Home » समाचार » तकनीक व विज्ञान » अफ्रीका में हुए तीन असफल ऑपरेशन और 22 साल बाद जॉन अपने पैर पर खुद चल सका : डॉ अखिल कुलश्रेष्ठ
dr akhil kulshrestha, mr john, dr snil dagar and dr rahul shukla Yashoda Super Specialty Hospital Kaushambi, Ghaziabad

अफ्रीका में हुए तीन असफल ऑपरेशन और 22 साल बाद जॉन अपने पैर पर खुद चल सका : डॉ अखिल कुलश्रेष्ठ

पूर्वी अफ्रीका के युगांडा देश के मरीज जॉन की कौशांबी, गाजियाबाद के अस्पताल में हुई सफलतापूर्वक सर्जरी

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी, गाजियाबाद के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी :जॉन

गाजियाबाद, 25 जनवरी 2020. आज आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी, गाजियाबाद के हड्डी रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण विभाग के डॉक्टरों ने एक बड़ी उपलब्धि के बारे में बताते हुए कहा कि पूर्वीअफ्रीका के युगांडा देश के रहने वाले 54 वर्षीय मिस्टर जॉन पिछले 22 सालों से अपने पैरों पर अपने शरीर का पूरा वजन दे कर खड़े नहीं हो पाते थे और उन्हें अत्यंत दर्द होता था.

हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित ग्लोबल एग्जिबिशन ऑन सर्विसेज के दौरान उन्हें यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के बारे में पता चला तथा बेंगलुरु से जॉन सीधे यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल अपने इलाज के लिए आ गए. हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक विभाग के सीनियर डॉक्टर डॉ अखिल कुलश्रेष्ठा ने उन्हें परामर्श देकर हड्डी की सर्जरी की सलाह दी.

सभी जांचों एवं चिकित्सकीय परीक्षण के बाद जॉन की सर्जरी की गई जो कि सफल रही और अब जॉन बिना किसी मदद के अपने पैरों पर बिना किसी दर्द के ठीक से खड़े हो पाते हैं.

जॉन पहले देश-विदेश के कई अस्पतालों में अपना इलाज करा चुके हैं और उन्हें आराम नहीं मिला था और काफी पैसे भी खर्च हो चुके थे.

अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर पी एन अरोड़ा ने डॉक्टरों की टीम को सफलतापूर्वक सर्जरी के लिए बधाई दी.

जॉन अत्यंत हर्ष के साथ बताते हैं कि पिछले 22 वर्षों का दर्द यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने खत्म कर दिया और अब वह सामान्य रूप से चल-फिर सकते हैं.

डॉक्टर अखिल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स एवं जोड़ प्रत्यारोपण विभाग (Orthopedics & Joint Transplant Department of Yashoda Super Specialty Hospital) में उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं और हम घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हा प्रत्यारोपण एवं कोहनी का भी प्रत्यारोपण (Knee implants, hip implants and elbow implants) करते हैं.

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! 10 वर्ष से सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 
 भारत से बाहर के साथी पे पल के माध्यम से मदद कर सकते हैं। (Friends from outside India can help through PayPal.) https://www.paypal.me/AmalenduUpadhyaya

डॉक्टर कुलश्रेष्ठ ने कहा स्पोर्ट्स में होने वाली इंजरी के लिए  हॉस्पिटल (स्पोर्ट्स में होने वाली इंजरी के लिए  हॉस्पिटल) में दूरबीन विधि से ऑर्थोपेडिक सर्जरी करने की सुविधा भी उपलब्ध है. जॉन 30 जनवरी को अपने देश वापस जा रहे हैं और मैं बहुत ही खुश हैं और अपने परिवार से मिलने के लिए अति उत्सुक हैं.

जॉन ने यशोदा हॉस्पिटल के डॉक्टरों एवं फिजियोथेरेपी टीम जिन्होंने उनको रिहैबिलिटेशन के माध्यम से वापस खड़ी करने में मदद की उनके डॉ मुबारक, डॉ अखिलेंद्र एवं अस्पताल की पूरी टीम की सराहना की.

इस प्रेस वार्ता में हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ सुनील डागर, डायरेक्टर क्लीनिकल सर्विसेज डॉ राहुल शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुज अग्रवाल, डायरेक्टर पेशेंट केयर सर्विसेज श्रीमती राधा राणा एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी मौजूद थे.

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

Things you should know

जानिए इंटरव्यू के लिए कुछ जरूरी बातें

Know some important things for the interview | Important things for interview success, एक अच्छी …

Leave a Reply