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उन्नाव गैंगरेप मामले में सरकारी क्रूरता की हद हो गई : माले

लखनऊ, 9 अप्रैल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कहा है कि योगी सरकार में एक तरफ दलितों को अधिकार मांगने पर लाठी-गोली मिल रही है, वहीं महिलाओं के साथ गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है और उन्हें न्याय मिलना दूर की कौड़ी हो गई है।

पार्टी ने उन्नाव गैंगरेप मामले में कार्रवाई नहीं होने पर भुक्तभोगी महिला द्वारा मुख्यमंत्री आवास के पास रविवार को आत्मदाह की कोशिश करने और उसके बाद उसके पिता की उन्नाव पुलिस की हिरासत में सोमवार को तड़के मौत हो जाने पर कहा कि एक ही मामले से जुड़ी ये दोनों घटनाएं योगीराज में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की स्थिति का खुद-ब-खुद बयान करती हैं।

एक बैठक के सिलसिले में राजधानी आये भाकपा (माले) के केंद्रीय समिति सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा सरकार चलाने वाले लोग महिलाओं और गरीबों पर जुल्म कर रहे हैं। उन्नाव की सामूहिक बलात्कार की घटना में मुख्य आरोपी के सत्तापक्ष का विधायक होने के कारण पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए हैं और ‘माननीय’ की गिरफ्तारी करने की जगह पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है।

माले नेता ने कहा कि उन्नाव की घटना ने योगीराज में कानून के शासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। यदि सरकार में शामिल लोग ही महिलाओं और परिवारीजनों पर अत्याचार करेंगे और पुलिस ओरोपियों से मिलीभगत कर ले, तो जनता न्याय पाने के लिए आखिर कहां जाये। यह सरकारी क्रूरता की हद है। पुलिस ने गैंगरेप की घटना और मृत्यु से पहले पीड़िता के पिता की आरोपी विधायक के भाई द्वारा पिटाई करने की शिकायतों पर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की होती, तो पीड़ित परिवार को न्याय के लिए राजधानी में दर-दर नहीं भटकना होता और न ही अभियुक्तों का मनोबल बढ़ता।

माले नेता ने घटना के मुख्य आरोपी भाजपा विधायक समेत सभी अभियुक्तों को जेल भेजने और पीड़िता के पिता की मौत मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा कायम कर गिरफ्तार करने की मांग की।

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