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चंदौली में बेटी की मौत मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए : माले

लखनऊ, 2 मई। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने चंदौली के सैय्यदराजा थानाक्षेत्र में रविवार (एक मई) को पुलिस की पिटाई से दो बहनों में से एक की हुई मौत मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की है।

पार्टी ने कहा है कि योगी सरकार एक तरफ चार-चार किसानों व एक पत्रकार के हत्याभियुक्त मंत्रीपुत्र की जेल में भी सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रख रही है, वहीं उसकी पुलिस बाहर बहशियाना हरकतें कर रही है और अपेक्षाकृत कम गंभीर मामले के आरोपियों की धरपकड़ के नाम पर निर्दोष महिलाओं की हत्या तक कर रही है।

माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि चंदौली में अदालत द्वारा वांछित आरोपी के मनराजपुर गांव के घर पहुंची पुलिस ने खोजबीन के दौरान उसकी दो बेटियों की बर्बर पिटाई की, जिसमें से एक ने दम तोड़ दिया। बाद में जनाक्रोश को दबाने के लिए थाना प्रभारी का निलंबन किया गया, मगर हत्या के अपराध की तुलना में यह कार्रवाई बहुत मायने नहीं रखती है। एसओ समेत दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा फौरन दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और सख्त से सख्त सजा दिलायी जाए, ताकि मृतका और परिवार के साथ न्याय हो सके।

कामरेड सुधाकर ने कहा कि दलित विधायक जिग्नेश मेवानी की फर्जी गिरफ्तारी मामले में भाजपा शासित एक प्रदेश की अदालत ने हाल में टिप्पणी की कि कहीं हम ‘पुलिस स्टेट’ तो नहीं बनते जा रहे हैं! माले नेता ने कहा कि योगी शासित उत्तर प्रदेश ‘पुलिस स्टेट’ बन चुका है। यहां पुलिस सीधे फैसले करती है। चंदौली की घटना ताजा प्रमाण है।

चंदौली में बेटी की मौत मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए : माले

लखनऊ, 2 मई। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने चंदौली के सैय्यदराजा थानाक्षेत्र में रविवार (एक मई) को पुलिस की पिटाई से दो बहनों में से एक की हुई मौत मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की है।

पार्टी ने कहा है कि योगी सरकार एक तरफ चार-चार किसानों व एक पत्रकार के हत्याभियुक्त मंत्रीपुत्र की जेल में भी सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रख रही है, वहीं उसकी पुलिस बाहर बहशियाना हरकतें कर रही है और अपेक्षाकृत कम गंभीर मामले के आरोपियों की धरपकड़ के नाम पर निर्दोष महिलाओं की हत्या तक कर रही है।

माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि चंदौली में अदालत द्वारा वांछित आरोपी के मनराजपुर गांव के घर पहुंची पुलिस ने खोजबीन के दौरान उसकी दो बेटियों की बर्बर पिटाई की, जिसमें से एक ने दम तोड़ दिया। बाद में जनाक्रोश को दबाने के लिए थाना प्रभारी का निलंबन किया गया, मगर हत्या के अपराध की तुलना में यह कार्रवाई बहुत मायने नहीं रखती है। एसओ समेत दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा फौरन दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और सख्त से सख्त सजा दिलायी जाए, ताकि मृतका और परिवार के साथ न्याय हो सके।

कामरेड सुधाकर ने कहा कि दलित विधायक जिग्नेश मेवानी की फर्जी गिरफ्तारी मामले में भाजपा शासित एक प्रदेश की अदालत ने हाल में टिप्पणी की कि कहीं हम ‘पुलिस स्टेट’ तो नहीं बनते जा रहे हैं! माले नेता ने कहा कि योगी शासित उत्तर प्रदेश ‘पुलिस स्टेट’ बन चुका है। यहां पुलिस सीधे फैसले करती है। चंदौली की घटना ताजा प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि यही नहीं, यहां ‘बुल्डोजर न्याय’ भी चल रहा है, जिसमें अल्पसंख्यकों, दलितों व आदिवासियों के आशियाने अतिक्रमण-विरोध के नाम पर बिना वैकल्पिक पुनर्वास किये उजाड़े जा रहे हैं या गांवों में वर्षों से बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के नोटिसें थमाए जा रहे हैं। यह निरंकुश शासन का ही एक अन्य चेहरा है।

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