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Tag Archives: Deendayal Upadhyaya

आजादी के आंदोलन का धुर विरोधी रहा है आरएसएस, केंद्र सरकार का 370 पर कदम आतंकवाद को बढ़ायेगा ही : अखिलेंद्र

Akhilendra Pratap Singh अखिलेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य स्वराज अभियान

जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन और उसके विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त किए जाने के संदर्भ में दो बातें :Two things in the context of the reorganization of the state of Jammu and Kashmir and the abolition of its special state status राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल (J&K Reorganization Bill passed by Parliament) और उसे मिले …

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गांधी को मूर्ति में दफन करने का खेल : हिंदू राष्ट्र के सेनानियों को गांधी ही अपने लक्ष्य के रास्ते की सबसे बड़ी जन-बाधा लगते थे      

गांधी को मूर्ति में दफन करने का खेल 0 राजेंद्र शर्मा गांधी हमारे शासकों को इन दिनों कुछ ज्यादा ही याद आ रहे हैं। अगले जन्म दिन पर गांधी डेढ़ सौ साल के हो जाएंगे। बेशक, डेढ़ सौ साल लोगों के बीच जिंदा रहना कोई मामूली बात नहीं है। फिर गांधी के नाम का तो कमाल यह है कि जिन्होंने …

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अहिंसा की नहीं बल्कि मूर्खता की पराकाष्ठा बनता जा रहा है यह उपवास

उपवास की मर्यादा का मखौल शास्त्री कोसलेंद्रदास देश उपवासों के दौर से गुजर रहा है। ये उपवास घोषित तौर पर राजनेता कर रहे हैं, जो न तो धर्माचार्य हैं और न ही योग या आयुर्वेद के शिक्षक। इन उपवासों का जरा भी संबंध न तो किसी खास तिथि से है और न ही किसी पर्व या जयंती पर होने वाली …

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अयोध्या विवाद : खामख्वाह क्यों टहल रहे हैं श्री श्री रवि शंकर

शेष नारायण सिंह आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की कोशिश को शुरू से ही ग्रहण लग गया है। वे शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी से बातचीत कर रहे हैं। लेकिन इस मुकदमे के जो असली मुद्दई और मुद्दालेह हैं उन्होंने वसीम रिजवी और श्री श्री रविशंकर की मुलाकात को बकवास करार दिया है। शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष …

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दीनदयाल उपाध्याय : गोलवरकर के क्रॉस ब्रीडिंग सिद्धा्ंत के प्रमुख प्रचारक

नायक कैसे गढ़े जाते हैं ? दीनदयाल उपाध्याय: भाजपा के ‘गांधी’ 5 सुभाष गाताडे जाति याने स्वधर्म – दीनदयाल  उपनिवेशवाद विरोधी संघर्षो के उभार के अलावा – जबकि तीसरी दुनिया के तमाम मुल्कों में ऐसे संघर्ष तेज हो रहे थे – उस कालखण्ड की क्या विशिष्टता कही जा सकती है जब एक साधारण प्रचारक के तौर पर दीनदयाल उपाध्याय ने …

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दीनदयाल उपाध्याय : गोलवलकरी सांचे में ढला व्यक्तित्व !

सुभाष गाताडे वर्ष 1916 में जनमे दीनदयाल / मृत्यु फरवरी 1968/ ने स्नातक की अपनी शिक्षा सनातन धर्म कालेज, कानपुर से की और इलाहाबाद से एल टी किया। कालेज के दिनों में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बद्ध सुंदर सिंह भंडारी के करीबी दोस्त बने। उन्होंने 1937 में संघ के साथ जुड़ने का निर्णय लिया और 1942 में प्रचारक …

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एक अदद नायक की तलाश में भाजपा

एक अदद नायक की तलाश में भाजपा दीनदयाल उपाध्याय: भाजपा के ‘गांधी’ 1 एक पेड़विहीन देश में एक एरंड भी बड़ा पेड़ कहलाता है – एक संस्कृत सुभाषित का रूपांतरण In a treeless country even castor counts for a big tree संदर्भ: ‘ए आकेजन फॉर आर एस एस, जीपीडी, http://www.epw.in/journal/2006/12 राष्ट्रपति कोविन्द ने इस बात को स्वीकारा कि ‘‘भारत की …

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जिन जेलों में जाने के डर से संघियों जंगे-आज़ादी में हिस्सा नहीं लिया था, उन्हीं जेलों में जवाहरलाल नेहरू का लंबा समय गुजरा

नेहरू के नाम के बिना कैसा सन् बयालीस -शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी की अगुवाई में देश ने 1942 में 'अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नारा दिया था। उसके पहले क्रिप्स मिशन भारत आया था जो भारत को ब्रितानी साम्राज्य के अधीन किसी तरह का डामिनियन स्टेट्स देने की पैरवी कर रहा था। देश की अगुवाई की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस …

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ट्राम्बे पुलिस स्टेशन में हिंसा, पुलिस इस घटना में सीधे शामिल थी : तथ्यान्वेषण रपट

–मीता तरानी सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसायटी एंड सेक्युलरिज़्म (सीएसएसएस) ने मुंबई के गोवंडी इलाके के चीता कैम्प क्षेत्र में 18 मार्च, 2017 को हुई हिंसा की एक घटना की जांच की। इस घटना में एक भीड़ ने ट्राम्बे पुलिस थाने पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की थी। सेंटर की जांच टीम में छह पूर्व व वर्तमान इंटर्न शामिल थे। …

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जुमलेबाजी के तीन साल : जश्न के शोर में कहीं सच फिर से दब न जाए?

बशिष्ठ नारायण सिंह केंद्र सरकार अपने कार्यकाल का तीन साल पूरा करने जा रही हैं। भारतीय जनता ने जिस उम्मीद और आकांक्षा के साथ भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपी थी,आज जरूरत है कि इस संदर्भ में सरकार के क्रिया-कलाप,कार्य-शैली और उपलब्धियों का मूल्यांकन हो। 'लोकतन्त्र' का दायित्व केवल सत्ता में जन भागीदारी मात्र तक नहीं है,वरन सत्ता की नाकामियों …

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आंकड़ें बताते हैं, देश में मोदी लहर नहीं, 2019 में योगी मोदी की लाचारी हैं

  2019 में योगी के कंधों पर मोदी लहर अनुराग मोदी  पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद चारों तरफ मोदी लहर का डंका बजा रहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमित शाह ने चुनाव नतीजों के बाद भाजपा की जीत को ना सिर्फ ऐतिहासिक बताया (जो उ. प्र. में कुछ मायनों में है भी), बल्कि मोदी को आज़ादी के बाद …

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गाँधी, संघ और भारतीय समाज

गाँधी, संघ और भारतीय समाज ‘गाँधी हत्या के लिए संघ ज़िम्मेदार है या नहीं ‘, इस विवाद में उलझे बगैर गाँधी और संघ के बीच के पेचीदा रिश्ते के ताने बाने सुलझाने की कोशिश रविन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ मोहनदास करमचंद गाँधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन का रिश्ता यह एक अजीबोगरीब पहेली है, जिस के बारे में न जाने कितने सारे …

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अफसरों को जरखरीद गुलाम समझती है भाजपा सरकारें

अफसरों को जरखरीद गुलाम समझती है भाजपा सरकारें विचारों की अभिव्यक्ति पर रोक मनोज कुमार झा मोदी सरकार इस वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर जनसंघ के नेता रहे दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। इसे लेकर तरह-तरह के आयोजन किए जाने हैं। भारतीय जनता पार्टी दीन दयाल उपाध्याय को अपना पितृ पुरुष मानती है। कहा जाता है …

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उलटबांसी करने में माहिर भाजपा और संघ परिवार

जिस तेज़ी से आरएसएस, भाजपा और संघ परिवार ने अपने स्वदेशी आंदोलन से पल्ला झाड़ा है, वह सचमुच चकित कर देने वाला है। संघ परिवार: बदलाव और निरंतरता -इरफान इंजीनियर हमारे प्रधानमंत्री पूरी दुनिया में घूम-घूमकर ‘‘मेक इन इंडिया’’ के लिए वैश्विक पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसी घोषणाएं भी कर रहे हैं जिनसे बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत …

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‘ललितगेट’ भुलाने को ‘भकुए’ को डिजिटल ज्ञान का भौकाल!

शनिवार को हिंदी दैनिक देशबंधु में वरिष्ठ पत्रकार पुष्परंजन का एक विचारोत्तेजक आलेख प्रकाशित हुआ है। हस्तक्षेप के पाठकों के लिए देशबंधु से साभार ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक परियोजना की शुरुआत के लिए पूरे हफ्ते शोर बरपा हो। ‘डिजिटल इंडिया वीक’ में पूरे हफ्ते लोगों को बोल-बोल कर इतना पका दीजिए कि वे भूल जाएं कि ‘ललितगेट’ का …

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