हमें वैश्विक से स्थानिक होना होगा एवं देशज तकनीकी के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजन करने होंगें – प्रो.संजय पासवान

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ऑनलाइन “राष्ट्रीय युवा संवाद” कार्यक्रम – Online “National Youth Dialogue” Program

भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे अग्रणी भूमिका है युवाओं को समृद्ध भारतीय परम्परा एवं सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना होगा – विशिष्ट अतिथि राज सिन्हा

धनबाद। नवजीवन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, धनबाद (Navjeevan Research and Development Society, Dhanbad), ह्यूमन एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, वाराणसी एवं माय ड्रीम लाइफ फाउंडेशन, जमशेदपुर (Human Empowerment and Development Society, Varanasi and My Dream Life Foundation, Jamshedpur) के संयुक्त तत्वाधान में ‘राष्ट्रीय युवा संवाद’ ( नेशनल यूथ डायलाग) का शुभारंभ उद्घाटन ‘21 वीं सदी भारत के निर्माण में युवा’ (21 वीं सदी भारत के निर्माण में युवा’) विषय पर परिचर्चा से शुरू हुआI ज्ञात हो कि ‘राष्ट्रीय युवा संवाद’ कार्यक्रम के तहत सितंबर एवं अक्टूबर माह के हर रविवार को समकालीन सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर देश भर से आमंत्रित युवाओं का व्याख्यान सह परिचर्चा होना है I

कार्यक्रम के मॉडरेटर एवं नवजीवन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, धनबाद के संयुक्त सचिव मिथलेश दास ने बताया कि उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद् के सदस्य प्रो. संजय पासवान, विशिष्ट अतिथि के रूप में, झारखण्ड के धनबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक राज सिन्हा एवं आमंत्रित वक्ता के रूप में युवा साहित्य अकादमी पुरुष्कार के सम्मानित कवि एवं साहित्यकार डॉ अनुज लुगुन एवं जमशेदपुर के जाने – माने सामाजिक कार्यकर्ता बिनॉय अम्बेर मिंज ने पूरे देश भर के 2000 से ज्यादा युवाओं को संबोधित किया जबकि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी के माननीय कुलपति प्रो. डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव कार्यक्रम की अध्यक्षता की I

मुख्य अतिथि प्रो. संजय पासवान ने कहा कि बिना युवा संवाद के देश का निर्माण संभव नहीं है, हमें वैश्विक से स्थानिक होना होगा एवं देशज तकनीकी के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजन करने होंगेंl

विशिष्ट अतिथि राज सिन्हा ने कहा कि नए भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे अग्रणी भूमिका है युवाओं को समृद्ध भारतीय परम्परा एवं सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना होगा I

आमंत्रित वक्ता डॉ अनुज लुगुन ने कहा कि हमने इतिहास को नहीं समझा, उसे समझना जरुरी है फिर वर्तमान एवं भविष्य के लिए साझा प्रयास करना चाहिएl

सामाजिक कार्यकर्त्ता बिनोय मिंज ने ग्रामीण क्षेत्रों में कैसे रोजगार सृजन किया जा सकता इस पर अपनी बात रखी l

आर.एस.पी.कॉलेज, झरिया के सहायक प्राध्यापक प्रो. रामचंद्र कुमार ने कार्यक्रम का संचालन, धनबाद की शिक्षिका प्रत्युषा मुखर्जी ने स्वागत गीत प्रस्तुत, खोरठा श्री से सम्मानित बोकारो के लोक कलाकार बिनोद कुमार महतो “रसलीन” ने लोक संगीत प्रस्तुत किया I

बी.एच.यू के प्रो. डॉ अमरनाथ पासवान ने स्वागत भाषण, छत्रपति साहू जी महाराज यूनिवर्सिटी कानपूर के प्रो. डॉ मुनेश कुमार ने परिचय भाषण,  कार्यक्रम के औचित्य पर पी. के. रॉय मेमोरियल कॉलेज, धनबाद के प्रो. डी. के. चौबे ने प्रकाश डाला जबकि धन्यवाद ज्ञापन हजारीबाग की  श्यामली सलकर ने किया I

कार्यक्रम के आयोजन समीति में नवजीवन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसायटी के संयुक्त सचिव मिथलेश दास, तकनीकी सहायक व युवा सामाजिक कार्यकर्त्ता अजय कुमार रवानी, धनबाद के युवा सामाजिक कार्यकर्त्ता जितेंद्र देवगम एवं राजन कुमार; दिल्ली यूनिवर्सिटी की सहायक प्राध्यापिका, नीतिसा खलखो; एस.आर.एस.ए.टी.टी. कॉलेज, हजारीबाग की सहायक प्राध्यापिका श्यामली सलकर;  नेताजी नागर कॉलेज, कोलकत्ता के सहायक प्राध्यापक सद्दाम; द पर्सपेक्टिव इंटरनेशनल जर्नल के उप संपादक अनिश कुमार; एस.एस.एल.एन.टी, महाविद्यालय की इंटर सेक्शन की अध्यापिका अर्पणा सिन्हा; कोलकत्ता की शिक्षिका व आदिवासी चिंतक पुजा गौतम; महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के शोधार्थी चांदनी शाह, दीनानाथ यादव एवं रजनीश कुमार आंबेडकर; जलपाईगुडी के शिक्षक मुकेश कुमार; बिलासपुर छतीसगढ़ के सामाजिक कार्यकर्त्ता शैलेश कुमार; बी.एच.यू के शोधछात्र प्रवीण कुमार पाल; दुबई में कार्यरत ग्राफिक डिज़ाइनर नितीश कुमार;  बनारस के युवा गजल गायक अशोक कुमार;  दिल्ली के युवा लेखक अलोक कुमार; जमशेदपुर की सामजिक कार्यकर्ता प्रियंका सिरका; शेरघाटी गया, बिहार के शिक्षक रजनीकांत वैद्या; विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग की एम.एड. की छात्रा सीमा कुमारी सिंह; धनबाद की शिक्षिका प्रत्युषा मुखर्जी, काकली दत्ता, राधा चौहान, मनप्रीत कौर, कंचन वर्मा, अनिता अग्रवाल, मोनिका चौधरी; आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी, गुंटुर की एम.एड. की छात्रा वाई प्रियंका आदि शामिल थें I

कार्यक्रम का मार्गदर्शन, बी.एच.यू के प्रो. डॉ अमरनाथ पासवान; छत्रपति साहू जी महाराज यूनिवर्सिटी, कानपूर के प्रो. डॉ मुनेश कुमार महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कलकत्ता स्थित क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र के निर्देशक डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’; विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग के डॉ तनवीर युनुस;  पी. के. रॉय मेमोरियल कॉलेज, धनबाद के प्रो. डी. के.चौबे; आर. एस. पी. कॉलेज, झरिया के असिस्टेंट प्रोफेसर- डॉ निलेश कुमार, प्रो. रितेश रंजन, प्रो. रामचंद्र कुमार, डॉ. श्याम किशोर प्रसाद, प्रो.एतवा टूटी, प्रो. अशोक कुमार चौबे, प्रो. विजय कुमार विश्वकर्मा; बी.बी.एम्.के.यू.,धनबाद के डॉ मुकुंद रविदास; संत कोलंबा कॉलेज, हजारीबाग के प्रो. भागवत राम आदि कर रहें हैं I

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