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योगीराज में बिजली इंजीनियरों के पिटने की घटनाएं बढ़ीं, इंजीनियरों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

लखनऊ। कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नज़दीकी एक विधायक महिला आईपीएस के साथ अशिष्टता के साथ बात कर रहे थे। अब नया मामला ये सामने आया है कि योगी के राज में खासकर उनके क्षेत्र में बिजली इंजीनियरों के पिटने की घटनाएं बढ़ी हैं और उल्टे इन इंजीनियरों को ही विभाग दण्डित भी करता है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अभियन्ता अधिकारियों के विरूद्ध अनैतिक एवं नियम-विरूद्ध एक तरफा उत्पीड़नात्मक कार्यवाही एवं मार-पीट के विरोध में बिजली इंजीनियरों ने कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

अभियन्ता संघ के अध्यक्ष जी0 के0 मिश्रा एवं महासचिव राजीव सिंह ने बताया कि दिनांक 13.06.2017 को गोरखपुर जिले के दक्षिणी भाग से लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान, आंधी-पानी इत्यादि की वजह से विद्युत तंत्र ध्वस्त हो गया था। जिसके कारण विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आया। तत्पश्चात् अत्यन्त विषम परिस्थितियों एवं प्रतिकूल मौसम के बाद भी समस्त अभियन्ता अधिकारियों द्वारा पूर्ण मनोयोग से, विद्युत आपूर्ति के लिए, बिना किसी संसाधन एवं सुरक्षा के दिन-रात कार्य करते हुए विद्युत आपूर्ति को बहाल किया गया।

विद्युत वितरण खण्ड गोरखपुर के अधिशासी अभियन्ता इं0 आर0सी0 पाण्डेय को दिनांक 13.06.2017 को त्वरित कार्यवाही के बावजूद अकारण दमनात्मक कार्यवाही कर निलम्बित कर दिया गया है। इस तरह की कार्यवाही न केवल उत्पीड़नात्मक, नियम-विरूद्ध व एकतरफा है बल्कि अभियन्ताओं के मनोबल को तोड़ने जैसा है।

अभियन्ता संघ के अध्यक्ष जी0 के0 मिश्रा एवं महासचिव राजीव सिंह ने बताया कि विगत कुछ महीनों में क्षेत्र के अभियन्ताओं से मार-पीट की घटनायें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

उन्होंने बतायाकि दिनांक 14.06.2017 को फतेहपुर के बिन्दकी में उपखण्ड अधिकारी एवं उनके स्टाफ पर कार्य के दौरान किये गये जानलेवा हमलों की घटनाओं की कड़ी में एक और घटना है। इस प्रकार की घटनाओं के पश्चात् कोई कड़ी कार्यवाही न होना, इन घटनाओं की पुनरावृत्ति को बढ़ावा ही देता है। संघ की हमेशा से मांग रही है कि ‘‘इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट’’ लागू किया जाये परन्तु इस बात पर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया है।

प्रदेश सरकार की 24×7 ‘‘पावर फॉर ऑल’’ योजना को सफल बनाने के लिए अभियन्ताओं का मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता है। उपरोक्त घटनायें अभियन्ताओं के मनोबल को तोड़ रही हैं, जिससे सरकार की 24×7 ‘‘पावर फॉर ऑल’’ योजना को सफल बनाना आसान नहीं होगा।

अभियन्ता संघ महासचिव रजीव सिंह ने कहा कि इं0 आर0सी0 पाण्डेय के विरूद्ध एकतरफा दण्डात्मक कार्यवाही को वापस लिया जाये, फतेहपुर घटना के दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये। अन्यथा की स्थिति में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के समस्त अभियन्ता 24 घण्टे पश्चात् कार्य बहिष्कार हेतु बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रबन्धन की होगी।

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