प्रतापगढ़ के पत्रकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत : मुरादाबाद में जर्नलिस्ट यूनियन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

प्रतापगढ़ के पत्रकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत : मुरादाबाद में जर्नलिस्ट यूनियन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

कवरेज करके लौट रहे पत्रकार की हुई थी संदिग्ध परिस्थिति में मौत

मुरादाबाद यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा प्रतापगढ़ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या को लेकर आज मुरादाबाद कमिश्नर को एक ज्ञापन देकर सीबीआई जांच और सरकार द्वारा 50 लाख का मुआवज़ा देने की मांग की।

मुरादाबाद (14 जून): यू.पी. वर्किंग जर्नालिस्ट यूनियन के अध्यक्ष फ़हीम ख़ान, महामंत्री रितेश द्विवेदी के नेतृत्व में 25 सदस्य प्रतिनिधि मण्डल ने मण्डल आयुक्त मुरादाबाद को ज्ञापन देते हुए इस घटना की सी.बी.आई जांच की मांग की और पीडित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का मुतालबा किया ।

एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि थाना क्षेत्र लालगंज के असरही गाँव में पुलिस की छापामारी कार्यवाही की कवरेज करने गए टीवी चैनल के पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लालगंज पुलिस एवं एटीएस के संयुक्त छापामार अभियान में असरही गाँव में अवैध असलहा बनाने की एक फैक्ट्री रविवार को पकड़ी गई जिसमें छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही भारी संख्या में असलहों का जखीरा भी बरामद किया गया। इस छापामारी का कवरेज करने जनपद के सहोदर पश्चिम, स्टेशन रोड निवासी सुलभ श्रीवास्तव भी गए हुए थे। उनकी एक दुर्घटना में मौत होना बताया जा रहा है। घर न पहुँचने पर घरवाले जब परेशान हुए तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में पता चला की कटरा रोड पर एक ईंट के भट्टे के पास उन्हें घायल अवस्था में पाया गया, जहाँ से जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुलभ श्रीवास्तव एबीपी न्यूज चैनल के जिला संवाददाता थे। वह शराब माफियाओं पर भी काफी मुखर होकर अपने चैनल में खबरों को चलाते रहे थे उन्हें भय था कि उनकी जान को खतरा है। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने 12 जून को प्रयागराज के अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अपने जानमाल की रक्षा करने की गुहार की थी। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से आखिरकार एक युवा पत्रकार को काल कवलित होना पड़ा। उनकी मृत्यु से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश है।

य़ूनियन ने कहा है कि उनकी मौत को एक दुर्घटना नहीं माना जा सकता। अंदेशा इस बात का लगाया जा रहा है कि उनकी हत्या की गई है। पुलिस की लापरवाही देखते हुए यू.पी.वर्किंग जर्नालिस्ट यूनियन ने मांग की है कि प्रदेश सरकार अपना हस्तक्षेप करते हुए इस घटना की सी.बी.आई. जांच कराए जिससे लोगों के सामने सच्चाई सामने आ सके ।

Pratapgarh journalist dies under suspicious circumstances. Journalists union submitted memorandum to the commissioner in Moradabad

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