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Police attack on women protesting at Lucknow Clock tower

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को खुली जेल में तब्दील किया – अजीत यादव

यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी अगेंस्ट CAA ,NRC &NPR ने लखनऊ घंटाघर पर धरनारत महिलाओं पर पुलिसिया हमले की निंदा की

धरनारत महिलाओं पर पुलिस हमला योगी सरकार की कायरतापूर्ण कार्यवाही  – अलीमुल्लाह खान  

लखनऊ, 20 मार्च 2020. यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी अगेंस्ट CAA , NRC&NPR ने लखनऊ में घंटाघर पर लंबे समय से CAA, NRC और NPR के खिलाफ शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से धरनारत महिलाओं पर पुलिसिया हमले की निंदा की है।

आज जारी बयान में यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी के सह संयोजक अलीमुल्लाह खान व अजीत सिंह यादव ने धरनारत महिलाओं पर पुलिस हमले को योगी सरकार की कायरतापूर्ण कार्यवाही बताते हुए प्रतिवाद दर्ज किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस हमले में कई महिलाएं बेहोश हो गईं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आरएसएस/भाजपा की योगी सरकार ने पूरे सूबे को खुली जेल में तब्दील कर दिया है। नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रोज हत्या की जा रही है। शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन और लोकतांत्रिक विरोध पर पाबंदी के लिए योगी सरकार धारा 144 का अनुचित प्रयोग कर रही है। सूबे में हालात आपातकाल से भी बदतर हो गए हैं।

योगी और भाजपा /आरएसएस के जो नेता तीन तलाक में मसले पर मुसलमान महिलाओं के बड़े मददगार होने का नाटक कर रहे थे अब वही महिलाएं जब संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं तो उनपर पुलिसिया दमन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीनबाग पर सुनवाई के दौरान यह अभिमत दिया था कि CAA का विरोध करना संवैधानिक है। लेकिन योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के अभिमत का अपमान कर CAA विरोधियों के साथ आतंकियों जैसा सलूक कर रही है।

उन्होंने कहा कि CAA, NRC और NPR के खिलाफ उत्तर प्रदेश और पूरे देश में चल रहे आंदोलन दरअसल तानाशाही के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अहिंसक जनप्रतिरोध का नया मॉडल हैं। सरकार चाहे कितना भी दमन कर ले आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी सूबे में सभी लोकतांत्रिक सेक्युलर ताकतों को एकजुट कर योगी सरकार की तानाशाही को परास्त करेगी।

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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