मोदी ने बताया खराब क्वालिटी के बावजूद 13 सालों में पंजाब ने नहीं मप्र ने खरीदा सबसे ज्यादा गेहूँ, क्यों ?

BJP-RSS government bent on suppression due to successful farmer movement

Despite the poor quality, in 13 years, not Punjab, but Madhya Pradesh bought the maximum wheat, why? केंद्र सरकार ने मप्र को 80% तक कमजोर गेहूं खरीदने की छूट दी 13 सालों में मप्र में गेहूँ की सरकारी खरीदी लगभग 230 गुणा बढ़ी है! इस आलेख में मप्र में किसान आंदोलन,मप्र में गेहूं की सरकारी खरीद, Government procurement of wheat …

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14 दिसम्बर के देशव्यापी किसान आंदोलन को माकपा का समर्थन, 130 करोड़ भारतवासी किसानों के साथ

Chhattisgarh Kisan protest 26 November 2020. Farmers protest against agricultural laws on November 26. देशव्यापी किसान आंदोलन में जगह-जगह किसानों के प्रदर्शन

कहा — किसान विरोधी कानून वापस ले सरकार और बनाये सी-2 लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य का कानून CPI(M)’s support to the nationwide farmer movement of December 14, said – the government should withdraw the anti-farmer law and make the law of support price 1.5 times of C-2 cost इस छत्तीसगढ़ समाचार में किसान आंदोलन की ताज़ा ख़बर, किसान …

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किसान आंदोलन ने बताया भारतीय किसानों में हनुमानजी की शक्ति है – जस्टिस मार्कंडेय काटजू

Hanuman ji

The Kisan agitation has shown that Indian farmers have the power of Hanumanji. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू का ताजा साक्षात्कार The latest interview of Justice Markandey Katju, retired Supreme Court judge नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2020. केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन और तेज हो गया है। इस …

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मुद्दा : क्या खोए फौजी का भी कोई मानवाधिकार है?

Opinion, Mudda, Apki ray, आपकी राय, मुद्दा, विचार

Issue: Do lost soldiers also have human rights? जब हम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस (International Human Rights Day) का जश्न मना रहे हैं, यह पूछना लाजिमी है कि देश के किसी खोए फौजी का भी कोई अधिकार है, जिसे हम धड़ल्ले से कह सकें। यह सवाल उस देश में शर्मिंदगी का सबब हो सकता है, जो अपने फौजियों की जिंदगी और …

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एय बे उसूल ज़िंदगी/ फ़ाश कहाँ हुए तुझपे/अब तलक जन्नतों के राज़ …

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

एय बे उसूल ज़िंदगी फ़ाश कहाँ हुए तुझपे अब तलक जन्नतों के राज़ … सय्यारों के पार रहते हैं जो ज़मीन पर हमने तो नहीं देखे हज़ारों साल से लगी है तू अपनी पुरज़ोर कोशिशों में … मगर अब तक धूल तक ना पा सकी है वहाँ की … देखा …, कितने परदों में संभाल रखा है उन्होंने अपनी हर …

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अगर आप को लगता है कि नया कृषि कानून केवल किसानों का ही अहित करेगा तो जनाब जरा सावधान हो जाएं

Farmers Protest

नए कृषि कानूनों के विधिक परीक्षण की आवश्यकता है Farm bills 2020 explained | new bill for farmers in hindi अगर आप को लगता है कि नया कृषि कानून केवल किसानों का ही अहित करेगा तो यह आप का भ्रम है। कृषि और किसानों के विषय पर नियमित अध्ययन और लेखन करने वाले पत्रकार, पी साईंनाथ ने द वायर में …

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ग्रेटा थुनबर्ग: जलवायु संकट पर ‘हम गलत दिशा में जा रहे हैं’

Greta Thunberg

Greta Thunberg: ‘We are speeding in the wrong direction’ on the climate crisis नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2020. पेरिस समझौते के पांच साल पूरा होने पर पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने कहा है कि जलवायु संकट पर ‘हम गलत दिशा में जा रहे हैं’ लगभग तीन मिनट के एक वीडियो में ग्रेटा थुनबर्ग ने कहा कि पेरिस समझौता 5 साल …

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पीएम का चंदौली वाला जुमला ‘काला चावल’ सब्जबाग

Narendra Modi flute

Chandauli district status rejects PM Modi’s ground reality अभी हाल ही में मोदी जी ने वाराणसी दौरे के समय अपनी सरकार द्वारा लाए कृषि कानूनों पर बात रखते हुए वाराणसी से अलग होकर बने चंदौली जनपद के किसानों द्वारा काला चावल प्रजाति के चावल की खेती के अनुभव (Experiences of rice cultivation of black rice species) बताते हुए कहा कि …

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जानिए नये कृषि कानून में शर्मनाक जमाखोरी को क्यों वैध बनाया गया है ?

CITU

Know why hoarding has been legalized under the new agricultural law? : Vijay Shankar Singh 8 दिसंबर, को किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया था। बंद सफल रहा। सबसे उल्लेखनीय बात थी कि, इस बंद में देश मे कहीं से भी हिंसा के समाचार नहीं मिले। लंबे समय के बाद, देश में …

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जस्टिस काटजू ने किसान आंदोलन को सराहा, दुआ की – भारतीय किसान लंबे समय तक जीवित रहें

Justice Markandey Katju

Justice Katju praised the peasant movement – Long live the Indian farmers! नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2020. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन की सराहना करते हुए भारतीय किसानों की लंबी उम्र की कामना की है। हस्तक्षेप डॉट कॉम के अंग्रेजी पोर्टल https://www.hastakshepnews.com/ पर अंग्रेजी में लिखे एक लेख में जस्टिस …

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नील हरित शैवाल में प्रोटीन उत्पादन बढ़ाने की नयी तकनीक

Cyanobacteria

New technique to increase protein production in Cyanobacteria जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्या है ? | What is Biological nitrogen fixation BNF? नई दिल्ली, 10 दिसंबर : पौधों के विकास के लिए नाइट्रोजन एक जरूरी पोषक तत्व है। रासायनिक उर्वरकों के अलावा शैवाल तथा कुछ जीवाणु प्रजातियां वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके मिट्टी तथा पौधों को पोषण देती हैं और फसल …

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किसान कानूनों को वापस कराने को सब कुछ भूल बस किसान बनना होगा!

Farmers Protest

किसान कानूनों पर सरकार का प्रस्ताव ठुकराने के बाद किसान आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। किसानों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए जहां जनप्रतिनिधियों को घेरने के साथ ही विभिन्न राजमार्ग जाम करने की नीति बनाई है तो मोदी सरकार किसान संगठनों में फूट डालकर आंदोलन को तोड़ने में लग गई है। इसमें दो राय नहीं …

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अजीत जोगी : एक ऐसा राजनेता श्वेत और श्याम के बीच जो स्लेटी रंग को नहीं मानता था… ललित सुरजन की कलम से

Lalit Surjan

Ajit Jogi (अजीत जोगी) | अजीत जोगी का जीवन परिचय | अजीत जोगी बायोग्राफी | Ajit Jogi Biography देशबन्धु : चौथा खंभा बनने से इंकार – 27 छत्तीसगढ़ का एक पृथक राज्य के रूप में उदय हुआ तो स्वाभावत: प्रदेश में सभी ओर उल्लास का वातावरण निर्मित हुआ। जनता के मन में विश्वास जागा कि उसकी आशाएं- आकांक्षाएं पूरी होने …

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इलेक्ट्रॉन से हिग्स पार्टिकल तक : पार्टिकल फ़िज़िक्स की दीर्घ शताब्दी

Science news

From the Electron to the Higgs: The Long Twentieth Century of Particle Physics • रवि सिन्हा सन 1897 में जे जे थॉमसन ने कैवेंडिश लेबोरेटरी में इलेक्ट्रॉन की खोज जिस कैथोड रे ट्यूब नाम के उपकरण से की, वह एक छोटे से टेबल पर रक्खा जा सकता था. सन 2012 में जिस लार्ज हेड्रॉन कोलाइडर में हिग्स पार्टिकल की खोज …

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हवा में चुनाव और जमीन पर भुखमरी ! मीडिया मस्त, जनता पस्त

Bihar assembly election review and news

The election in the air and starvation on the ground! Media hot, battered public अक्तूबर-नवम्बर में बिहार विधान सभा का चुनाव संपन्न हुआ। एक महीना से अधिक हो गया और अब सब शांति है। समय है एक सही समीक्षा का। यहाँ एक कोशिश की गयी है। कई दल और “फ्रंट” (मोर्चा) अपने-अपने लुभावने वादे, घोषणा पत्र, आदि लेकर जनता के …

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अंततः वैश्विक अर्थव्यवस्था को संवारता दिख रहा है पेरिस समझौता

No country in the world is right to meet the goals of the Paris Agreement

Finally, the Paris Agreement is seen to be helping the global economy India’s journey under the Paris Agreement, 2015-2020 कोविड महामारी के बीच पर्यावरण (environment), जलवायु परिवर्तन (Climate change), और अर्थव्यवस्था पर इन सबके असर के हवाले से एक बढ़िया ख़बर आ रही है। और खबर ये है कि पेरिस समझौते का असर शामिल देशों की कथनी और करनी में …

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लापता पैर : विमर्शों, कल्पनाओं और यथार्थ के मिश्रण से उपजी कहानियाँ

Lapta-Pair-Cover-07

पुस्तक समीक्षा | Book review हिंदी कथा साहित्य में हिंदी कहानी का आरंभ माधवराव स्प्रे की कहानी ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ से आरम्भ हुआ माना जाता है। यह कहानी सन् 1901 में प्रकाशित हुई थी। हिंदी की पहली कहानी को लेकर हालांकि अलग-अलग विद्वानों का अलग-अलग मन्तव्य है। हिंदी कहानियों के क्रम में लघु कथा की अगर बात करें तो …

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अदालत की टिप्पणी से सरकार को शर्मिंदा होना चाहिए – शाहनवाज़ आलम

Shahnawaz Alam Yogi Adityanath

The government should be ashamed of the court’s comment – Shahnawaz Alam मऊ के तत्कालीन एसएसपी और सीओ हों निलंबित – शाहनवाज़ आलम इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तबलीगी जमात में शामिल होने वाले मऊ के नाबालिग पर हत्या का प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज करने को शक्ति का दुरुपयोग बताया इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तबलीग जमात में शामिल होने वाले …

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हिन्दू-मुस्लिम एकता और आज़ादी के नायक – मौलाना मोहम्मद अली जौहर

मौलाना मोहम्मद अली जौहर { Muhammad Ali Jauhar (10 December 1878 – 4 January 1931), also known as Maulana Mohammad Ali Jauhar (Urdu: مَولانا مُحمّد علی جَوہر), }

Maulana Mohammad Ali Jauhar – the hero of Hindu-Muslim unity and freedom 10 दिसंबर मौलाना मोहम्मद अली जौहर की जयंती पर विशेष : 10 December special on the birth anniversary of Maulana Mohammad Ali Jauhar “दौर-ए-हयात आएगा क़ातिल क़ज़ा के बाद, है इब्तिदा हमारी तिरी इंतिहा के बाद।” मौलाना मोहम्मद अली जौहर { Muhammad Ali Jauhar (10 December 1878 – …

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पर्यावरण अनुकूल निवेश ला सकते हैं उत्सर्जन में 25 फीसद तक कमी : संयुक्त राष्ट्र

Climate change Environment Nature

UNEP’s global analysis looks at the gap between the actions we’re taking and what’s required to keep the climate within agreed thresholds. “UNEP’s Emissions Gap Report 2020” is the leading analysis on the gap between anticipated emissions levels in 2030 compared to levels consistent with a 2°C/1.5°C target How do we stop climate change | हम जलवायु परिवर्तन को कैसे …

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नए कृषि कानून : नये दौर की ग़ुलामी के आसार

Today's Deshbandhu editorial

New Agricultural Laws: New era of slavery expected देशबन्धु में संपादकीय आज. Today’s Deshbandhu editorial मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर कई दिनों से आंदोलनरत किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया था, जिसका व्यापक असर देश में देखने मिला। बंद पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण रहा। कई जगह रास्ते …

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