण सिंह नयी दिल्ली ,३ जनवरी .. छत्तीसगढ़ पुलिस की साज़िश के शिकार हुए डॉ बिनायक सेन की पत्नी, श्रीमती इलीना सेन ने आज दिल्ली में कहा कि छत्तीस गढ़ की न्यायव्यवस्था से वे इतना ऊब गयी हैं कि मन कहता है कि किसी ऐसे देश में पनाह ले लें जहां मानवाधिकारों की कद्र की जाती हो . उन्होंने …

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विनायक सेन को राजद्रोही साबित करने के चक्कर में मानव-अधिकारों पर हमला.

विनायक सेन को काल्पनिक आरोपों की जद में आजीवन कारावास की सजा  के समर्थन और विरोध के स्वर केवल भारत ही नहीं ,वरन यूरोप ,अमेरिका  में भी सुने जा रहे हैं .इस फैसले के विरोध  में दुनिया भर के लोकतान्त्रिक ,जनवादी ,धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी शामिल हैं ,वे जुलुस ,नुक्कड़ नाटक ,रैली और सेमिनारों के मार्फ़त श्री विनायक सेन की बेगुनाही …

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विनायक सेन – लामबंद हुए जन संगठनों ने कहा -छत्तीसगढ़ का काला कानून रद्द हो

अंबरीश कुमार लखनऊ, 28 दिसंबर। मानवाधिकार नेता विनायक सेन को देशद्रोह के आरोप में जेल भेजे जाने के खिलाफ उत्तर प्रदेश में माहौल गरमा गया है । आज कई जगह जुलूस निकाला गया और नारा लगा -देखो कारपोरेट पूंजी का खेल , देशभक्त डाक्टर को जेल । प्रदेश में ३१ दिसंबर से पांच जनवरी तक विनायक सेन के मुद्दे पर …

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रमन सिंह ने कसी मीडिया की नकेल

अंबरीश कुमार छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मीडिया की नकेल कस दी है और निरंकुशता के मामले में वे अब अजित जोगी से आगे जा रहे है । यह बात हाल ही में विनायक सेन की कवरेज को लेकर मीडिया की भूमिका से सामने आई है । रमन सिंह सरकार भी खबर से डरने लगी है और जब सरकार …

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भारतीय लोकतंत्र की सड़ांध का प्रतीक डॉ. विनायक सेन की सजा

जनवादियों ने डॉ विनायक सेन को रिहा करने की मांग की नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की एक निचली अदालत द्वारा डॉ. विनायक सेन को आजीवन कारावास की दी गई सजा से भारतीय लोकतंत्र की सड़ांध (पीप) सामने आई है। इस सड़ांध से निजात पाने  के लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। अन्यथा जर्जर हो चुकी भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के अगले …

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ये लड़ाई है दिए की और तूफान की…

श्रीराम तिवारी विगत सप्ताह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक अदालत ने जिन तीन लोगों को नक्सलवादियों का समर्थक होने के संदेह  मात्र के लिए आजीवन कारावास जैसी सजा सुनाई उसकी अनुगूंज बहुत दूर तक बहुत लम्बे समय तक सुनाई देती रहेगी .डॉ विनायक सेन ,नारायण सान्याल और पीयूष गुहा कितने बड़े खूंखार हैं ?.उनसे मानवता और देश को कितना …

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विनायक सेन को उम्र कैद

शीतला सिंह छत्तीसगढ़ में रायपुर की एक अदालत ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) के उपाध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता विनायक सेन सहित नक्सल विचारक नारायण सान्याल और कोलकाता के कारोबारी पीयूष गुहा को भादवि की धारा 124 ए (राजद्रोह) और 120 बी (षडयंत्र) के तहत उम्रकैद की सजा सुनायी है। श्री सेन को 14 मई 2007 को विलासपुर में …

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आजमगढ़ में विनायक सेन की रिहाई की मांग

आजमगढ़ 28 दिसंबर 2010। पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा0 विनायक सेन पर देशद्रोह का आरोप और आजीवन कारावास का विरोध करते हुए सामाजिक व मानवाधिकार संगठनों ने आज अम्बेडकर प्रतिमा के सामने धरना दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारे लिखी तख्तियां लीं थी और नारे लगा रहे थे कि कारपोरेट पूंजी का खेल, देश भक्त डाक्टर को जेल- …

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कारपोरेट जगत का देखो खेल/ विनायक सेन को भेजे जेल

कारपोरेट जगत का देखो खेल विनायक सेन  को भेजे  जेल पी0 यू0 सी0 एल0 के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ विनायक सेन की उम्रकैद की सजा के खिलाफ विरोध सभा तारीख व समय: 02 जनवरी 2011, दिन के 1.00 बजे स्थान: शहीद स्थल, लखनऊ शहर के बुद्धिजीवियों, संस्कृतिकर्मियों, नागरिक व लोकतांत्रिक अधिकार संगठनों, जन आंदोलन के कार्यकर्ताओं से अपील है कि इस …

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तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

अल्लामा इकबाल ने कहा था- “न समझोगे तो मिट जाओगे ऐ हिन्दोस्तान वालों/ तुम्हारी दास्ताँ भी न होगी दास्तानों में.” आज जो लोग विनायक सेन को सज़ा पर मौन हैं, वे भी अपने को सुरक्षित न समझें, आज नहीं तो कल उनकी भी बारी है. इसलिए हर जम्हूरियत पसंद आदमी को आगे बढ़ कर इसका विरोध करना होगा. यह कॉर्पोरेट …

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महामहिम प्रणब मुखर्जी आपने हेडगेवार को ‘भारत माता के महान सपूत‘ घोषित कर भारत के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम को ज़लील करने का काम किया है

Shamsul Islam was Associate Professor, Department of Political Science, Satyawati College, University of Delhi.

भारत के पूर्व राष्ट्रपति के नाम खुला पत्र महामहिम प्रणब मुखर्जी आपने हेडगेवार को मातृभूमि का महान सपूत बताकर भारत माता का घोर अपमान किया है आदरणीय महोदय, आप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता रहे हैं। पिछले चार दशकों से अधिक समय से आपकी  सैद्धांतिक प्रतिबद्धता लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत के प्रति रही है। आप देश के राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर …

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यह आधा नहीं पूरा युद्ध है … सरकार के पास सिर्फ बंदूक है विचार तो है नहीं

National News

इलाहाबाद में पीयूसीएल के कार्यक्रम में हिमांशु कुमार का भाषण लिप्यान्तरण : शैलेश कुमार मैं जब इस कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रहा था तो मैं कल्पना कर रहा था कि यहां नौजवान ज्यादा होंगे। और मैंने उसी हिसाब से आज के कार्यक्रम में बोलने का तरीका तैयार किया था । लेकिन यहां हमारे पुराने साथी ही ज्यादा है । …

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तीसरी दुनिया का प्रतीक – शंकर गुहा नियोगी

Shankar Guha Niyogi

शंकर गुहा नियोगी एक प्रभावशाली नेता थे (Shankar Guha Niyogi was an influential leader) और उनका जीवन राजनीतिक उद्देश्यों से परिपूर्ण था। मुझे ऐसा लगता है कि मैं उनके बारे में लिखने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं लेकिन जब कुछ यादें मुझे परेशान करती हैं तब मुझे लगता है कि उनके बारे में लिखकर मैं बेहतर महसूस करूँगा। 1979 …

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बांग्लादेश में रवींद्र और शरत को पाठ्यक्रम से बाहर निकालने के इस्लामी राष्ट्रवाद खिलाफ आंदोलन तेज

कट्टरपंथ के खिलाफ आसान नहीं होती कोई लड़ाई। लालन फकीर और रवींद्रनाथ की रचनाओं को पाठ्यक्रम से निकालने के खिलाफ बांग्लादेश में आंदोलन तेज हो रहा है और रवींद्र और प्रेमचंद समेत तमाम साहित्यकारों को पाठ्यक्रम से निकालने और समूचा इतिहास को वैदिकी साहित्य में बदलने के खिलाफ भारत में अभी कोई आंदोलन शुरू नहीं किया जा सका है। रवींद्र का …

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क्रांति और सहपराधिता : जब भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी कहाँ थे ?

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

भारतीय अभिजात्य वर्ग की सहपराधिता भारत में लंबे समय तक अंग्रेजी शासन के रहने की व्याख्या करती है सत्ता में बैठे हिंदुत्ववादी राष्ट्रवादी यह दावा कर रहे हैं कि वे भारत के लोगों के प्रवक्ता हैं और जिन चीजों में उनका यकीन है, उन्हें ही हर किसी को अपनाना होगा. कांग्रेसी राष्ट्रवादी भी जब सत्ता में रहे तो लंबे समय …

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अच्छे दिन : 2014 के बाद भारत सरकार ने स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च में भारी कटौती कर दी

Health and Fitness

आवाज उठायें कि स्वास्थ्य कोई भीख नहीं है, स्वास्थ्य हमारा अधिकार है। सबके लिए निःशुल्क विज्ञानसंगत चिकित्सा की जिम्मेदारी सरकार लें। हम आवाज उठायें कि स्वास्थ्य कोई भीख नहीं है,

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देशद्रोह और राष्ट्रद्रोह शब्द भारतीय दंड संहिता में हैं ही नहीं

National News

क्या राजद्रोह हटेगा? राजद्रोह जैसे अपराध को अभिव्यक्ति की आजादी कुचलने के सरकारी या पुलिसिया डंडे के रूप में रखे जाने का संवैधानिक औचित्य नहीं है၊ कनक तिवारी राजनेता, मीडिया, विश्वविद्यालय और स्वयंभू प्रबुद्ध वर्ग देशद्रोह, राजद्रोह और राष्ट्रद्रोह शब्दों को गड्डमगड्ड कर रहे हैं। देशद्रोह और राष्ट्रद्रोह शब्द भारतीय दंड संहिता में हैं ही नहीं। धारा 124-क के अनुसार-जो कोई बोले गए या लिखे गए …

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गणवेशधारियों के चिट्ठीवीर सावरकर, अंग्रेजों से माफी मांगते- मांगते अंगुलियां घिस गईं !

Veer Savarkar

गणवेशधारियों के चिट्ठीवीर सावरकर अंग्रेजों से माफी मांगते- मांगते वीर सावरकर की अंगुलियां घिस गईं ! वीर सावरकर ने इतनी बार अंग्रेजों से माफी मांगी कि चिट्ठियां लिखते-लिखते उनकी अंगुलियां घिस गईं नेता जी की मौत पर कम से कम उन लोगों को बोलने का अधिकार तो कत्तई नहीं है जो उस समय उनकी जान लेने के लिए उतारू थे।  …

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देशद्रोह, अदालत और मीडिया : मीडिया के एक हिस्से की नकारात्मक भूमिका सामने आ चुकी है

Kanhaiya Kumar

दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जो चैनल कन्हैया कुमार को देशद्रोही बता रहे थे (The channel was describing Kanhaiya Kumar as a traitor), उन्होंने वह भाषण नहीं दिखाया जिसमें उसने फिर कहा, हमें आजादी चाहिये भूख से, गरीबी से जातिवाद से और भारत को लूटने वालों से। अंबरीश कुमार जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार देशद्रोह के आरोप से जमानत (JNU …

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आजकल ज्यादा बोलने लगे हैं ये आदिवासी …

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

अब सवाल है कि जो आदिवासियों के हक हकूक की लड़ाई के ब्राह्मण स्वर के खिलाफ हैं, वे स्वयं आदिवासियों के सवाल पर किसके साथ खड़े हैं? वे खुद आदिवासी भूगोल में क्यों नहीं खड़े हैं?

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डॉ विनायक सेन को आजीवन कारावास की सजा जनप्रतिरोध की आवाज को कुचलना है

National News

लखनऊ, 28 दिसम्बर। जन संस्कृति मंच द्वारा आयोजित सभा में लखनऊ के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकताओं ने पी यू सी एल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ विनायक सेन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए उन्हें दी गई उम्रकैद की सजा पर अपना पुरजोर विरोध प्रकट किया है। यह सभा अमीनाबाद इण्टर कॉलेज में हुई जिसमें इससे सम्बन्धित प्रस्ताव पारित …

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विनायक सेन की रिहाई के लिए आंदोलन

So sad

लखनऊ दिसम्बर। पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा विनायक सेन की रिहाई (Release of National Vice President of PUCL, Dr. Vinayak Sen) के लिए उत्तर प्रदेश प्रदेश के कई जिलों में आज धरना , प्रदर्शन कर विरोध जताया गया है। इलाहाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर समेत कई जिलों में बुद्धिजीवी, सामाजिक संगठनों और छात्र-युवा संगठनों ने प्रदर्शन कर विनायक सेन की …

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तितलियों के खून का हिसाब मांगने आये हैं

Justice

अंशु मालवीय (Anshu Malviya) ने यह कविता (Anshu Malviya poem) विनायक सेन (Vinayak Sen) की अन्यायपूर्ण सजा के खिलाफ 27 दिसंबर 2010 को इलाहाबाद के सिविल लाइन्स (Civil lines of Allahabad), सुभाष चौराहे पर तमाम सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित ‘असहमति दिवस’ पर सुनाई। अंशु भाई ने यह कविता 27 दिसंबर की सुबह लिखी। इस कविता के माध्यम से उन्होंने पूरे …

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