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kavita Arora डॉ. कविता अरोरा
डॉ. कविता अरोरा

मेरे शहर की/ तरक़्क़ी का यह मंज़र/ किसके हिस्से में आता है

काली रात की बस से उतरा रौशनी का छिटका,

सहर की चिल्ल पौं,

ट्रकों के हॉर्न की आवाज़ में भी बेसुध…बे खटका…

वो रोड के डिवाइडर पर औंधे मुँह पड़ा रहेगा…

और सैटेलाइट की सड़क कोर वाली झुग्गियों पर सूरज के चमकीले साये चढ़ जायेंगे

तो लक दक शहर के बदन पर यह कोढ़ के साये साफ़ नज़र आयेंगे…

ईसाइयों वाली पुलिया के..

सुथरी कालोनी..से ठीक पहले..

काली पन्नी वाले घरों में फैले…

कूड़े के ढेर से बीनें प्लास्टिक के बोरों से सटी चारपाई पर सुबह…

फिर चढ़ बैठेगी..

और रोज़ की तरह सपाट शक्ल वाले चेहरों पर ऐंठेगी…

लानतें फेरेगी धिक्कारेगी..तो..

चीथड़े में लिपटी बुढ़िया..

गुदड़ी से निकल..

सड़क के बिजबिजाते नाले पर..

बिछी चारपाई पर बैठ..

खुड़खुड़ायेगी…

सिल्वर के भगोने भरे…

चुल्लू भर पानी में..

चूल्हे की मिट्टी से…

चार कटोरे..

दो कप..

रगड़ती इक जवान औरत नज़र आयेगी…

ना सुर्खी ना बिंदी..

ना काजल ना लाली..

बस रंज पुता इक चेहरा….

दो आँख ख़ाली ख़ाली…

कंगाली से खटते दो हाथ…

आँखों में गिद्द लिये..

मैली फटी फ़्रॉक..

यही कोई सात बरस की…

इक मासूम लड़की…

कोठरी का काला कुआँ…

चूल्हे की लकड़ी से उठता स्याह धुआँ..

आँख मसलती..

कुछ कुछ नींद में चलती…

चूल्हे पर चाय चढ़ाती…

तुम्हें भी..मिल जायेगी…

नाड़े से खूँटी बंधी इक बकरी…

निवाले की हसरत में पैरों में मुँह दिये इक सड़काऊ कुत्ता..

और कोठरी के कोने में फटी बनियान..

कमर की टेढ़ी कमान…

चेहरे पर सैकड़ों लकीर झुकी कमर वाला…

बूढ़ा फ़क़ीर..

दो चार मुड़े तुड़े नोट…

और चंद सिक्कों के हिसाब को..

उँगलियों के पोरों पर चढ़ाते-चढ़ाते बार-बार फिसल जाता है….

मैं सच में नहीं जानती…

मेरे शहर की….

तरक़्क़ी का यह मंज़र…

किसके हिस्से में आता है

डॉ. कविता अरोरा

About Kavita Arora

नाम – डॉ. कविता अरोरा जन्म कार्तिक पूर्णिमा – बदायूँ (उप्र) शिक्षा – एमए, पीएचडी, प्रयाग संगीत समिति से संगीत में सीनियर डिप्लोमा पीएचडी का विषय – “रूहेलखंड मंडल में संगीत व्यवसाय में कार्यरत व्यक्तियों का समाजशास्त्रीय अध्ययन” लंदन ब्लैकपूल में लगभग दो वर्ष तक कार्य, बरेली के सी बी एस ई इन्टर कालेज की पूर्व चेयरपर्सन , सम्प्रति - स्वतंत्र रचना कर्म, गूगल द्वारा दो बार सम्मानित, देश के सबसे पुराने पोर्टल hastakshep.com की सह संपादिका, Hastakshep के यूट्यूब चैनल के देश के वरिष्ठ सुप्रसिद्ध नवगीतकारो , साहित्यकारों , के आडियो वीडियो कालम “साहित्यिककलरव “का संयोजन सक्रियता – कवयित्री, रंगकर्मी, लोकगायिका, साहित्यिक मंच संचालिका अन्य : देश के सबसे पुराने संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (बदायूँ) की जिला अध्यक्ष, लगभग 25 वर्ष पुरानी साहित्यिक ,सामाजिक सांस्कृतिक संस्था “सुरकला संगम “की अध्यक्ष देश के सुप्रसिद्ध ओज कवि डॉ. ब्रजेन्द्र अवस्थी, राष्ट्रीय गीतकार डॉ. उर्मिलेश शंखधार , कालजयी गीतों के रचयिता सुप्रसिद्ध फिल्मगीतकार संतोष आनंद जी , प्रसिद्ध शायर डॉ राहत इन्दौरी, सुप्रसिद्ध कवि गीतकार डॉ. कुमार विश्वास, सुप्रसिद्ध शायर नवाज़ देवबंदी , शायर कलीम कैसर, व अन्य कई प्रसिद्ध नामो के साथ मंच पर काव्यपाठ, सुप्रसिद्ध कवि गीतकार डॉ बुद्धिनाथ जी के एकल काव्यपाठ में गीतगागर मंच का संचालन , फिल्मगीतकार संतोष आनंद जी के साथ संस्मरणों के लाइव इंटरव्यू एक हजार से ज्यादा सांस्कृतिक, सामाजिक साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन नेशनल न्यूज चैनल जे के , से 26 जनवरी 19 को टेलीकास्ट (काव्यपाठ) दस दिवसीय मुंशी प्रेम चंद महोत्सव 19 कार्यक्रम का संचालन व स्मारिका का संपादन कई पत्र पत्रिका में लेख हस्तक्षेप, अमर उजाला काव्य, गीतगागर, संवाद, धर्मयुग पुरस्कार प्राप्त अभिनव प्रयास में रचनाएं प्रकाशित.... अमेरिका, स्पेन, स्काटलैंड,, मलेशिया, इटली, बेल्जियम, जर्मनी, एम्सटडर्म, फ़्रांस, वेनेज़ुएला, लंदन, वेनिस, कोरिया, जापान, एम्सटडर्म, इजिप्ट, बार्सीलोना, चीन, पाकिस्तान, सिंगापुर, यूएई, ईरान, नीदरलैंड आदि दो दर्जन से अधिक देशों की यात्रा। हस्तक्षेप में कई लाइव डाक्यूमेन्टरी। 92.7 बिग एफ बरेली के साथ वेरीयस सोशल ईशूज़ पर मॉर्निंग शो पर डिस्कशन, इंटरव्यू सेशन। बिग एफ एम के कई कार्यक्रम में सिटी जज 92.7 बिग एफएम के बिग मेहमान कार्यक्रम में ख़ास साक्षात्कार कई अन्य संस्थाओं के कार्यक्रम में निर्णायक पद की भूमिका बदायूँ महोत्सव, हिन्दी अख़बार हिन्दुस्तान के कार्यक्रम में महिलाओं के लिये कार्यक्रम में निर्णायक पद की भूमिका , केबिनेट मिनिस्टर लक्ष्मी नारायण जी और देश के सुप्रसिद्ध सिंगर जस्सी गिल द्वारा गीत रिलीज़ 108 वाँ दाऊ जी महोत्सव,पीलीभीत कस्तूरी महोत्सव में काव्यपाठ अखिलभारतीय कवि सम्मेलन में काव्यपाठ कई मंचों पर प्रस्तुति बदायूँ, बरेली के डी.एम. द्वारा सांस्कृतिक साहित्यिक क्षेत्र के लिये सम्मानित। राधेशयाम कथावाचक स्मृति सम्मान, मुंशीप्रेमचंद स्मृति सम्मान, अटल सम्मान, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शौर्य सम्मान, संवाद पत्रिका द्वारा सम्मानित व अन्य कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित

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