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उप्र : फर्जी मुठभेड़ों पर सवाल उठाने पर रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव को धमकी, डीजीपी से की शिकायत

उप्र : फर्जी मुठभेड़ों पर सवाल उठाने पर रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव को धमकी, डीजीपी से शिकायत

लखनऊ, 06 जुलाई। उत्तर प्रदेश में कथित फर्जी मुठभेड़ों पर सवाल उठाने पर मानवाधिकार संगठन रिहाई मंच के महासचिव व श्रमजीवी पत्रकार राजीव यादव को धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में राजीव यादव ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मांग पत्रक व कॉल की डिटेल सौंपकर शंका जाहिर की है कि पुलिस का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी किसी भी समय उन्हें (राजीव यादव) को जान से मार सकता है।

बता दें इससे पहले भी लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार सुभाष राय को घर में घुसकर एक एसटीएफ इंस्पैक्टर ने धमकी दीथी और अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद पत्रकारों की तरफ से विरोध होने पर उक्त इंस्पैक्टर ने माफी मांगी थी।

पत्र की प्रति व कॉल की रिकॉर्डिंग तथा संवाद अनुलेखन लिप्यंतरण (ट्रांसक्रिप्शन) मीडिया को भी जारी की है। रिहाई मंच प्रवक्ता ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि राजीव यादव ने पत्र की प्रतिलिपि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भी प्रेषित की है।

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक आनन्द ने बताया कि रिहाई मंच का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से आज मुलाकात भी करेगा।

पत्र व ट्रांसक्रिप्शन हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं।

सेवा में,                                   दिनांक- 6 जुलाई 2018

                        पुलिस महानिदेशक महोदय

                        उत्तर प्रदेश, लखनऊ

महोदय,

निवेदक रिहाई मंच का महासचिव है जो समय-समय पर मानवाधिकार उल्लंघन तथा जनसाधारण के खिलाफ होने वाले अन्यायों, जुल्म और ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाता रहता है। निवेदक द्वारा उत्तर प्रदेश में होने वाले फर्जी एनकाउंटर पर भी आवाज उठाई गई जिससे नाराज होकर सीओजी नंबर 9454402912 से एक व्यक्ति ने फोन करके बताया कि वह आजमगढ़ जिले के कन्धरापुर थाने का इंचार्ज है तथा एसओजी को देखता है जिसका नाम अरविंद यादव है। उक्त व्यक्ति ने निवेदक के फोन नंबर 9452800752 पर कल दिनांक 5 जुलाई 2018 को रात में लगभग 10 बजे फोन करके निवेदक को गालियां देते हुए ‘‘ठीक नहीं होगा जान लेना,’’ ‘‘सेहत के लिए ठीक नहीं होगा,’’ ‘‘इसे परामर्श समझो या धमकी जो भी समझते समझ लो,‘‘ ‘‘तुम्हारे घर पर आउंगा,’’ ‘‘मैं कल आ रहा हूं तुम्हारे घर,’’ ‘‘बचा लेना तो बताना भागो,’’ ‘‘आफिस कहा है ये बताओ तुम्हारा आफिस कहां है,’’ ‘‘रहते कहां हो,’’ ‘‘कल अगर नहीं आए तो ठीक नहीं होगा,’’ ‘‘कल शाम तक नहीं आए तो मुकदमा लिखूंगा,’’ ‘‘तुम रंडी की औलाद है,’’ ‘‘ मैं कह रहा हूं तुम अपने बाप की औलाद नहीं हो,‘‘ ‘‘अगर फिर नाम छप गया तुम्हारे मंच से तुम अपने लिए खैर मत समझना,’’ ‘‘सुन लो राजीव होश में रहना होश में रहो दिमाग ठिकाने कर लो,’’ ‘‘ठीक नहीं होगा तुम्हारे लिए’’, जबकि निवेदक द्वारा पीड़ित परिवार के सदस्यों से हुई बातचीत तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पीयूसीएल द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को दी गई नोटिस के आधार पर प्रेस नोट जारी की गई है। इस प्रकार फोन करने वाले ने प्रतिरोध की आवाज को बंद कर देने की धमकी देते हुए आवाज समाप्त कर देने तथा मुकदमा लिखने की धमकी दी जिससे लगता है कि धमकी देने वाला किसी की भी मृत्यु कारित कर सकता है अन्यथा घर आने तथा ठीक नहीं होगा की धमकी न देता। निवेदक धमकी से भयभीत है कि पुलिस का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी किसी भी समय निवेदक को जान से मार सकता है। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि मामले को संज्ञान में लेकर संबन्धित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक मामला मानते हुए जांच कराना न्यायहित में नितांत आवश्यक है। सीओजी द्वारा निवेदक के फोन पर हुई बातचीत का विवरण संलग्न प्रर्थाना पत्र है।

अतः निवेदन है कि मामले को संज्ञान में लेकर संबन्धित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक मामला मानते हुए जांच कराकर उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की कृपा की जाए।

दिनांक- 6 जुलाई 2018                              निवेदक

                              राजीव यादव

                             पुत्र श्री इन्द्रदेव यादव

                            महासचिव रिहाई मंच

प्रति सेवा में प्रेषित-

1- माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय सर्वोच्च न्यायालय भारत नई दिल्ली

2- राज्यपाल महोदय उत्तर प्रदेश लखनऊ

3- मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ

4- गृह सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ

5- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली

राजीव- अगर कोई विक्टिम मुझे बता रहा है और ये सवाल उठा रहा है और सुप्रीम कोर्ट  ़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- विक्टिम यही बताया है न कि अरविंद यादव मुझको गोली मार दे रहें हैं उठाके ़़ ़ ़़ ़ ़

राजीव- अगर ये जगह-जगह पर सुप्रीम कोर्ट़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- एक बात बता दें राजीव यादव

राजीव- जी

अरविंद यादव- मेरी बात कान खोलकर सुन लो बिना सुबूत के अगर कोई चीज छाप दी हमारे मान-सम्मान के खिलाफ तो ठीक नहीं होगा यह जान लेना़़ ़ ़़ ़ ़

राजीव- देखिए अरविंद जी इसमें सुप्रीम़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- इसे परामर्श समझो या धमकी जो भी समझते हो समझ लो

राजीव- अगर सुप्रिम कोर्ट नोटिस कर रहा है तो इसमें आप बताइए क्या कहेंगे

अरविंद यादव- सुप्रिम कोर्ट क्या नोटिस कर रहा है

राजीव-यूपी गवरनमेंट को नोटिस किया है न फेक इनकाउंटर पे

अरविंद यादव- नोटिस किया है और तुम्हारा रिहाई मंच कौन सा ़़ ़ ़़ ़ ़ हो गया है कि रोज लिखते हो अरविंद यादव ने ये कर दिया अरविंद इसीलिए जाने पहचाने जाते हैं

राजीव- अगर ये सवाल आ रहा है तो़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- सुनिए ़़ ़ ़़ ़ ़ लिखना बंद करिए ़़ ़ ़़ ़ ़ बता रहा हूं आपको

राजीव- अगर ये सवाल है तो हम कैसे उसे डिनाई कर सकते हैं बताइए

अरविंद यादव- मैं बता रहा हूं कि बिना सुबूत के लिखे तो सेहत के लिए ठीक नहीं होगा ये जान लेना नोट कर लेना इस बात को

राजीव- अगर ये बताइए अगर

अरविंद यादव- तुम जैसे और भी ़़ ़ ़़ ़ ़ अरविंद यादव इनको उठाके गोली मार दिया सुबूत है आपके पास

राजीव- आप ये बताइए अगर एफआईआर

अरविंद यादव- सुन लो मेरी बात पूरा सुबूत के साथ मिलना नहीं तो मुकदमा लिखकर तुम्हारे घर पर आउंगा

राजीव- आप को जो मुकदमा लिखना है जो भी ़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- मैं कल आ रहा हूं तुम्हारे घर

राजीव- चलिए मैं तो कह रहा हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है दिशा निर्देश दिया है मैंने इस बात पर रिपोर्ट लिखा

अरविंद यादव- अब मैं तुम्हारी रिपोर्ट लिखता हूं कल ़़ ़ ़़ ़ ़ सुबूत लेकर नहीं आए तो मैं शाम को तुम्हारे घर आ जाउंगा

राजीव- आप़़ ़ ़़ ़ ़ ये आप

अरविंद यादव- ़़ ़ ़़ ़ ़बचा लेगा तो बताना भागो

राजीव- ये आप जो आप

अरविंद यादव- तुम मेरी इज्जत खराब कर रहे हो रेपोटेशन खराब कर रहे हो हत्या करने के लिए प्रसिद्ध है

राजीव- अगर इन तमाम इनकाउंटरों में सवाल उठा है तो ये बात तो है न उसमें

अरविंद यादव- मीडिया में जितने पत्रकार सबको जानते हैं उनको कोई खबर नहीं मिली जो पेपर कहीं छपता ही नहीं है जिसके कोई रिपोर्टर नहीं है ़़ ़ ़़ ़ ़ बहुत ज्यादा सूचना मिल रही है

राजीव- ये बताइए सुप्रिम कोर्ट कह रहा है तो इस पर मैं तो नहीं बोल रहा हूं सुप्रीम कोर्ट़़ ़ ़़ ़ ़

 अरविंद यादव- मैं ़़ ़ ़़ ़ ़ वो कागज ले आना जिसमें सुप्रीम कोर्ट कह रहा है अरविंद यादव ने पकड़कर गोली मारी

राजीव- सुप्रीम कोर्ट ने यूपी गर्वनमेंट को कहा है न आप ही लोग जवाब

अरविंद यादव- शाम तक मिलता हूं या तो आप आ जाइएगा या मैं आ जाउंगा ़़ ़ ़़ ़ ़प्रमाणित कर दिया है कि अरविंद यादव ने पकड़कर गोली मारी

राजीव- अगर विक्टिम कोई कह रहा है तो हमने उसकी बात कही है और

अरविंद यादव- उस विक्टिम को ले आना और उस विक्टिम का जो साक्ष्य है उसे ले आना ़़ ़ ़़ ़ ़ तुमने हत्यारे घोषित कर दिया इतने बड़े पत्रकार हो़़ ़ ़़ ़ ़

राजीव- एनएचआरसी की जांच चल रही है की नहीं आप के यहां बताइए आजमगढ़ में तमाम मामलों में एनएचआरसी जांच कर रही है

अरविंद यादव- एक बात बता दूं पत्रकारिता करते हो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर नाम ले के पर्सनल छाप दिए न तो बस ठीक कर दूंगा मैं बता रहा हूं मैं जान रहा हूं तुम ़़ ़ ़़ ़ ़ और सुना तुमपे मुकदमा लिखूंगा इस बात का।

 राजीव- क्या लिखेंगे बताइए

अरविंद यादव- जानबूझकर मेरे नाम खराब कर रहे हो मेरी छवि खराब कर रहे हो तुम पर मानहानि का मुकदमा करता हंू

राजीव- जो फैक्ट मिला है उसके आधार पर मैंने कहा है़़ ़ ़़ ़ ़ सुप्रीम कोर्ट ने जो कल बोला है उसके आधार पर वो डिटेल जारी किया है कि देखिए

अरविंद यादव- क्या किया है

राजीव- सुप्रीम कोर्ट़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- आफिस कहां है ये बताओ तुम्हारा आफिस बताओ

राजीव- लखनऊ में है लाटूश रोड पर है

अरविंद यादव- रहते कहां हो

 राजीव- लखनऊ

अरविंद यादव- ठीक है लाटूश रोड पर ़़ ़ ़़ ़ ़कल तुम हमारी मेल आईडी पर भेज देना पूरे डाक्यूमेंट जो प्रमाणित करते हैं कि अरविंद यादव ने पकड़कर हत्याएं की हैं

राजीव- ये तो जांच चल रही है न ये तो इन्विेस्टिगेशन बताएगा न मैं कैसे

अरविंद यादव- बता रहा हूं

राजीव- अरविंद जी इनवेस्टिगेशन बताएगा न हैलो़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- तुमने छाप कैसे दिए इस बात को

राजीव- हम तो जांच की बात कर रहे हैं लगातार जांच की बात कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट में पीयूसीएल गया है इसकी जांच की बात हो रही है

अरविंद यादव- हत्या के लिए प्रसिद्ध हैं पकड़कर हत्या करते हैं इसीलिए रखा गया है तुम्ही छापे हो

राजीव- अगर ये सवाल उठ रहा है तो है न ये सवाल बस मैंने इतना कहा है इसके अलावा सवाल के अलावा ़़ ़ ़़ ़ ़ मैं कहा रहा हूं जांच होनी चाहिए बात खतम

अरविंद यादव- तुम्ही बहुत बड़े पत्रकार हो गए हो एक भी ़़ ़ ़़ ़ ़एक भी एडीटर नहीं है तुम ही रोज छापते हो अरविंद यादव ये अरविंद यादव ये

राजीव- बताइए कि जगह-जगह पर आया है

अरविंद यादव- बस कायदे में रहना

राजीव- आपसे कह रहा हूं़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- बता रहा हंू कि सबूत लेकर कल अगर नहीं आए तो ठीक नहीं होगा यह बता रहा हंू यह बता रहा हूं तम्हें

राजीव- आप मैं कह रहा हूं कि सुप्रीम कोर्ट को दे दिजिए वो तो मांग रहा है न

अरविंद यादव- सुप्रीम कोर्ट क्या कह रहा है अरविंद यादव पकड़ कर गोली मार दी

राजीव- तमाम ़़ ़ ़़ ़ ़ यूपी गर्वनमेंट से पूछ रहा है कि मुठभेड़ के नाम पर हत्याएं हुईं इसका क्या मामला है हैलो़़ ़ ़़ ़ ़

अरविंद यादव- तुमने नाम कैसे छाप दिया हमारा

राजीव- ये नाम वहां पर ही उठा है न जगह-जगह पर एनकाउंटर में जो लोग सवाल उठाए हैं

 अरविंद यादव- एक बात बता दूं राजीव यादव

राजीव- जी बताइए

अरविंद यादव- कायदे में रहो अगर फिर नाम छप गया हमारा बिना प्रमाण के तो ठीक नहीं होगा यह जान लेना ़़ ़ ़़ ़ ़ कल शाम तक नहीं लाए तो मुकदमा लिखूंगा

राजीव- वो आप को जो आप कर सकते हैं उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करुंगा

अरविंद यादव- और तुम्हारा ये जो चला रहे हो प्रमाणित है रजिस्टेªशन है इसका

राजीव- रिहाई मंच लगातार 12 सालों से तमाम सवालों को उठाता रहा है और —

अरविंद यादव- रिहाई मंच उठाता रहा है

राजीव- तमाम मुकदमों–

अरविंद यादव- रिहाई मंच कहां रजिस्टर है

राजीव- रिहाई मंच का लखनऊ में आफिस है मुहम्मद शुऐब उसके अध्यक्ष हैं आप बात कर सकते हैं उनसे चाहे तो

अरविंद यादव- अध्यक्ष हो

राजीव- नहीं मुहम्मद शुऐब उसके अध्यक्ष हैं

अरविंद यादव- शुऐब साहब हैं राजीव यादव लिख रहे हो ़़ ़ ़़ ़ ़ प्रमाण है कल लेकर अगर नहीं मिले तो बताता हूं तुम्हें

राजीव- ये जो आप कल करना है

अरविंद यादव- मेरी इमेज खराब कर रहे हो

राजीव- हमारा किसी से व्यक्तिगत सवाल नहीं है न हमने कोई व्यक्तिगत आरोप लगा रहे हैं अगर कोई घटना हो रही है घटना के ऊपर

अरविंद यादव ़़ ़ ़़ ़ ़छाप दिया कैसे मेरा नाम छाप दिया तुमने

राजीव- अगर कोई घटना में आपका नाम रहेगा कोई मुझे बताएगा तो मैंने लिखा है वहां के एसएसपी का सवाल आया है तमाम लोगों आया है मैंने सब पे

अरविंद यादव- मैं बता रहा हूं कि तुम रंडी की औलाद है छाप दे सुबूत मैं दे रहा हूं तू रंडी की औलाद हो

राजीव- आप जो है आप लूज टाक कर रहे हैं

अरविंद यादव- लूज टाक नहीं कर रहा हूं तुम्हें होश में ला रहा हूं औकात में रहो सही काम करो अगर फिर नाम छप गया तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा

राजीव- हमको जो बताएगा है उसके अनुसार बात किया

अरविंद यादव- ़़ ़ ़़ ़ ़ रोज तुम छाप देते हो अरविंद यादव हत्या करने के लिए मशहूर हैं और इसीलिए रखा गया है मैं बताता हूं तुम्हें कल शाम तक अगर प्रमाण नहीं दिए तो तुम और तुम्हारे ़़ ़ ़़ ़ ़ संचालित कर रहे हो बताता हूं तुम्हें बताता हूें

राजीव- देखिए ये सब जांच का इन्वेस्टिगेशन का पार्ट है

अरविंद यादव- दो आदमी कह दिए कि ये कर दिए तो तुमने माहौल बना दिया तूफान बना दिया रोज फेस बुक पर मीडिया पर यही चल रहा है रिहाई मंच ़़ ़ ़़ ़ ़ रजिस्टेªशन

राजीव- अगर कुछ इनवेस्टिगेशन का पार्ट है तो उसके आधार पर बोला है न

अरविंद यादव- इनवेस्टिगेशन तुम ही इनवेस्टिगेशन आफीसर हो कौन सा पद है तुम्हारे पास इनवेस्टिगेशन का

राजीव- सवाल है अरविंद जी हम यही कह रहे हैं कि सवाल उठना चाहिए जांच होनी चाहिए

अरविंद यादव- मैं बताता हूं अरविंद यादव किसलिए रखे गए हैं

राजीव- ये आप कह सकते हैं कुछ भी कह सकते हैं मैं नहीं बोल सकता हूं यह सब बातें

अरविंद यादव- जो छापे हो बिना प्रमाण में छापना अपराध है ये जानते हो तमीज है

राजीव- मैंने जो भी कहा है लोगों के कहने पर कहा है जो विक्टिम फेमिली ने कहा है

अरविंद यादव- लोग कहते हैं कि ये रंडी है तो क्या सभी लोग रंडी मानकर बजार में चलना मुश्किल कर देंगे

राजीव- हम क्यों कहेंगे ऐसा

अरविंद यादव- जो छापे हो किसलिए छापे हो किससे पूछकर छापे हो क्या प्रमाण है तुम्हारे पास अरविंद यादव उठाके ़़ ़ ़़ ़ ़ जिसे पूरे प्रदेश की पुलिस एसटीएफ खोज रही है मारा जा रहा है तो तुम कह रहे हो कि अरविंद यादव उठाकर गोली मार दे रहे हैं

राजीव- ये बातइए आज सुप्रीम कोर्ट

अरविंद यादव- राजीव यादव होश में रहना तुम और अगर फिर नाम छप गया तुम्हारे मंच से तुम अपने लिए खैर मत समझना ये समझ लेना

राजीव- अब आप कह रहे है आप कह सकते हैं इस पर मैं क्या कह सकता हूं

अरविंद यादव- कह नही सकता हंू मैं तुम पर मुकदमा लिखूंगा कल अगर प्रमाण नहीं दिए 6 बजे तक ़़ ़ ़़ ़ ़ अपने रिहाई मंच के रजिस्ट्रेशन का वह भी ले आना ़़ ़ ़़ ़ ़ मेरी इम

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