आज मास्साब का जन्मदिन है

Ansuni Awaz

नमस्कार साथियों!

आज मास्साब का जन्मदिन है। मास्साब के बगैर हम उनका तीसरा जन्मदिन मना रहे हैं।

उनके मिशन पर काम करते हुए शायद ही कोई दिन गया होगा, जब हमने उन्हें याद न किया हो।

समाज परिवर्तन की लड़ाई में प्रेरणा-अंशु परिवार आपके बताये रास्ते पर चल रहा है। हम हर स्थिति में आपके विचार को हवा-पानी देते रहेंगे और एक बेहतर वातावरण, प्रकृति तैयार करने के संघर्ष को आगे बढ़ाते रहेंगे।

मास्साब आपको प्रणाम और लाल सलाम!??????

हम लोग मास्साब के सम्पादकीय का संग्रह अनसुनी आवाज और कृषि विमर्श पर उनकी किताब गांव और किसान प्रकाशित कर चुके हैं।

हम उनके मिशन के तहत गांव गांव जाकर सामाजिक सांस्कृतिक आंदोलन तेज करने में लगे हैं और छात्रों, युवाजनों के साथ निरन्तर सम्वाद करते हुए महिलाओं और समाज के कमजोर तबकों, मेहनतकशों को बराबरी और न्याय दिलाने की लड़ाई में शामिल है।

मास्साब के बनाये समाजोत्थान संस्थान के तहत समाजोत्थान विद्या मंदिर अब क्षेत्र की महत्वपूर्ण शिक्षा संस्था है। अंग्रेजी माध्यम से इलाके के बच्चों को शिक्षित करते हुए जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें प्रतिष्ठि त करने के लिए समाजोत्थान स्कूल शुरू हो चुका है।

इस साल हम मास्साब की जीवनी के साथ साथ तराई और भारत विभाजन के शिकार बंगाली समाज के इतिहास पर काम कर रहे हैं।

लॉक डाउन के बावजूद मास्साब की पत्रिका प्रेरणा अंशु का  नियमित प्रकाशन कर रहे हैं। पूरे देश के जन प्रतिबद्ध लोग मास्साब के इस मिशन से जुड़ चुके हैं और पत्रिका देश के कोने कोने में पहुंच रही है।

यह सब जनता और आपके सक्रिय समर्थन से सम्भव हो पा रहा है। आप सभी से सहयोग और समर्थन बनाये रखने के लिए अनुरोध करते हैं ताकि मास्साब के मिशन को और व्यापक और कारगर बनाया जा सके।

पलाश विश्वास

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें