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अब चुनाव सिर्फ़ युद्ध है राष्ट्रवाद के नाम पर! विकास का गर्भपात कर राष्ट्रवाद का जुमला

Kanhmun: An elderly woman shows her inked finger after casting her vote for the Mizoram Assembly elections in Kanhmun, Mizoram on Nov 28, 2018. (Photo: IANS)

70 साल विभिन्न सरकारों ने देश का निर्माण किया. आज देश को देश बनाने वाले पस्त हैं. हमेशा से देश को तोड़ने वाले सत्ता पर काबिज़. दरअसल भूमंडलीकरण के पहले मध्यम वर्ग ने अपने पूरे जीवन में इतना पैसा नहीं देखा था, जो उनकी संतानों ने मनमोहन सिंह के दस सालों में देखा. मैनेजमेंट, आईटी सेक्टर में कैंपस में ही …

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हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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पाठ्यपुस्तकों में आरएसएस : संघ का राष्ट्र निर्माण से कभी कोई लेनादेना रहा ही नहीं

RSS Half Pants

राष्ट्रवाद (Nationalism) एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केन्द्र में है. पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा कि किस तरह सरकार के आलोचकों को राष्ट्रद्रोही घोषित कर दिया गया. हमने यह भी देखा कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को राष्ट्रविरोधी तत्वों का पोषक बताकर निशाना बनाया गया. इसके साथ ही, हिन्दू राष्ट्रवादी स्वयं को खालिस राष्ट्रवादी बता रहे हैं. …

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स्वामी विवेकानंद का भारत और राष्ट्रवाद, दूसरों के प्रति घृणा नहीं फैलाता, उनका राष्ट्रवाद भारतीयों को बेहतर मनुष्य बनाता है

swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद का भारत और स्वामी विवेकानंद का राष्ट्रवाद, दूसरों के प्रति घृणा नहीं फैलाता, उनका राष्ट्रवाद भारतीयों को बेहतर मनुष्य बनाता है

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एक स्वयंसेवक ने खोला राज, वामपंथी कैसे भाजपा की मदद करते हैं !

Shri Ram Tiwari श्रीराम तिवारी

वे संघी हैं, हमारे पड़ोसी हैं। भले ही बंद दिमाग वाले हैं, किंतु बिना स्वार्थ के, पहले जनसंघ का फिर जनता पार्टी का और अब भाजपा का झंडा उठाये घूमते रहते हैं! उनसे मैंने जब इस बंपर जीत का कारण पूछा तो बोले- ”हम कांग्रेस को या जो भी हमारे उम्मीदवार के सामने हो, उसे कमजोर कभी नहीं समझते! हम …

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देश नशे में है .. अफीम की खेती ही फूलेगी फलेगी…तमाशा ख़त्म हुआ ..चलो बजाओ…ताली…

kavita Arora डॉ. कविता अरोरा

महीनों से चल रहा मेला उखड़ने लगा.. खर्चे-वर्चे, हिसाब-विसाब, नफ़े-नुक़सान के कुछ क़िस्से कौन सा घाट किसके हिस्से… अब बस यही फ़ैसला होगा… बंदर बाट होगी काट छाँट होगी… बस कुछ दिन और चलेगा… पान की दुकानों पर बातें… लोगों की आपस में चंद मुलाक़ातें… उसके बाद सब सब कुछ भूल जायेंगे.. गली-गली के मुहाने लगे.. चुनावी चेहरों के पोस्टर …

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हारे हुए राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी

Modi go back

हारे हुए राष्ट्रवाद की हुंकार भर रह गए हैं मोदी जी। मोदी-शाह गिरोह जिस राष्ट्रवाद को इस चुनाव के केंद्रीय विमर्श में लाने के लिए यहाँ वहां फिफियाये घूम रहा है उसका चरित्र ‘राष्ट्रविरोधी राष्ट्रवाद‘ का उभर कर सामने आ रहा है। बीते पांच साल से सत्ता के शीर्ष पर बैठे नरेंद्र मोदी के भाषणों में जिन विषयों को वरीयता …

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झूठ का तूफान और मोदी सरकार : RSS की नयी मैकार्थियन रणनीति, राष्ट्रवाद के नाम पर भय पैदा करो

पुलवामा की आतंकी घटना के साथ ही भाजपा अपने मैकार्थियन एजेण्डे को आगे बढ़ाते हुए नई कड़ी के तौर पर ''गद्दार बनाम देशभक्त'' की थीम पर प्रचार अभियान आरंभ कर चुकी है, इस थीम पर पहले वे आधिकारिक तौर पर 18फरवरी2016 से तीन दिन तक यह अभियान पूरे देश में चला चुके हैं। इसे ''जन स्वाभिमान अभियान'' नाम दिया गया। …

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राष्ट्रवाद की धारणा लोकतन्त्र के आस्तित्व के लिये घातक है : प्रो0 जगदीश्वर

Jagadishwar Chaturvedi

लोकतन्त्र बचाना है तो व्यक्ति के चरित्र को गिरने से बचाना होगा – प्रो0 जगदीश्वर भूपिन्दर पाल सिंह बाराबंकी, 04 नवंबर। देश के प्रखर साहित्यकार व स्तम्भकार प्रो0 जगदीश्वर चतुर्वेदी ने कहा है कि लोकतन्त्र की मजबूती व उसकी सुरक्षा जनता के अधिकारों की सुरक्षा पर निर्भर है। लोकतन्त्र बचाना है तो व्यक्ति के चरित्र को गिरने से बचाना होगा। …

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शासक राष्ट्रवाद की बात करता है और जनता मुक्ति की: प्रो. शम्सुल इस्लाम

Shamsul Islam was Associate Professor, Department of Political Science, Satyawati College, University of Delhi.

फैजाबाद, 20 दिसंबर। बीते रविवार 18/12/2016 को स्थानीय शाने अवध होटल के सभागार में साहित्य और विचार की संस्था ‘हस्तक्षेप’ के तत्वावधान में ‘भारतीय राष्ट्रवाद : कल, आज और कल’ विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर, प्रख्यात चिंतक व आंदोलनकर्मी प्रो. शम्सुल इस्लाम का एकल व्याख्यान आयोजित किया गया। अमर शहीद अशफाक़ उल्ला खाँ के …

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