पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि जनविरोधी

CPI ML

Price hike of petrol and diesel is Anti-people

योगी सरकार के रिकवरी अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी न देने की अपील

किसानों को असमय बारिश-ओलों से हुए नुकसान पर ठोस मदद पहुंचाने की मांग

लखनऊ, 14 मार्च। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने पेट्रोल-डीजल पर तीन-तीन रुपये प्रति लीटर एक्साइज-सेस बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले को घोर जनविरोधी बताते हुए कहा है कि इसके बजाय सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल मूल्य में गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को देकर महंगाई की मार को कम करने में उनकी मदद करनी चाहिए थी।

इसके अलावा, पार्टी ने वसूली के लिए सीएए-विरोधियों की लखनऊ में लगे होर्डिंग मामले में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से बैरंग लौटाए जाने के बाद योगी सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश को अपने गैर-संवैधानिक व गैर-कानूनी कृत्य को जायज ठहराने की निरशोन्मत्त कोशिश करार दिया है।

साथ ही पार्टी ने कहा है कि किसानों पर असमय बारिश-ओला के रूप में आसमान से बरसी आफत पर त्वरित व ठोस मदद पहुंचाने की जगह प्रदेश सरकार उसका दिखावा भर कर रही है, जबकि रबी-तिलहन-दलहन से लेकर आम उत्पादकों तक को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

शनिवार को जारी बयान में पार्टी के राज्य स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) सदस्य अरुण कुमार ने उपरोक्त बातें कही।

उन्होंने रिकवरी अध्यादेश को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य की निरंकुश शक्तियों में इजाफा होगा जिसका उपयोग नागरिक प्रतिवादों को कुचलने के लिए किया जाएगा। यह काला अध्यादेश है और भाकपा (माले) राज्यपाल से इसे मंजूरी न देने की अपील करती है।

Demand for financial assistance to the families of the dead in rain-hail deaths

उन्होंने किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने के अलावा बारिश-ओलों से हुई मौतों में मृतकों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता देने की मांग की।

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