हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार तपेन्द्र प्रसाद शाक्य के “पैर के छाले सच्चे हैं”, बाकी सब झूठे हैं

Tapendra Prasad Shakya Saahityik Kalrav Poem recitation

सब झूठे हैं, पैर के छाले सच्चे हैं

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Literary section of hastakshep.com’s YouTube channel) में इस रविवार पूर्व आईएएस अधिकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री तपेन्द्र प्रसाद शाक्य का काव्य पाठ (Poetry recitation of Tapendra Prasad Shakya) होगा।

साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि काव्य और लेखन तपेन्द्र प्रसाद शाक्य जी के बहुआयामी व्यक्तित्व का एक पहलू है। आपको किताबों से बेहद  लगाव है, यह आपकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा है। आपने विभिन्न लेखकों को पढ़ा है, अपना ज़रा सा भी ख़ाली समय आप व्यर्थ नहीं करते, उसे साहित्य पढ़ने में लगाते हैं, यहाँ तक कि राजनैतिक उद्देश्य को पूरा करने में जो आपकी यात्रा होती है उसमें सह यात्री किताबें ही होती हैं।

डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि श्री शाक्य किताबों से अर्जित ज्ञान को अपने अनुभवों में उतार कर समाज बदलने में लगातार लगे हैं। आपने शिक्षा जिन अभावों से प्राप्त की, उसने आपके दिल पर गहरा असर किया। शिक्षा ने आपको स्थापित किया तो आप स्वयं तक ही सीमित नहीं रहे, आपने अपने जैसे कई ग्रामीण, सुविधाओं से विपन्न बच्चों के लिये गाँव में पूरी सुविधाओं से परिपूर्ण सीबीएसई से मान्यता प्राप्त विशाल इन्टरमीडिएट विद्यालयों का निर्माण किया जिसमें से एक बरेली के गाँव केसरपुर से बेहद नज़दीक है। एक पब्लिक स्कूल नौशेरा बदायूँ में है और एक स्कूल इलाहाबाद में है।

About Tapendra Prasad Shakya in Hindi

तपेन्द्र प्रसाद शाक्य का जन्म इलाहाबाद के गाँव मांडा में हुआ, जहाँ भारत के आठवें प्रधानमंत्री वी पी सिंह की सात आँगन, सात दरवाज़ों वाली हवेली है। श्री शाक्य का जन्म मामूली किसान परिवार में हुआ। अपने परिवार में इनका पढ़ाई में ज़्यादा रुझान था। गाँव की समस्याओं से ख़ुद दो-चार होने वाले इस शख़्स ने बचपन अभावों और आर्थिक तंगी में काटा। स्कूल गाँव में पन्द्रह किलोमीटर दूरी पर था, जहाँ आपने पैदल तो कभी साइकिल से निकले तो बाक़ी पेट शिक्षा से ही भर लिया। यूं ही संघर्ष करते हुए आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आपने इतिहास में एम.ए. किया।

14 अगस्त 1983 से 2013 तक आप प्रशासनिक सेवा में रहे। अपने प्रशासनिक कार्यकाल में आप विभिन्न जिलों में विभिन्न पदों पर रहे, जिसमें एक ही शहर में दो-दो बार भी आपने अपना कार्य भार संभाला। बदायूँ में आपने एडीएम फांइनेंस, बरेली में एडीएम फाइनेंस, आरएफसी व अपर नगर आयुक्त के पद भार को संभाला।

रामपुर आप में एसडीएम मिलख, सिटी मिजिस्ट्रेट, एडीएम, मुरादाबाद में एडीएम सिट , उपनिदेशक मंडी और मुख्य विकास अधिकारी रहे।

बलिया व इटावा में सीडीओ, फ़र्रूख़ाबाद में एसडीएम कन्नौज, छिबरामऊ, क़ायमगंज फ़र्रूख़ाबाद में डिप्टी डायरैक्टर, मैनपुरी व सुल्ताननगर में एसडीएम और फिर 2012 में आईएएस प्रमोट हो गये। अपनी प्रशासनिक सेवा से 6 वर्ष पूर्व वीआरएस लेकर आप समाजवादी पार्टी में दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री रहे। फिर आपने वहाँ से त्यागपत्र देकर स्वयं की राजनैतिक पार्टी का सम्यक पार्टी का गठन किया, जिसके आप वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

आप की लेखनी मज़दूरों और सर्वहारा के दर्द को बयां करती है, क्योंकि आप उनकी जड़ों से आधारभूत समस्याओं से बख़ूबी परिचित हैं, आपका कार्य क्षेत्र भी वही है, सो समय-समय पर लेखनी से आप सोई सत्ता को जगाने का प्रयास करते रहते हैं।

तो इस रविवार 26 जुलाई 2020 को ठीक शाम 4 बजे हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल पर सुनना न भूलें तपेन्द्र प्रसाद शाक्य का काव्य पाठ, नीचे लिंक पर जाकर रिमांडर सेट करें।

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