इस्लाम ने शिक्षा को बताया कामयाबी की राह

imran khan and sheikh hasina

पाकिस्तान और बंग्लादेश इस्लामिक देश, एक ने आतंक को चुना तो दूसरे ने शिक्षा और विज्ञान।

Pakistan and Bangladesh are Islamic countries, one chose terror and the other education and science.

आधुनिक समाज में इस्लाम के बारे में सबसे बड़ी यह गलत धारणा (The biggest misconception about Islam in modern society) बन गई है कि ये एक आतंकवादी धर्म है तथा हर एक मुसलमान आतंकवादी है। जबकि इस्लाम एक शांतिप्रिय धर्म है तथा एकसुरता का प्रचारक है। ये अबोधों की हत्या तथा मानवता के संहार को मना करता है। दुर्भाग्य से कुछ आतंकवादी दलों का नाम इससे जुड़ने के कारण सम्पूर्ण धर्म का नाम कलंकित किया जारहा है।

अल्लाह के रसूल मोहम्मद (स) और उनके सहाबा(मित्रों) ने शिक्षा पर बल दिया था, कुरआन का पहला शब्द इक़रा है, जिसका अर्थ है ‘पढ़’।

अल्लाह के रसूल मोहहमद(स) ने कहा था शिक्षा हासिल करो चाहे इसके लिये तुम्हें चीन भी क्यों नहीं जाना पड़े।

इस्लाम धर्म के प्रचार के लिए व्यापार और शिक्षा को प्राथमिकता दी गयी। विश्व में आज जो देश महाशक्ति बन चुके हैं, वे सभी शिक्षा एवं विज्ञान की राह पर चलकर ही महाशक्ति बन पाये हैं।

इस्लाम के नाम पर बनने वाला देश पाकिस्तान की स्थिति दयनीय हो गयी है जबकि बांग्लादेश ने खुद को आज स्थापित कर लिया है, उसकी अर्थव्यवस्था पाकिस्तान से कहीं बेहतर है। इसका सिर्फ एक कारण है पाकिस्तान ने अपने युवाओं के हाथों में कलम के बजाय हथियार थमा दिया और धर्म की परिभाषा ही बदल डाली। जिस धर्म ने शिक्षा पर बल दिया था उसी धर्म के नाम पर पाकिस्तान के शासकों ने युवाओं को आतंकवाद और जंग के रास्ते पर धकेल दिया।

विश्व भर में इस्लाम की गलत छवि पेश करने में पाकिस्तान अग्रिम पंक्ति में खड़ा नज़र आता है यही वजह है कि आज पाकिस्तान तबाही के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश जैसा छोटा देश शिक्षा, विज्ञान एवं कड़ी मेहनत से आर्थिक रूप से पाकिस्तान से कहीं बेहतर स्थिति में है।

बंग्लादेश ने युवाओं को कड़ी मेहनत और शिक्षा को हथियार बनाने की सीख दी, जिसके फलस्वरूप  बंगलादेशियो ने न केवल मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड में नौकरियों के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है बल्कि वह इन देशों में बड़े – बड़े वाव्यसाय भी चला रहे हैं। आज अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ उन्होंने अपने देश को एक स्थिर स्थिति में ला दिया है। पाकिस्तानियों की तरह उन्होंने लपफाजी और आतंकवाद का रास्ता नहीं अपनाया बल्कि  संघर्ष और कड़ी मेहनत पर बल दिया।

Hina Hassan wife of Shahamawaz hasan Ranchi
हिना हसन, लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

आज पूरी दुनिया खुली आंखों से ये देख रही है कि बांग्लादेश कहाँ खड़ा है और पाकिस्तान कहाँ पहुँच गया है।

बंग्लादेश ने इस्लाम की मूल शिक्षा (Basic Education of Islam) को ग्रहण किया, अपने युवाओं को शिक्षित किया और व्यापार पर बल दिया जब्कि पाकिस्तान ने धर्म की गलत व्याख्या कर युवाओं के हाथ में हथियार देकर उन्हें आतंकवाद की राह में झोंक दिया। नतीजा आज दुनिया के सामने है, आज पाकिस्तान के शासक भी अपने बोय हुये आतंकवाद के पेड़ के भुक्तभोगी बन गये हैं और आज पाकिस्तान, अफगानिस्तान की तरह तबाही के दहाने पर खड़ा है।

हिना हसन

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