फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी “तीसरी कसम” में ‘प्रेम’। प्रोफेसर सुधा सिंह का संवाद

फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी “तीसरी कसम” में ‘प्रेम’। प्रोफेसर सुधा सिंह का संवाद

Prof. Sudha Singh Teesari Kasam men prem. |#hastakshep | #हस्तक्षेप |  उनकी ख़बरें जो ख़बर नहीं बनते.

क्या नवजागरण में स्त्री की मुक्ति का एजेंडा था?

नवजागरण के मुद्दे, स्त्री के मसले नहीं थे।

स्त्री को जो स्वतंत्रता मिली क्या वह साहित्य के कारण मिली?

स्त्री को जो स्वतंत्रता मिली क्या वह साहित्य के कारण नहीं मिली? जितने राजनीतिक सामाजिक आंदोलन चले उसके कारण स्त्री का अपना एक स्पेस बनता है।

बंकिम की भारत माता का स्वरूप कैसा था?

तीसरी कसम की जो रचनात्मक स्थिति है जो उसकी बनावट है अगर रेणु की भाषा में कहें तो वह अधीन है।

फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी “तीसरी कसम” की समीक्षा के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुधा सिंह से इन वीडियो संवाद में समझें स्त्री की मुक्ति का एजेंडा, नवजागरण के मुद्दे, स्त्री के मसले :

‘Prem’ in Phanishwar Nath Renu’s story “Teesri Kasam”. Dialogue by Professor Sudha Singh

Hindi Story Teesri Kasam by Phanishwar Nath Renu.

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