Home » Latest » उमर अब्दुल्ला- फारूक अब्दुल्ला नजरबंद !
National News

उमर अब्दुल्ला- फारूक अब्दुल्ला नजरबंद !

Omar Abdullah – Farooq Abdullah under house arrest!

उमर अब्दुल्ला ने खुद को और फारूक को नजरबंद किए जाने का दावा किया

नई दिल्ली, 14 फरवरी 2021. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज दावा किया कि अधिकारियों द्वारा बिना किसी स्पष्टीकरण के उन्हें और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला को यहां उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है।

उमर अब्दुल्ला ने ने गुप्कर रोड पर अपने निवास के बाहर तैनात सुरक्षा वाहनों की तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की और कहा कि उनकी बहन और उनके बच्चे, जो पास में ही रहते हैं, उन्हें भी नजरबंद कर दिया गया है।

क्या ट्वीट किया उमर अब्दुल्ला ने

उमर ने ट्वीट किया,

“यह अगस्त 2019 के बाद नया जम्मू-कश्मीर है। हम बिना किसी स्पष्टीकरण के अपने घरों में नजरबंद हैं। यह काफी बुरा है कि उन्होंने मेरे पिता (एक सांसद) और मुझे अपने घर में बंद कर दिया है, उन्होंने बहन और उसके बच्चों को भी उनके घर में नजरबंद कर दिया है।”

दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए श्रीनगर से बाहर जाना था।

शनिवार को, एक और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया था कि उन्हें गुप्कर रोड पर अपने निवास से बाहर जाने से रोका गया था ताकि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में किशोर अतहर मुश्ताक के परिवार के साथ मुलाकात नहीं कर सकें, जो श्रीनगर के बाहरी इलाके में 30 दिसंबर 2020 को एक मुठभेड़ में मारा गया था।

सोशल मीडिया पर हुई तीखी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों को नज़रबंद किए जाने पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।

प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी ने लिखा –

“मोदी सरकार का निंदनीय फैसला-

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया है.

सवाल यह है शहीदों को याद करने का ठेका भी अब सिर्फ मोदी-अमित शाह को ही है क्या? मारे गए शहीद थे, और आजतक सच सामने नहीं आया है।“

मोदी सरकार का निंदनीय फैसला- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे…

Posted by Jagadishwar Chaturvedi on Saturday, February 13, 2021

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Science news

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : भारतीय विज्ञान की प्रगति का उत्सव

National Science Day: a celebration of the progress of Indian science इतिहास में आज का …

Leave a Reply