प्रियंका ने ऑक्सीजन एक्सपोर्ट पर सवाल उठाया, कहा, मोदी चुनावी सभाओं में हंसते नजर आ रहे हैं

प्रियंका ने ऑक्सीजन एक्सपोर्ट पर सवाल उठाया, कहा, मोदी चुनावी सभाओं में हंसते नजर आ रहे हैं

प्रियंका गांधी ने कहा था कि जब जनता की जान बचाने की जरूरत है, तब प्रधानमंत्री चुनावी रैलियां कर हंस रहे हैं

नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2021. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra) ने ऑक्सीजन निर्यात (Oxygen export) का मुद्दा ऐसे समय में उठाया है जब देश इस समय भारी ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा,

“2019-20 में निर्यात 4,503 मीट्रिक टन था जो 2020-21 में बढ़कर 9,300 मीट्रिक टन हो गया है। हमारे पास ऑक्सीजन की कमी नहीं है, सबसे बड़े निर्माता हैं और महामारी के खतरे के बावजूद निर्यात दोगुना हो गया है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मृत्यु के लिए कौन जिम्मेदार होगा।”

प्रियंका ने अंग्रेजी में ट्वीट किया,

“शर्मनाक स्थिति।

दुनिया के सबसे बड़े ऑक्सीजन उत्पादक देशों में से एक को आयात करने के लिए मजबूर किया जा रहा है क्योंकि इसका नेतृत्व अपने ही निराश नागरिकों को ऑक्सीजन देने में विफल है।

उन्होंने 2020 में महामारी के बीच में दोहरा निर्यात क्यों किया?”

प्रियंका ने सवाल किया

“क्या भारतीयों का जीवन महत्व नहीं रखता है? ”

दिल्ली के अस्पतालों में मंगलवार को ऑक्सीजन की भारी कमी देखी गई है और गंगाराम जैसे अस्पताल में लोगों की जान बचाने के लिए सरकार को एसओएस भेजना पड़ा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा था कि कोरोना की वैश्विक महामारी के दौरान लोग इलाज के अभाव में मर रहे हैं। सरकार का फोकस स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर होना चाहिए था। यह वक्त चुनावी रैलियां करने का नहीं है। ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री मोदी को पीड़ित जनता के आंसू पोंछना चाहिए था, इस महामारी से जनता को बचाना चाहिए था, तब वो रैलियां कर रहे हैं और चुनावी सभाओं में हंसते नजर आ रहे हैं।

एक सप्ताह हो गया है, भारत में 15 अप्रैल से रोजाना कोरोना के 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। भारत में बुधवार को पिछले 24 घंटों में 2,95,041 नए मामलों का अबतक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया। स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इसके साथ ही देश में कोरोना की कुल 1.56 करोड़ हो गई है।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.