एक विवाह ऐसा भी : ईको फ्रेंडली शादी – दूल्हे ने दहेज के बदले में लिए पौधे, पर्यावरण को बचाने की ली कसम

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सोनीपत जिले के गाँव सेहरी, खरखौदा (Village Sehri, Kharkhouda of Sonepat District) में हुई एक शादी में वर-वधु ने दहेज़ के रूप में बारातियों को पौधे भेंट करने के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की। शादी में सात फेरों के वचन (7 pheron ke vachan) के बाद इनका आठवां वचन था पौधारोपण (Plantation) का। दावा है कि इस शादी में लड़के वालों ने दहेज के रूप में सिर्फ पौधे लिए। इतना ही नहीं, बारातियों को भी पौधे भेंट किए और पौधरोपण का संकल्प दिलाया गया। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए यहां के स्वामी परिवार ने यह अनोखी मुहिम चलाई।

दरअसल, हरियाणा के गुरुग्राम जिले के तुर्कापुर गाँव के रहने वाले नवीन स्वामी (दूल्हे ) ने बताया कि जिले में लगातार पड़ रहे सूखे और तापमान में लगातार इजाफे से वह परेशान हैं। ऐसे में उनको यह आइडिया आया कि अपनी शादी में क्यों नहीं वधु पक्ष से दहेज के स्थान पर सिर्फ एक पौधा ही लिया और रिटर्न गिफ्ट भी एक पौधा दिया जाए। साथ ही, बारातियों को पौधे देकर पौधारोपण करने की गुजारिश की जाए।

अनोखी शादी से दुल्हन भी खुश Bride too happy with unique wedding

दुल्हन रितु ने बताया, ‘उनके पिता महावीर सिंह हैं। मां शीला गृहिणी हैं। पिताजी काफी दिनों से शादी के लिए घर ढूंढने को लेकर परेशान थे।’

‘उनके दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल रहता था, पता नहीं कैसा घर मिलेगा, कैसा लड़का होगा। लेकिन जब घर मिला और लड़के वालों ने दहेज लेने के लिए पूरी तरह से मना कर दिया तो उनका भार पूरी तरह से खत्म हो गया। उनको काफी राहत मिली।’

पाठको को बता दें की परमानंद स्वामी (गाँव देंहकौरा निवासी) की बेटी मुनेश की याद में विवाह समारोह के दौरान गाँव तुर्कापुर में पुस्तकालय भी स्थापित किया गया है। मुनेश की सगाई नवीन स्वामी के साथ हुई थी लेकिन शादी से कुछ महीने पहले पिछले साल कैंसर के कारण उनकी असामयिक मृत्यु हो गई थी। वह वनस्पति विज्ञान में पीएचडी करने के पश्चात वह सरकारी कॉलेज गुड़गांव में सहायक प्रोफेसर थीं।

अजय वैष्णव (Ajay Vaishnav)