स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो विज्ञान संचार

india international science festival 2020

दूसरे देशों के मुकाबले भारत में विज्ञान संचार पाठ्यक्रम बहुत कम संचालित होते हैं। पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने और विज्ञान संचारकों के लिए करियर के अवसर सुनिश्चित करने से इस संदर्भ में लाभ हो सकता है

पूरे छत्तीसगढ़ में किसानों ने किया मजदूर आंदोलन के साथ एकजुटता का प्रदर्शन, कल बनाएंगे किसान श्रृंखला

Chhattisgarh Kisan protest 26 November 2020. Farmers protest against agricultural laws on November 26. देशव्यापी किसान आंदोलन में जगह-जगह किसानों के प्रदर्शन

Farmers protest -मोदी सरकार द्वारा देश को कॉर्पोरेट गुलामी की ओर धकेलने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। दुनिया में आज कहीं भी 12 घंटों का कार्य दिवस नहीं है।

दमनात्मक रवैया अपनाकर मोदी सरकार किसान आंदोलन को खूनी संघर्ष की ओर धकेल रही

Farmers Protest

यह सरकार की किसानों के साथ ज्याददती ही है कि एक ओर जहां उन्हें खुले में सड़क पर रहकर कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर सरकार उन पर पानी की बौछारें कर रही हैं।

वित्तीय पूंजी के हितों के लिए किसानों के दमन से बाज आए सरकार

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नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों के दमन से बाज आना चाहिए और देशी विदेशी कारपोरेट घरानों व वित्तीय पूंजी के मुनाफे के लिए लाए किसान, मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लेना चाहिए।

किसानों पर पानी की बौछार करवाने पर प्रियंका गांधी भड़कीं, किया मोदी सरकार का विरोध

Priyanka Gandhi Vadra

प्रियंका गांधी ने कहा, कृषि कानूनों पर किसानों की आवाज सुनने के बजाय भाजपा सरकार ठंड के मौसम में उन पर पानी की बौछारें कर रही है। किसानों से सब कुछ छीना जा रहा है और सरकार बैंकों से ऋण छूट, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन पूंजीपतियों को दे रही है।

संविधान के उद्देश्यों को व्यर्थ करने वाले चैम्पियन शासक हैं नरेन्द्र मोदी !

Narendra Modi flute

मोदी की सवर्णपरस्त नीतियों के कारण ही आरक्षण लगभग कागजों की शोभा बनकर रह गया है. आज उनकी सवर्णपरस्त नीतियों के चलते भारत के जन्मजात सुविधाभोगी वर्ग का अर्थ-सत्ता, राज सत्ता, ज्ञान-सत्ता पर भी 90 प्रतिशत से ज्यादा कब्ज़ा हो चुका.

क्या बदलाव की एक नयी इबारत लिख पायेगा किसानों का यह आंदोलन ?

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

नोटबंदी से व्यापार चौपट हुआ, अनौपचारिक क्षेत्र धराशायी हो गया, तीन कृषि कानून से देश भर के किसान बेहाल और आंदोलित हैं (तीन कृषि कानून से देश भर के किसान बेहाल और आंदोलित हैं) ही कि अब नए श्रम कानून लाने की बात होने लगी।

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता की राय : धर्मांतरण कानून संविधान विरोधी ही नहीं मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी

yogi adityanath

सरकार भी अब संविधान या किसी कानून या माननीय उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की दी गई विभिन्न व्यवस्थाओं को नहीं मानती है। या यूं कहें सत्ता की हनक जो मर्जी वही करेंगे हर जोर जुल्म करने का कानून हमारा है.

भगत सिंह और आज का भारत

Bhagat Singh

रौलेट एक्ट की तरह ही आज बहुत सारे कानून देश के नागरिक और श्रमिक वर्ग पर देश के शासक वर्ग द्वारा लागू किए गए हैं जो पूरी तरह से संविधान विरोधी एवं अलोकतांत्रिक हैं।